हरियाणा सरकार का बजट 2026-27: ग्रामीण अर्थव्यवस्था, किसानों और महिलाओं पर विशेष ध्यान, नए वेडिंग डेस्टिनेशन की घोषणा

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राज्य का 2.23 लाख करोड़ रुपए का बजट पेश किया. इस बार हरियाणा सरकार के बजट में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर फोकस किया गया है.

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03 Mar 2026
( Updated: 03 Mar 2026
05:03 PM )
हरियाणा सरकार का बजट 2026-27: ग्रामीण अर्थव्यवस्था, किसानों और महिलाओं पर विशेष ध्यान, नए वेडिंग डेस्टिनेशन की घोषणा

बजट को लेकर मंगलवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि कल पेश किए गए बजट में हर वर्ग का ध्यान रखा गया है. बजट में महिलाओं का ध्यान रखा गया है. युवाओं, किसानों और गरीबों का ध्यान रखा गया है. उन्होंने कहा कि आने वाले समय में विकसित हरियाणा गति से आगे बढ़ेगा. यह पीएम मोदी के संकल्प को पूरा करने वाला बजट है. पीएम मोदी के विकसित भारत के संकल्प को हरियाणा सशक्त करेगा. 

विदेश जाने की जरूरत नहीं, राज्य में वेडिंग डेस्टिनेशन

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में एक शब्द कहा था. उन्होंने कहा कि भारत से बड़ी संख्या में लोग शादियों के लिए विदेश जाते हैं. यहां के विवाह स्थलों में ऐसी सुविधाएं होनी चाहिए कि हमारे लोगों को विदेश जाने की जरूरत ही न पड़े, उन्हें ये सुविधाएं यहीं मिल जाएं. उन्होंने कहा कि कल बजट में मैंने प्रावधान किया कि हम पिजौंर, खरखौदा और मानेसर के पास तीन वेडिंग डेस्टिनेशन खड़े करेंगे जिससे विदेश के लोग यहां शादी करने आएं और हमारे लोग बाहर न जाएं वो व्यवस्था हम लोग खड़ी कर रहे हैं.

ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों पर विशेष ध्यान

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राज्य का 2.23 लाख करोड़ रुपए का बजट पेश किया. इस बार हरियाणा सरकार के बजट में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर फोकस किया गया है. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बजट पेश करते हुए सोमवार को 'हरियाणा एग्री डिस्कॉम' नाम की एक तीसरी बिजली डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी बनाने की घोषणा की, जो खासतौर पर किसान समुदाय की जरूरतों को पूरा करने के लिए होगी.

वित्तीय संकेतक और राजकोषीय घाटा

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वित्त विभाग भी संभाल रहे मुख्यमंत्री सैनी ने अपना दूसरा बजट पेश करते हुए कहा कि राजकोषीय घाटा 40,293.17 करोड़ रुपए रहने का अनुमान है, जो सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 2.65 प्रतिशत है. उन्होंने बताया कि राजस्व घाटा जीडीपी का 0.87 प्रतिशत और प्रभावी राजस्व घाटा 0.41 प्रतिशत रहने का अनुमान है. पूंजीगत व्यय जीडीपी का 1.86 प्रतिशत और प्रभावी पूंजीगत व्यय 2.32 प्रतिशत रहने का अनुमान है.

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