सीने के दर्द को न करें नज़रअंदाज़, मुख्यमंत्री सेहत योजना से पंजाब में 135 मरीजों को मिला कैशलेस हृदय उपचार
मनजीत सिंह जैसे मरीज़ों के लिए सबसे बड़ी चुनौती चिकित्सकीय नहीं, बल्कि आर्थिक थी. पंजाब में ऐसे अनेक परिवार, जिन्हें हृदय संबंधी आपात स्थिति का सामना करना पड़ता है, मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत समय पर उपचार प्राप्त कर रहे हैं.
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फाज़िल्का ज़िले के 58 वर्षीय मनजीत सिंह कई सप्ताह तक सीने में हो रही तकलीफ़ को सामान्य थकान समझकर नज़रअंदाज़ करते रहे. लेकिन जब सीने में उठने वाला दर्द बार-बार होने लगा और थोड़ी दूर चलने पर भी बेचैनी महसूस होने लगी, तो उन्होंने चिकित्सकीय जाँच करवाई. जाँच में पता चला कि उनके हृदय की एक कोरोनरी धमनी में रुकावट है और तत्काल उपचार की आवश्यकता है. कुछ ही घंटों के भीतर उन्हें कैथेटराइजेशन लैब में ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने एंजियोप्लास्टी कर स्टेंट डाला और उनके हृदय में रक्त प्रवाह को सामान्य कर दिया.
हृदय रोग के संकेतों को पहचानना जरूरी
मनजीत सिंह का मामला समय पर उपचार के महत्त्व को उजागर करता है, वहीं आधिकारिक आंकड़े यह भी बताते हैं कि हृदय संबंधी बीमारियाँ बड़ी संख्या में युवाओं को भी प्रभावित कर रही हैं. मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत 17 से 35 वर्ष आयु वर्ग के युवा वयस्कों ने कैशलेस हृदय उपचार प्राप्त करने वाले लाभार्थियों में सबसे बड़ी हिस्सेदारी दर्ज की है. यह युवाओं में समय पर जाँच और विशेषज्ञ हृदय चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता के महत्त्व को दर्शाता है.
हृदय रोग प्रायः बिना किसी चेतावनी के नहीं आता. लगातार सीने में दर्द, साँस फूलना, असामान्य थकान या दर्द का हाथों, जबड़े अथवा पीठ तक फैलना इसके प्रमुख संकेत हो सकते हैं. लेकिन अक्सर लोग इन लक्षणों को तब तक नज़रअंदाज़ करते रहते हैं, जब तक स्थिति गंभीर चिकित्सा आपातकाल का रूप नहीं ले लेती. चिकित्सकों का कहना है कि इन चेतावनी संकेतों को समय रहते पहचानकर तुरंत उपचार करवाने से जीवन बचाने और हृदय को स्थायी क्षति से बचाने की संभावना काफ़ी बढ़ जाती है.
भारत में बढ़ रही हृदय रोगों की चुनौती
भारत में यह चुनौती लगातार बढ़ रही है. इंडियन कौंसिल ऑफ़ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के अनुसार, पिछले तीन दशकों में हृदय एवं रक्तवाहिका संबंधी रोग देश में बीमारी और मृत्यु का प्रमुख कारण बन चुके हैं. तेज़ शहरीकरण, निष्क्रिय जीवनशैली, असंतुलित खानपान, तंबाकू सेवन, डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर जैसी स्थितियों ने इस समस्या को और गंभीर बनाया है. हालाँकि हृदय चिकित्सा के क्षेत्र में हुई प्रगति से मरीज़ों के बचने की संभावना बढ़ी है, लेकिन उपचार की ऊँची लागत आज भी अनेक परिवारों के लिए जीवनरक्षक उपचार को पहुँच से बाहर कर देती है.
मुख्यमंत्री सेहत योजना बनी मरीजों का सहारा
मनजीत सिंह जैसे मरीज़ों के लिए सबसे बड़ी चुनौती चिकित्सकीय नहीं, बल्कि आर्थिक थी. पंजाब में ऐसे अनेक परिवार, जिन्हें हृदय संबंधी आपात स्थिति का सामना करना पड़ता है, मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत समय पर उपचार प्राप्त कर रहे हैं. यह योजना पात्र मरीज़ों के हृदय संबंधी उपचार का पूरा ख़र्च वहन करती है. अस्पताल के भारी-भरकम बिलों का बोझ हटाकर यह योजना मरीज़ों को आर्थिक मज़बूरी के कारण इलाज टालने के बजाय समय पर उपचार करवाने में सक्षम बना रही है.
