सीएम धामी का बड़ा निर्णय, मदरसा बोर्ड की जगह बनेगा राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण
उत्तराखंड सरकार ने राज्य में मदरसा बोर्ड को समाप्त करने का निर्णय लिया है. जुलाई 2026 से नई व्यवस्था लागू होगी, जिसके तहत सभी अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थानों को उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अंतर्गत लाया जाएगा.
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उत्तराखंड सरकार जुलाई 2026 से मदरसा बोर्ड खत्म करने जा रही है. नई व्यवस्था में उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का गठन कर दिया गया है.
जुलाई 2026 से उत्तराखंड में मदरसा बोर्ड होगा समाप्त
विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पिछले विधानसभा सत्र में मदरसा बोर्ड खत्म करने की घोषणा करते हुए इस वर्ष जुलाई से सभी अल्पसंख्यक संस्थाओं को उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अम्ब्रेला के नीचे लाने और उनकी मान्यता उत्तराखंड शिक्षा बोर्ड से किए जाने की बात कही थी.
बनेगा राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण
डॉ. पराग ने बताया कि सीएम पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार उक्त बोर्ड में प्रोफेसर विद्वान को चुना गया है, जो अल्पसंख्यक विद्यार्थियों के लिए शैक्षिक पाठ्यक्रम निर्धारित करेगी. इसमें सभी अल्पसंख्यक समुदाय के शिक्षाविदों को सम्मिलित किया गया है.
डॉ. पराग ने बताया कि इसमें डॉ. सुरजीत सिंह गांधी को अध्यक्ष, प्रोफेसर राकेश जैन, डॉ. सैय्यद अली हमीद, प्रो. पेमा तेनजिन, डॉ. एल्बा मेड्रिले, प्रोफेसर रोबिना अमन, और प्रो. गुरमीत सिंह को सदस्य बनाया गया है. साथ ही समाज समाजसेवी राजेंद्र बिष्ट और सेवानिवृत्त अधिकारी चंद्रशेखर भट्ट भी सदस्य होंगे. निदेशक महाविद्यालय शिक्षा, निदेशक राज्य शैक्षिक अनुसंधान, और निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण भी सदस्य सूची में रहेंगे.
"मदरसा बोर्ड खत्म करने का निर्णय"
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के गठन का फैसला लिया है. हमारी सरकार ने मदरसा बोर्ड खत्म करने का निर्णय लिया था. अब ये प्राधिकरण तय करेगा कि अल्पसंख्यक बच्चों को कैसी शिक्षा दी जाएगी. ये प्राधिकरण सिलेबस तय करेगा. सभी अल्पसंख्यक संस्थाएं उत्तराखंड शिक्षा बोर्ड से मान्यता लेंगी.
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