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200 CCTV और 14 सुरक्षा जोन... INDIA ब्लॉक की रैली को लेकर दिल्ली में कड़ा पहरा, हजारों पुलिसकर्मी तैनात

दिल्ली के रामलीला मैदान में आज कांग्रेस के नेतृत्व में INDIA ब्लॉक की रैली होगी. इसमें राहुल गांधी, ममता बनर्जी और अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेताओं के शामिल होने की संभावना है. 'वोट बचाओ, देश बचाओ' अभियान के तहत विपक्ष SIR और कथित चुनावी अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाएगा.

Image Source: Screengrab
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देश की राजधानी दिल्ली में रविवार का दिन राजनीतिक लिहाज़ से काफी अहम होने वाला है. दरअसल, कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व में आज INDIA ब्लॉक की रैली होने जा रही है. रामलीला मैदान में होने वाले आयोजन में विपक्षी दलों के नेताओं, कार्यकर्ताओं, छात्र संगठनों और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों के जुटने की उम्मीद है. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने लोगों से शामिल होने की अपील की है. ममता बनर्जी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेता भी पहुंच सकते हैं. इसे ध्यान में रखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए हैं. 

'वोट बचाओ, देश बचाओ' अभियान के तहत विपक्षी दल मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और कथित चुनावी अनियमितताओं पर सवाल उठा रहे हैं. गठबंधन मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ भी विरोध दर्ज कराने की तैयारी में है. ये विपक्षी दलों के आरोप और मांगें हैं; इन पर संबंधित संस्थाओं का पक्ष भी महत्वपूर्ण रहेगा.

कनॉट प्लेस से रामलीला मैदान तक मार्च की तैयारी

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घोषित योजना के अनुसार, मार्च कनॉट प्लेस से मिंटो रोड जंक्शन और अजमेरी गेट होते हुए रामलीला मैदान पहुंचेगा. रैली का समय सुबह 10 से शाम 5 बजे तक है. पुलिस के मुताबिक रामलीला मैदान में सभा की अनुमति है, लेकिन प्रस्तावित जुलूस के लिए अलग आवेदन नहीं मिला. लोगों को निकलने से पहले ताजा ट्रैफिक सलाह देखनी चाहिए.

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4,000 से अधिक पुलिसकर्मी और CAPF की तैनाती

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बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था व्यापक रखी गई है. अधिकारियों के मुताबिक, रैली स्थल और उससे जुड़े मार्गों पर 4,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे. इनके साथ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल यानी CAPF की कंपनियां भी रहेंगी. पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार ने शनिवार को वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मिंटो रोड और रामलीला मैदान का निरीक्षण किया. इस दौरान सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था की तैयारियों का जायजा लिया गया.

14 जोन में बंटा मैदान, 200 से ज्यादा CCTV कैमरे

रामलीला मैदान को निगरानी के लिए 14 जोन में बांटा गया है. हर जोन की जिम्मेदारी सहायक पुलिस आयुक्त यानी ACP स्तर के अधिकारी को दी गई है. दो जोन पर अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त स्तर के अधिकारी निगरानी रखेंगे. मैदान में 200 से अधिक CCTV कैमरे लगाए गए हैं. इनके जरिए प्रवेश और निकास द्वार, भीड़ की गतिविधियों और संवेदनशील स्थानों पर नजर रखी जाएगी. ड्रोन से हवाई निगरानी होगी और ड्यूटी पर तैनात जवान बॉडी-वॉर्न कैमरों का भी इस्तेमाल करेंगे.bमैदान में कंट्रोल रूम बनाया गया है. किसी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए दंगा-रोधी वाहन और निगरानी उपकरण तैयार रहेंगे. प्रवेश निर्धारित गेट से और सुरक्षा जांच के बाद होगा. आयोजकों से भीड़ संभालने के लिए स्वयंसेवक और पेयजल की व्यवस्था करने को कहा गया है.

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30 से 40 हजार लोगों के पहुंचने का अनुमान

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, खाली रामलीला मैदान में लगभग 45 से 50 हजार लोगों के आने की क्षमता है. लेकिन कुर्सियों, घेराबंदी और आने-जाने के तय रास्तों के कारण इस रैली में 30 से 40 हजार लोगों की मौजूदगी का अनुमान लगाया गया है. भीड़ का वास्तविक आकार आयोजन के दिन लोगों की भागीदारी पर निर्भर करेगा. दिल्ली में पहले से तैनात CAPF की 270 कंपनियों की तैनाती भी तीसरी बार बढ़ाकर 16 नवंबर तक कर दी गई है. पुलिस के सामने सिर्फ मैदान के भीतर व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती नहीं है, बल्कि मार्च के रास्ते पर भीड़ को नियंत्रित करना और आम लोगों की आवाजाही सुचारु रखना भी अहम होगा. इसी वजह से मार्ग और आयोजन स्थल, दोनों जगह अतिरिक्त बल रखा जाएगा.

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यातायात पर भी पड़ेगा असर

रैली और मार्च के चलते मध्य दिल्ली के कुछ प्रमुख मार्गों पर यातायात धीमा हो सकता है और जरूरत के अनुसार डायवर्जन लागू किए जा सकते हैं. मिंटो रोड, अजमेरी गेट, दिल्ली गेट और आसपास के इलाकों से गुजरने वाले वाहन चालकों को अतिरिक्त समय लेकर चलना चाहिए. अस्पतालों की ओर जाने वाली एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन वाहनों की आवाजाही बनाए रखने के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी. रेलवे स्टेशन या दफ्तर जाने वाले यात्रियों को भी संभावित जाम को ध्यान में रखकर समय से निकलना चाहिए.

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बताते चलें कि यह आयोजन राजनीतिक दलों के लिए अपनी बात रखने का मंच है, जबकि प्रशासन के सामने भीड़ को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी है. लोगों से पुलिस के निर्देशों का पालन करने, तय रास्तों का उपयोग करने और अफवाहों से बचने की अपील है. आम नागरिक यात्रा से पहले ट्रैफिक अपडेट देख लें.

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