Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...

राजकीय महिला शरणालय भवन का बुधवार को लोकार्पण करेंगे CM योगी, 8 करोड़ रुपये की लागत से 100 महिलाओं की क्षमता का बना है शेल्टर

राजकीय महिला शरणालय, महिला कल्याण विभाग के अधीन संचालित एक संरक्षणात्मक एवं आवासीय संस्था है। इन शरणालयों की स्थापना का प्रमुख उद्देश्य घरेलू हिंसा, जरूरतमंद, संकटपूर्ण परिस्थितियों, भटकाव अथवा अन्य सामाजिक एवं पारिवारिक कठिनाइयों से प्रभावित महिलाओं को सुरक्षित आश्रय, संरक्षण एवं आवश्यक सहयोग प्रदान करना है.

Image Credits: UPPRD
Loading Ad...

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को गोरखपुर में, महिला कल्याण विभाग की तरफ से संचालित होने वाले राजकीय महिला शरणालय के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण करेंगे. इस अवसर पर वह निर्माणाधीन राजकीय संप्रेक्षण गृह (किशोर) का भी निरीक्षण करेंगे.

चरगांवा में कृषि विभाग के बीज गोदाम के समीप 8 करोड़ 5 लाख 42 हजार रुपये की लागत से राजकीय महिला शरणालय के भवन का निर्माण कराया गया है. इस भवन की क्षमता 100 महिलाओं के रहने की है. 

इसमें आवासीय सुविधा के साथ आवश्यक सहायक सुविधाओं का प्रावधान किया गया है. इसके अतिरिक्त 10 डारमेट्री कक्ष, 4 अध्ययन कक्ष, रोगी कक्ष, क्रेच रूम, डाइनिंग हॉल, किचन, स्टोर, शौचालय एवं स्नानघर जैसी आवश्यक सुविधाओं का निर्माण किया गया है. प्रशासनिक एवं संचालन संबंधी कार्यों के लिए वर्कशॉप, वार्डन कक्ष एवं कार्यालय की व्यवस्था की गई है. संवासनियों के अध्ययन एवं ज्ञानवर्धन हेतु पुस्तकालय भी बना है.

Loading Ad...

इन शरणालयों की स्थापना का प्रमुख उद्देश्य क्या है

Loading Ad...

राजकीय महिला शरणालय, महिला कल्याण विभाग के अधीन संचालित एक संरक्षणात्मक एवं आवासीय संस्था है. इन शरणालयों की स्थापना का प्रमुख उद्देश्य घरेलू हिंसा, जरूरतमंद, संकटपूर्ण परिस्थितियों, भटकाव अथवा अन्य सामाजिक एवं पारिवारिक कठिनाइयों से प्रभावित महिलाओं को सुरक्षित आश्रय, संरक्षण एवं आवश्यक सहयोग प्रदान करना है. 

इसका निर्माण फरवरी 2027 तक पूर्ण होने की उम्मीद है

Loading Ad...

राजकीय महिला शरणालय का लोकार्पण करने से पहले मुख्यमंत्री, किशोरों के लिए निर्माणाधीन संप्रेक्षण गृह का निरीक्षण करेंगे. चरगांवा में कृषि विभाग के बीज गोदाम के समीप ही राजकीय संप्रेषण गृह (किशोर) का निर्माण 14 करोड़ 87 लाख रुपये की लागत से कराया जा रहा है. इसकी क्षमता 100 किशोरों के रहने की होगी. इसी परिसर में किशोर न्याय बोर्ड के लिए पृथक ब्लॉक का प्रावधान किया गया है. इसका निर्माण फरवरी 2027 तक पूर्ण होने की उम्मीद है.

निर्माणाधीन राजकीय संप्रेक्षण गृह (किशोर) का निरीक्षण भी करेंगे सीएम योगी

राजकीय संप्रेक्षण गृह (किशोर) का मुख्य उद्देश्य कानून का उल्लंघन करने वाले बच्चों को सुरक्षित, संरक्षित, बाल-अनुकूल एवं सुधारात्मक वातावरण उपलब्ध कराते हुए उनकी समुचित देखभाल, संरक्षण, शिक्षा, स्वास्थ्य, मनोसामाजिक सहयोग, कौशल विकास एवं पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित करना है. इस गृह में ऐसे बालकों को रखा जाता है जिन्हें किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया गया हो तथा जिनके संबंध में बोर्ड द्वारा विधि के अनुरूप आवश्यक आदेश पारित किए गए हों.  

Loading Ad...

गोरखनाथ मंदिर में होने वाले सप्तदिवसीय श्रीमद्भागवत कथा में सम्मिलित होंगे मुख्यमंत्री

यह भी पढ़ें

बुधवार (23 सितंबर) को गोरखपुर दौरे पर आ रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखनाथ मंदिर में सप्तदिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के शुभारंभ कार्यक्रम में भी सम्मिलित होंगे. यह कथा ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज की 57वीं और ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की 12वीं पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में आयोजित की जा रही है. प्रख्यात कथावाचक वृंदावन के मलूकपीठाधीश्वर राजेंद्रदास श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत कथा सुनाएंगे.

LIVE
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...