पंजाब में नशे पर निर्णायक वार... ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान के दूसरे चरण की 5 जनवरी से होगी शुरुआत
पंजाब में नशे के खिलाफ चल रहे अभियान ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ का दूसरा चरण 5 जनवरी से शुरू होगा. पहले चरण में हजारों तस्करों की गिरफ्तारी और अवैध नेटवर्क तोड़ा गया. अब कार्रवाई और तेज होगी, साथ ही पुनर्वासित युवा लोगों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करेंगे.
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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देश पर नशे के खिलाफ चलाए जा रहे राज्यव्यापी अभियान 'युद्ध नशे के विरुद्ध' का दूसरा चरण 5 जनवरी से शुरू होने जा रहा है. इस अभियान के पहले चरण की सफलता के बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देश पर सरकार ने इस अभियान को और अधिक सख्ती और व्यापक जनभागीदारी के साथ आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है. पंजाब सरकार में मंत्री तरुनप्रीत सिंह सोंद ने यह जानकारी दी.
नशे के अवैध नेटवर्क पर हुई तगड़ी
मंत्री तरुनप्रीत सिंह सोंद ने बताया कि पहले चरण में नशा तस्करों के खिलाफ बड़े स्तर पर कार्रवाई की गई, जिसमें हजारों तस्करों को गिरफ्तार किया गया और नशे के अवैध नेटवर्क को तोड़ने में महत्वपूर्ण सफलता मिली. उन्होंने कहा कि दूसरे चरण में यह कार्रवाई और अधिक तेज तथा कठोर होगी, ताकि राज्य को नशा मुक्त बनाने के लक्ष्य को हासिल किया जा सके. दूसरे चरण की खास बात यह होगी कि इसमें नशा छोड़ चुके और सफलतापूर्वक पुनर्वासित युवाओं को अभियान से जोड़ा जाएगा. ऐसे युवा प्रेरक वक्ता के रूप में लोगों से संवाद करेंगे। वे अपने अनुभव साझा कर युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराएंगे और नशा त्यागने के लिए प्रेरित करेंगे.
युद्ध नशा विरुद्ध अभियान के 10 महीने पूरे
बता दें कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों पर शुरू किए गए ड्रग्स के खिलाफ अभियान 'युद्ध नशा विरुद्ध' को 10 महीने पूरे हो गए हैं. पंजाब पुलिस ने 1 मार्च, 2025 से अब तक 29,351 एफआईआर दर्ज की हैं और 42,622 ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने विभिन्न कार्रवाइयों में 1,849 किलोग्राम हेरोइन बरामद की है. इस एंटी-ड्रग अभियान की शुरुआत के बाद से डीजीपी गौरव यादव के निर्देशों पर राज्य के सभी 28 पुलिस जिलों में रोजाना एक साथ ऑपरेशन चल रहा है.
CM मान ने दिया आदेश
पंजाब सीएम भगवंत सिंह मान ने पुलिस कमिश्नरों, डिप्टी कमिश्नरों और सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस से पंजाब को नशा मुक्त राज्य बनाने के लिए कहा था. पंजाब सरकार ने ड्रग्स के खिलाफ युद्ध की निगरानी के लिए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा की अध्यक्षता में 5 सदस्यीय कैबिनेट सब कमेटी का भी गठन किया है.
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बहरहाल, पंजाब सरकार का यह अभियान अब केवल कानून कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समाज को नशे के खिलाफ एकजुट करने की दिशा में बढ़ रहा है. दूसरे चरण में जनभागीदारी और पुनर्वासित युवाओं की भूमिका यह साफ संकेत देती है कि सरकार नशा मुक्त पंजाब के लक्ष्य को लेकर पूरी गंभीरता और निरंतरता के साथ आगे बढ़ रही है.
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