कैंसर इलाज से लेकर मेडिकल रोबोटिक्स तक, UP बनेगा हेल्थ इनोवेशन का केंद्र

UP: इन्वेस्ट यूपी की पहल पर यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने मेडिकल डिवाइसेज़ पार्क में शुक्र फ़ार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड को 10 एकड़ जमीन देने के लिए आशय पत्र जारी किया है.

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29 Jan 2026
( Updated: 29 Jan 2026
11:36 AM )
कैंसर इलाज से लेकर मेडिकल रोबोटिक्स तक, UP बनेगा हेल्थ इनोवेशन का केंद्र
Image Source: Social Media

UP Cancer Hospital: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को मेडिकल टेक्नोलॉजी का अंतरराष्ट्रीय केंद्र बनाने की दिशा में एक और बड़ी सफलता मिली है. इन्वेस्ट यूपी की पहल पर यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने मेडिकल डिवाइसेज़ पार्क में शुक्र फ़ार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड को 10 एकड़ जमीन देने के लिए आशय पत्र जारी किया है.इस परियोजना से प्रदेश में अत्याधुनिक चिकित्सा तकनीक को बढ़ावा मिलेगा और बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे. 

हजारों युवाओं को मिलेगा रोजगार

इस हाईटेक मेडिकल परियोजना से करीब 900 से अधिक लोगों को सीधे रोजगार मिलेगा, जबकि लगभग 2000 लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से काम के अवसर मिलेंगे. फैक्ट्री में निर्माण कार्य, रिसर्च एंड डेवलपमेंट, गुणवत्ता जांच, नियमों से जुड़ी सेवाएं और मार्केटिंग जैसे कई क्षेत्रों में स्थानीय युवाओं को नौकरी मिलेगी. सरकार का पूरा जोर इस बात पर रहेगा कि स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षित कर उन्हें रोजगार से जोड़ा जाए, ताकि क्षेत्र का समग्र विकास हो सके.

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कैंसर के इलाज में आएगी नई तकनीक

इस मेडिकल डिवाइसेज़ पार्क में लगने वाली यूनिट में जीवनरक्षक और अत्याधुनिक चिकित्सा तकनीकों का निर्माण किया जाएगा. इस परियोजना की सबसे खास बात बोरॉन न्यूट्रॉन कैप्चर थेरेपी (BNCT) तकनीक है, जिसे गंभीर और जटिल कैंसर के इलाज में बेहद प्रभावी माना जाता है. इस तकनीक के आने से न सिर्फ उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश के मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधा मिल सकेगी और भारत वैश्विक स्तर पर मेडिकल इनोवेशन में अपनी मजबूत पहचान बना पाएगा.

प्रदेश में बनेंगे आधुनिक मेडिकल उपकरण

इस संयंत्र में रेडियोलॉजी और इमेजिंग से जुड़े कई आधुनिक उपकरण बनाए जाएंगे. इनमें सीटी स्कैन, एमआरआई, पीईटी स्कैन, एक्स-रे और अल्ट्रासोनोग्राफी मशीनें शामिल होंगी। इसके साथ ही एनेस्थीसिया सिस्टम, आईसीयू और ऑपरेशन थिएटर के लिए जरूरी रेस्पिरेटरी केयर उपकरण भी तैयार किए जाएंगे. इससे प्रदेश के अस्पतालों को बेहतर संसाधन मिलेंगे और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा.

दिल, सांस और सर्जरी से जुड़े उन्नत उपकरण भी होंगे तैयार

परियोजना के तहत उन्नत हृदय उपकरण जैसे हार्ट वाल्व, स्टेंट्स और लेफ्ट वेंट्रिकुलर असिस्ट डिवाइसेज (LVAD) का निर्माण भी किया जाएगा. इसके अलावा वेंटिलेटर और ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर जैसे सांस से जुड़े उपकरणों पर भी खास ध्यान दिया जाएगा. मेडिकल रोबोटिक्स के क्षेत्र में भी बड़ा काम होगा, जिसमें ऑर्थोपेडिक, डेंटल, न्यूरो-स्पाइन और सॉफ्ट टिश्यू सर्जरी के लिए रोबोटिक सिस्टम विकसित किए जाएंगे, जिससे सर्जरी पहले से ज्यादा सुरक्षित और सटीक बन सकेगी.

मेक इन इंडिया को मिलेगा बढ़ावा

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इस मौके पर यीडा के सीईओ राकेश कुमार सिंह, एसीईओ शैलेंद्र भाटिया और शुक्र फ़ार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड की वरिष्ठ टीम मौजूद रही. यह परियोजना उत्तर प्रदेश को ‘मेक इन इंडिया’ अभियान के तहत मेडिकल टेक्नोलॉजी के वैश्विक मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाएगी. आने वाले समय में इससे प्रदेश का नाम देश ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में रोशन होगा.

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