Advertisement

अमृतसर पुलिस ने पकड़ा ड्रग्स और अवैध हथियारों का अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क

पंजाब पुलिस का यह कहना है कि वे ड्रग्स और अवैध हथियारों के मामले में कोई भी समझौता नहीं करेंगे. ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. आम लोगों से भी अपील की गई है कि वे ऐसी गतिविधियों की जानकारी तुरंत पुलिस को दें ताकि समय रहते ऐसी तस्करी को रोका जा सके.

पंजाब पुलिस की ड्रग्स और अवैध हथियारों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी है. इसी कड़ी में अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है. पुलिस ने बॉर्डर पार से ड्रग और गैर-कानूनी हथियारों की तस्करी करने वाले दो ऑर्गनाइज़्ड मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है. 

भारी मात्रा में हेरोइन और हथियार बरामद

इस कार्रवाई में कुल 10 लोग गिरफ्तार किए गए हैं और 5.438 किलो हेरोइन, 3 हाई-एंड पिस्टल (एक ग्लॉक 9एमएम, एक जिगाना 9एमएम और एक .32 बोर), 34 जिंदा कारतूस और 4500 रुपये नकदी जब्त की गई है.

सोशल मीडिया के जरिए जुड़ा था नेटवर्क

पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि ये आरोपी पाकिस्तान बेस्ड तस्करों से सोशल मीडिया के जरिए संपर्क में थे. हेरोइन और अवैध हथियार भारत में लाए जा रहे थे और फिर इसे एक सटीक नेटवर्क के जरिए अलग-अलग इलाकों में बांटा जा रहा था. यह नेटवर्क काफी संगठित था और इसके पीछे कई लोग जुड़े हुए थे.

अभियान के दौरान कई एफआईआर दर्ज की गई हैं, जिनमें एनडीपीएस एक्ट और आर्म्स एक्ट के तहत केस बने हैं. पुलिस ने बताया कि आगे की जांच जारी है ताकि पूरे नेटवर्क के आगे-पीछे के लिंक भी पकड़े जा सके और पूरे गिरोह पर लगाम लगाया जा सके.

‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान जारी

गौरतलब है कि पंजाब पुलिस ड्रग्स के खिलाफ एक विशेष अभियान 'युद्ध नशे के विरुद्ध' चला रही है, जिसके तहत लगातार नशे के सौदागरों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है. पंजाब की एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने नशे के खिलाफ अपनी लगातार मुहिम जारी रखते हुए पिछले 𝟑𝟔𝟑 दिनों में 103 ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया और उनके पास से 4 किग्रा हेरोइन, 2715 नशीली गोलियां/कैप्सूल, और 3700 रुपये ड्रग मनी बरामद की है. इसके साथ ही, 31 लोगों को नशा छोड़ने और रिहैबिलिटेशन के लिए मोटिवेट किया गया.

पंजाब पुलिस का यह कहना है कि वे ड्रग्स और अवैध हथियारों के मामले में कोई भी समझौता नहीं करेंगे. ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. आम लोगों से भी अपील की गई है कि वे ऐसी गतिविधियों की जानकारी तुरंत पुलिस को दें ताकि समय रहते ऐसी तस्करी को रोका जा सके.

Advertisement

यह भी पढ़ें

Advertisement

LIVE