बहराइच में एक साथ 10 मजारों पर क्यों गरजा बुलडोजर? 20 साल पुराना आदेश और खाली कराई गई मेडिकल कॉलेज की जमीन
महाराजा सुहेलदेव मेडिकल कॉलेज के परिसर से सटे हुए आस्ताने रसूल शाह बासवाड़ी में ये मजारें बनी थीं. कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस फोर्स तैनात की गई.
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Bahraich Bulldozer Action: उत्तर प्रदेश के बहराइच में अतिक्रमण पर प्रशासन का पीला पंजा चला है. यहां महाराजा सुहेलदेव मेडिकल कॉलेज परिसर में अवैध रूप से बनी दस मजारों को ध्वस्त किया गया है. कार्रवाई के दौरान नगर मजिस्ट्रेट और SDM सदर के साथ भारी पुलिस तैनात की गई.
बताया जा रहा है महाराजा सुहेलदेव मेडिकल कॉलेज के परिसर से सटे हुए आस्ताने रसूल शाह बासवाड़ी में ये मजारें बनी थीं. इनमें से दो को छोड़कर सभी को गिरा दिया गया. साथ ही साथ आस्ताने रसूल की बाउंड्री वॉल को भी गिरा दिया गया है.
प्रशासन ने क्या बताया?
सिटी मजिस्ट्रेट राजेश प्रसाद के मुताबिक, सुहेलदेव मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल ने DM और SP को पत्र लिखा था. इस लेटर में कॉलेज परिसर में स्थित मजारों के संबंध में बताया गया था. मजारों को हटाने के लिए साफ आदेश दिए गए थे. इसके बावजूद इन्हें नहीं हटाया जा रहा है. प्रिंसिपल की शिकायत पर प्रशासन ने संज्ञान लिया और प्रशासनिक अमला बुलडोजर लेकर कॉलेज परिसर पहुंचा.
2002 में दिया गया था मजार हटाने का आदेश
बताया जा रहा है बहराइच-लखनऊ मार्ग पर सड़क किनारे स्थित सदियों पुराने रसूल शाह बासवाड़ी के आस्ताने में राहुल शाह की मजार बनी हुई है. मुस्लिम समाज के लोग यहां जियारत करने भी आते हैं. साल 2002 में तत्कालीन नगर मजिस्ट्रेट ने इन मजारों को अवैध घोषित कर दिया था. नगर मजिस्ट्रेट ने इन मजारों को हटाने के आदेश जारी कर दिए थे. लंबी प्रक्रिया के बाद साल 2004 में भी आदेश को बरकरार रखा गया, लेकिन 22 साल बाद भी अवैध मजारों पर एक्शन नहीं लिया गया.
साल 2023 में इस जमीन पर महाराजा सुहेलदेव मेडिकल कॉलेज की स्थापना हुई. जिसके बाद सड़क किनारे स्थित मजार मेडिकल कॉलेज परिसर के भीतर आ गया. इस पर कॉलेज प्रशासन ने बार-बार प्रशासन को पत्र लिखकर हटाने की मांग की.
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10 जनवरी को संचालन समिति को 17 जनवरी तक मजारें हटाने का अल्टीमेटम दिया गया था. समय सीमा समाप्त होने के बाद भी जब मजारें नहीं हटाई गई तो प्रशासनिक अमला एक्टिव हुआ. आखिरकार अब योगी राज में प्रशासन का बुलडोजर गरजा और कॉलेज की जमीन अतिक्रमण मुक्त करवाई गई. हालांकि इस दौरान दो मजारों के साथ प्रशासन ने कोई छेड़छाड़ नहीं की है. आस्ताने की देखरेख करने वाले मोहम्मद शफीक ने भी बताया कि सुन्नी वख्फ बोर्ड में 2137 नम्बर पर यह दोनों मजारे दर्ज हैं. वहीं, एहतियातन तौर पर कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस फोर्स मौके पर तैनात किया गया. तीन थानों की पुलिस को तैनात किया गया.
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