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हरियाणा का डिजिटल मास्टरप्लान, AI से परिवार डेटा को बनाएगा और पारदर्शी

AI Data: मुख्यमंत्री नायब सैनी ने इस काम को दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया है. सरकार चाहती है कि यह नई व्यवस्था पूरी तरह से आधुनिक तकनीक, खासकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI ) पर आधारित हो.

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25 May 2026
( Updated: 25 May 2026
01:07 PM )
हरियाणा का डिजिटल मास्टरप्लान, AI से परिवार डेटा को बनाएगा और पारदर्शी
Image Source: Nayab Saini Tweet
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AI Family Data: हरियाणा सरकार का लक्ष्य है कि लोगों को अलग अलग सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें. इसी दिशा में परिवार पहचान पत्र - 2.0 (PPP 2.0) को तेजी से लागू करने की तैयारी चल रही है. इसका मकसद यह है कि राज्य के हर परिवार कि एक डिजिटल पहचान बने, जिसमें उनकी सारी जरूरी जानकारी एक जगह सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से मौजूद हो. मुख्यमंत्री नायब सैनी ने इस काम को दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया है. सरकार चाहती है कि यह नई व्यवस्था पूरी तरह से आधुनिक तकनीक, खासकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI ) पर आधारित हो. इससे अलग अलग विभागों का डाटा आपस में जुड़ा जाएगा और जानकारी अपने आप अपडेट होती रहेगी. इसका फायदा यह होगा कि योजनाओं का लाभ सही और जरूरतमंद लोगों तक आसानी से पहुंच सकेगी...

सभी योजनाओं और विभागों का डेटा एक ही सिस्टम में

इस नई प्रणाली में शिक्षा, स्वास्थ्य, श्रम, भूमि रिकॉर्ड, बिजली, शहरी विकास, सामाजिक सुरक्षा और वित्तीय योजनाओं जैसी कई बड़ी सेवाओं का डेटा एक साथ जोड़ा जाएगा. यानी अलग-अलग विभागों की जानकारी अब बिखरी हुई नहीं होगी, बल्कि एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगी.
उदाहरण के तौर पर स्कूल और कॉलेजों का डेटा, छात्रवृत्ति की जानकारी, जमीन के रिकॉर्ड, नगर निकायों के दस्तावेज, और श्रमिक योजनाओं का विवरण all-in-one सिस्टम में रहेगा. इससे किसी भी व्यक्ति की पात्रता जांचना आसान हो जाएगा और सरकारी योजनाओं का लाभ देने में पारदर्शिता बढ़ेगी.

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फर्जीवाड़ा रोकने और तेजी से सेवाएं देने पर जोर

इस सिस्टम का एक बड़ा फायदा यह होगा कि AI तकनीक की मदद से डुप्लीकेट रिकॉर्ड, गलत जानकारी या फर्जी लाभार्थियों की पहचान आसानी से की जा सकेगी. इससे सरकारी योजनाओं में होने वाली गड़बड़ियों पर रोक लगेगी.
इसके अलावा मनरेगा, आयुष्मान भारत, ई-श्रम, EPFO और अन्य कई योजनाओं का डेटा भी इसमें शामिल किया जाएगा. जब सभी जानकारी एक ही जगह जुड़ी होगी, तो सेवाएं भी तेज और सरल हो जाएंगी. लोगों को बार-बार दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं पड़ेगी.

भविष्य की डिजिटल व्यवस्था की ओर एक बड़ा कदम

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अधिकारियों के अनुसार यह पूरी परियोजना हरियाणा में डिजिटल गवर्नेंस को एक नई दिशा देगी. इससे न केवल सरकारी कामकाज आसान होगा, बल्कि नीति बनाने और योजनाओं की निगरानी करने में भी मदद मिलेगी.
सरल शब्दों में कहें तो यह सिस्टम एक ऐसी डिजिटल “फैमिली आईडी” की तरह होगा, जो आने वाले समय में हरियाणा के नागरिकों के लिए सरकारी सेवाओं को ज्यादा तेज, आसान और पारदर्शी बना देगा.

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