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16 Jul, 2026
07:33 PM
कलयुग में त्रेतायुग का तप: 22 घंटे एक आसन पर बैठकर करते हैं शिव आराधना, हरिद्वार में गूंज रहा स्वामी कैलाशानंद गिरी का महा-रुद्राभिषेक
स्वामी कैलाशानंद गिरी जी की यह अखंड साधना आज की भागदौड़ भरी पीढ़ी के लिए आईना है. यह बताती है कि तकनीक और तेज रफ्तार के बीच भी मन को साधा जा सकता है.