135 मरीजों को मिला कैशलेस उपचार
योजना के प्रभाव का आकलन राज्य स्वास्थ्य एजेंसी (एसएचए), पंजाब द्वारा जारी आंकड़ों से भी होता है. 15 जुलाई 2026 तक मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत 135 मरीज़ों का कैशलेस हृदय उपचार किया जा चुका है, जिनके उपचार पर 2.71 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई है. इन उपचारों में जन्मजात हृदय दोष, हृदय वाल्व संबंधी विकारों तथा अन्य जटिल हृदय रोगों की सर्जरी शामिल हैं. ये आंकड़े विशेषज्ञ हृदय चिकित्सा सेवाओं की बढ़ती आवश्यकता को दर्शाते हैं तथा यह भी स्पष्ट करते हैं कि समय पर जीवनरक्षक उपचार सुनिश्चित करने में आर्थिक सहायता कितनी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती है.
चेतावनी संकेतों को नजरअंदाज न करें: डॉ. बलबीर सिंह
पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि हृदय रोग आज सबसे गंभीर जनस्वास्थ्य चुनौतियों में से एक है, लेकिन जागरूकता, समय पर जाँच और तुरंत चिकित्सकीय मदद के माध्यम से अनेक मौतों को रोका जा सकता है. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे लगातार सीने में दर्द, साँस फूलना, असामान्य थकान या अन्य चेतावनी संकेतों को नज़रअंदाज़ न करें, क्योंकि समय पर चिकित्सकीय सहायता लेना जीवन बचा सकता है.
उन्होंने कहा, “किसी भी परिवार को आर्थिक तंगी के कारण जीवनरक्षक हृदय उपचार में देरी करने के लिए मज़बूर नहीं होना चाहिए. मुख्यमंत्री सेहत योजना के माध्यम से हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि पात्र मरीज़ों को उपचार की लागत की चिंता किए बिना सही समय पर गुणवत्तापूर्ण हृदय चिकित्सा उपलब्ध हो. समय पर जाँच और उपचार जीवन बचाते हैं और हमारी प्रतिबद्धता है कि पंजाब के प्रत्येक पात्र परिवार तक ऐसी स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचें.”
आर्थिक सुरक्षा से बेहतर होते हैं उपचार के परिणाम
माय हॉस्पिटल, मोहाली (इंडस नेटवर्क हॉस्पिटल) के कार्डियोलॉजी विभाग के प्रमुख एवं कंसल्टेंट कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. करनदीप सिंह सयाल ने कहा, “हृदय रोग आज भी देश की सबसे बड़ी स्वास्थ्य चुनौतियों में से एक है. जन्मजात हृदय दोष और अन्य जटिल हृदय रोगों के मामलों में बड़ी संख्या में उपचार की आवश्यकता पड़ती है. हालाँकि समय पर जाँच और उपचार से अनेक जीवन बचाए जा सकते हैं.”
डॉ. करनदीप सिंह सयाल ने कहा कि आर्थिक सुरक्षा मिलने से मरीज़ बिना देरी किए उपचार करवाने के लिए आगे आते हैं, जिससे उपचार के परिणाम बेहतर होते हैं और मरीज़ जल्दी स्वस्थ होते हैं. उन्होंने कहा, “इसके साथ ही,रोकथाम हमारी सबसे मज़बूत सुरक्षा है. हृदय के लिए स्वस्थ जीवनशैली अपनाना, नियमित शारीरिक गतिविधि करना, ब्लड प्रेशर और डायबिटीज को नियंत्रित रखना तथा समय-समय पर हृदय की जाँच करवाना गंभीर हृदय रोगों के ख़तरे को काफ़ी हद तक कम कर सकता है.”
इलाज का फैसला अब आर्थिक क्षमता पर निर्भर नहीं
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आज मनजीत सिंह अपने परिवार के साथ स्वस्थ जीवन जी रहे हैं और इस बात के लिए आभारी हैं कि उनका चिकित्सकीय संकट आर्थिक संकट में नहीं बदला. उनकी कहानी पंजाब के उन अनेक लोगों की कहानी है, जिन्हें इस योजना के तहत समय पर हृदय संबंधी उपचार मिल सका है.मनजीत सिंह ने कहा, “सबसे बड़ी तसल्ली सिर्फ़ इस बात की नहीं है कि बेहतर चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध हैं, बल्कि इस बात की है कि समय पर इलाज मिलेगा या नहीं, यह हमारी आर्थिक क्षमता पर निर्भर नहीं करता.”