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पहले एनकाउंटर में ठोका, फिर बेटी को भेजा बोर्डिंग स्कूल, योगी के अधिकारी ने पेश की मिसाल

आज आपको एक बेहद दिलचस्प ख़बर बताने जा रहे हैं। सोचिए जिस अपराधी को एनकाउंटर में ठोका बाद में योगी के उसी अधिकारी ने बेटी को बोर्डिंग स्कूल भेज दिया ताकि वो अपनी पढ़ाई पूरी कर सके।

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यूपी पुलिस और उसके बड़े बड़े अधिकारी जनता की सेवा में किस कदर लगे रहते हैं इसका अंदाज़ा तो दिन पर दिन सुधर रही क़ानून व्यवस्था और लगातार कम हो रहे क्राइम ग्राफ़ को देखकर ही लगाया जा सकता है, लेकिन ये सब योगी सरकार के आदेश पर हो रहा है, ऐसा कहा जाए तो ग़लत नहीं होगा….क्यों इतिहास गवाह है…पुलिस तो पहले भी यही थी लेकिन कभी बाहुबलियों पर ज़ोर नहीं चल पाया। सत्ता में बैठे आलाकमान ने पुलिस के पैरों में बेड़ियां जो डाल रखी थी…योगी सरकार ने उन तमाम बेड़ियों को तो तोड़ दिया है और अपराधियों के लिए पुलिस को फ़्री हैंड कर दिया है, तभी तो हर दूसरे दिन बड़े से बड़े और छोटे से छोटे गिरोह का पर्दाफ़ाश हो रहा है, अपराधी पकड़े जा रहे हैं, एनकाउंटर में ठोके जा रहे हैं।

खैर, सिर्फ़ अपराधियों को ठोकने या गिरफ्तार कर देने भर तक ही यूपी पुलिस सीमित नहीं है, बल्कि अब तो ऐसे ऐसे मामले सामने आ रहे हैं जो यकीनन सबको चौंका रहे हैं। अभी कुछ वक़्त पहले की ही तो बात है यूपी के जालौन में जिस अपराधी का पुलिस ने एनकाउंटर किया था, बाद में उसी की बेटी की शादी पूरी रीति रिवाजों से कराई थी। बेटी की शादी में पुलिसकर्मियों ने हर वो काम किया था जो एक बाप करता है, और शायद इसीलिए दुल्हन बनी अपराधी की बेटी भी पिता की कमी को बहुत हद तक महसूस नहीं कर रही थी।

खैर, ऐसा ही एक और मामला अब सामने आया है जहां पर यूपी के एक IPS ऑफ़िसर ने जिस अपराधी को एनकाउंटर में ठोका था अब उसी की बेटी की पढ़ाई का सारा खर्चा उठा रहे हैं। हाल ही में अधिकारी ने बच्ची को बोर्डिंग भेजा ताकि वो अपनी आगे की पढ़ाई कर सके। हम बात कर रहे हैं योगी सरकार के धाकड़ IPS मोहित अग्रवाल की। मामला कानपुर से सामने आया है जहां लगभग चार साल पहले एक एनकाउंटर हुआ था। इस एनकाउंटर में सुभाष नाम का अपराधी मारा गया था।

सुभाष ने 30 जनवरी 2020 को गांव के 25 बच्चों को बेटी के जन्मदिन के बहाने बुलाकर बंधक बना लिया था। इसी रात तत्कालीन IG कानपुर मोहित अग्रवाल ने एनकाउंटर में सुभाष को ढेर कर दिया था और सारे बच्चों को मुक्त करा लिया था। उस वक़्त सुभाष की पत्नी भीड़ के ग़ुस्से का शिकार हो गई थी। ऐसे में माता पिता दोनों को खोने के बाद रूबी अकेली हो गई थी। मुश्किल घड़ी में अधिकारी मोहित ने बच्ची की हाथ थामा और उसकी पढ़ाई लिखाई का सारा खर्चा अपने सिर ले लिया।

चार साल से मोहित अग्रवाल बच्ची की पढ़ाई का पूरा ज़िम्मा उठा रहे थे, लेकिन अब एक कदम आगे बढ़ाते हुए 6 साल की गौरी को उन्होंने बोर्डिंग स्कूल भेज दिया है। नर्सरी क्लास में उसका एडमिशन कराया गया है और अब वो 12 तक इसी हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करेगी। छोटी सी बच्ची पढ़ाई का महत्व इस कदर समझती है कि बोर्डिंग में जाने के बावजूद काफ़ी खुश है, हालाँकि उसे इस बात का दुख है कि वो अपनी बुआ से भी दूर हो गई है, लेकिन मोहित अग्रवाल ने वादा किया है कि वो छुट्टियों में उसे बुआ के घर लेकर जरुर जाया करेंगे।

गौरी के एडमिशन के बाद पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने ख़ुद कहा कि मैं उसके अच्छे भविष्य के लिए उसका दाख़िला बोर्डिंग में कराकर आया हूँ। उसकी पढ़ाई पर पूरा ध्यान दिया जा रहा है। मैं समय समय पर गौरी से बात करता हूँ। IPS मोहित अग्रवाल और इन जैसे अधिकारियों को लेकर अब आप क्या राय रखते हैं कमेंट करके अपनी राय हमें जरुर दें।
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