ममता बनर्जी के दिल्ली दौरे पर दिलीप घोष का हमला, बोले- बंगाल में टीएमसी का अंत तय
दिलीप घोष ने कहा कि बंगाल का हाल क्या है, आज पूरा देश देख रहा है. टीएमसी के लोग केवल अपनी जेब भरने में लगे हैं. जनता की समस्या सुनने वाला कोई नहीं है. जनता पुलिस के पास कोई भी शिकायत लेकर जाती है तो वह भी इस पर ध्यान नहीं देते हैं.
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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के दिल्ली दौरे पर भाजपा नेता दिलीप घोष ने निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि अब बंगाल में टीएमसी का अंत होने वाला है और भाजपा की सरकार आने वाली है.
ममता बनर्जी के दिल्ली दौरे पर दिलीप घोष का हमला
भाजपा नेता दिलीप घोष ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि अप्रैल के बाद पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बन रही है. ये बात ममता बनर्जी को भी पता चल गई है, इसीलिए वह एक के बाद एक बैठकें कर रही है, लेकिन उन बैठकों से कुछ हो नहीं रहा है. टीएमसी की सच्चाई जनता जान चुकी है और उसको सत्ता से हटाने के लिए तैयार हो गई है.
उन्होंने कहा कि दिल्ली में जाकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी जानबूझकर शोर कर रही है. पूरा देश अब देख रहा है कि ममता बनर्जी कैसे सत्ता चला रही हैं और इससे कुछ हासिल नहीं हो रहा है. बांग्लादेश के लोग सिर्फ पश्चिम बंगाल में आकर बैठ रहे हैं और यहां का माहौल खराब कर रहे हैं, जिससे पश्चिम बंगाल की जनता परेशान हो गई है. ममता बनर्जी के हाथ से अब सब निकल गया है.
दिलीप घोष ने कहा कि बंगाल का हाल क्या है, आज पूरा देश देख रहा है. टीएमसी के लोग केवल अपनी जेब भरने में लगे हैं. जनता की समस्या सुनने वाला कोई नहीं है. जनता पुलिस के पास कोई भी शिकायत लेकर जाती है तो वह भी इस पर ध्यान नहीं देते हैं.
ममता बनर्जी ने सोमवार को की थी ज्ञानेश कुमार से मुलाकात
बता दें कि सोमवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नई दिल्ली स्थित भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) के मुख्यालय में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मुलाकात की थी.
मुलाकात के बाद ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर निशाना साधा था. उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि मैं सात बार सांसद रही. मैं चार बार केंद्रीय मंत्री रही. लेकिन मैंने ऐसा मुख्य चुनाव आयुक्त कभी नहीं देखा. वह बेहद अहंकारी हैं. वह बड़े झूठे हैं. मैंने उन्हें साफ-साफ कह दिया था कि कोई भी हमेशा के लिए कुर्सी पर नहीं बैठा रह सकता. हर किसी को कभी न कभी जाना ही पड़ता है.
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से चुनाव आयोग की महानिदेशक (सूचना प्रौद्योगिकी), सीमा खन्ना को निशाना बनाया और उन पर पश्चिम बंगाल में वास्तविक मतदाताओं के नाम हटाने में मुख्य भूमिका निभाने का आरोप लगाया था.
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