कलाई की घड़ी और वो तय सीट... मलबे के बीच ऐसे पहचाना गया अजित पवार का शव, जानें पुणे पुलिस ने क्या कहा

बारामती के पास हुए भीषण विमान हादसे में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन की पुष्टि हुई है. हादसा इतना गंभीर था कि शवों की पहचान करना मुश्किल हो गया. पुणे ग्रामीण पुलिस के मुताबिक, उनकी पहचान कलाई घड़ी और विमान में उनकी तय सीट के आधार पर की गई.

कलाई की घड़ी और वो तय सीट... मलबे के बीच ऐसे पहचाना गया अजित पवार का शव, जानें पुणे पुलिस ने क्या कहा
Ajit Pawar (File Photo)

महाराष्ट्र में बारामती के नजदीक कल हुए एक बेहद दर्दनाक विमान हादसे में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन की खबर सामने आई. टक्कर और आग इतनी भीषण थी कि दुर्घटनास्थल पर मिले कई शवों की पहचान कर पाना आसान नहीं था. पुणे ग्रामीण पुलिस के अनुसार, उपमुख्यमंत्री के शव की पहचान उनकी कलाई में पहनी घड़ी और विमान के भीतर उनकी तय बैठने की जगह के आधार पर की गई.

प्रत्यक्षदर्शियों ने क्या बताया?

प्रत्यक्षदर्शियों का भी कहना है कि हादसे के बाद घटनास्थल पर अजित पवार की पहचान उनकी कलाई घड़ी से ही हुई. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में जली हुई अवस्था में पड़े एक शव की ओर इशारा करते हुए दावा किया जा रहा है कि वह शव अजित पवार का है, जिसकी पुष्टि उनकी घड़ी से की गई. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे का शिकार हुआ लियरजेट विमान आग की लपटों में घिर गया था और उसका मलबा बारामती हवाई अड्डे के टेबलटॉप रनवे से करीब 200 मीटर की दूरी तक फैल गया था. 

कलाई घड़ी से हुई अजित पवार की पहचान 

दुर्घटना की खबर मिलते ही पास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर पहुंच गए. स्थानीय लोगों का कहना है कि अजित पवार बेहद समयनिष्ठ व्यक्ति थे और वह हमेशा कलाई में घड़ी पहनकर रखते थे. इसी पहचान के आधार पर शव की पुष्टि की गई. इस पूरे मामले में एक और अहम बात सामने आई है कि कलाई घड़ी राष्ट्रीयवादी कांग्रेस पार्टी, यानी एनसीपी का चुनाव चिह्न भी मानी जाती है. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में एक व्यक्ति जले हुए शव की कलाई पर बंधी घड़ी दिखाते हुए उसे अजित पवार का शव बताने का दावा करता दिखाई दे रहा है.

पुणे पुलिस का बयान

पुणे ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल ने टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में बताया कि दुर्घटनास्थल से बरामद सभी शवों की उनकी टीम ने गहन जांच की. उन्होंने कहा कि उपमुख्यमंत्री के शव की पहचान उनकी कलाई में पहनी घड़ी के आधार पर की गई, जिसे पुलिसकर्मी पहले से पहचानते थे. इसके साथ ही यह भी सामने आया कि इस तरह के विमान में यात्रा के दौरान अजित पवार आमतौर पर एक तय सीट पर ही बैठते थे. हादसे के बाद जिस स्थान और हालत में शव मिला, उसके विश्लेषण के बाद पुलिस टीम इस निष्कर्ष पर पहुंची कि यह शव अजित पवार का ही है. हालांकि, अंतिम और औपचारिक पुष्टि के लिए डीएनए जांच के लिए नमूने भी सुरक्षित किए गए हैं.

16 साल पुराना था विमान 

जानकारी के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त विमान करीब 16 साल पुराना था और इसका संचालन वीएसआर वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया जा रहा था. यह हादसा उस समय हुआ, जब विमान बारामती के अनकंट्रोल्ड हवाई अड्डे पर दूसरी बार लैंडिंग की कोशिश कर रहा था. बताया गया है कि अजित पवार ने सुबह मुंबई से उड़ान भरी थी. उन्हें 5 फरवरी को होने वाले जिला परिषद चुनावों के प्रचार के सिलसिले में पुणे जिले में एक ही दिन में चार जनसभाओं को संबोधित करना था.

दोनों पायलट की भी मौके पर हुई मौत 

इस विमान हादसे में जान गंवाने वाले अन्य लोगों की पहचान भी कर ली गई है. मृतकों में विमान के कैप्टन सुमित कपूर शामिल हैं, जिन्हें करीब 15,000 घंटे का उड़ान अनुभव था. वहीं, को-पायलट कैप्टन शांभवी पाठक के पास लगभग 1,500 घंटे की फ्लाइंग का अनुभव बताया गया है. इसके अलावा, पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर विदिप जाधव और फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली की भी इस दुर्घटना में मौत हुई है.

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बताते चलें कि हादसे की विस्तृत जांच के लिए विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) की एक विशेष टीम बुधवार शाम घटनास्थल पर पहुंची. टीम ने मौके पर पहुंचते ही फोरेंसिक जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है. जांच अधिकारी विमान के मलबे, उड़ान से जुड़े आंकड़ों और उस समय की परिचालन परिस्थितियों की बारीकी से समीक्षा कर रहे हैं, ताकि दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा सके.

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