मुंबई को कब मिलेगा नया मेयर, CM फडणवीस के दावोस दौरे से अटकी बातचीत, लॉटरी से तय होगी कैटेगरी
BMC में नए मेयर को लेकर सस्पेंस बना हुआ है. सीएम फडणवीस के दावोस दौरे के कारण महायुति गठबंधन में बातचीत फिलहाल रुकी है. 22 जनवरी को लॉटरी के जरिए यह तय होगा कि महापौर पद ओपन रहेगा या आरक्षित, जिसके बाद चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ेगी.
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मुंबई महानगरपालिका (BMC) में नया मेयर कौन बनेगा, इसे लेकर सियासी गलियारों में चर्चा तेज हो गई है. महायुति गठबंधन की बड़ी जीत के बाद सभी की नजरें अब महापौर पद पर टिकी हैं. हालांकि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के दावोस दौरे के चलते यह मामला फिलहाल रूक गया है. उनके विदेश दौरे की वजह से गठबंधन सहयोगियों के बीच बातचीत आगे नहीं बढ़ पाई है, जिससे सस्पेंस और गहरा गया है.
लॉटरी से तय होगा नया कैटेगरी
महापौर पद को लेकर अगला बड़ा पड़ाव 22 जनवरी माना जा रहा है. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, इसी दिन लॉटरी के जरिए महापौर पद की कैटेगरी तय की जाएगी. यह पद ओपन रहेगा या फिर SC/ST, OBC या महिलाओं के लिए आरक्षित होगा, इसका फैसला लॉटरी से होगा. यह प्रक्रिया BMC की चुनावी व्यवस्था का अहम हिस्सा मानी जाती है, क्योंकि इसी पर आगे की पूरी रणनीति निर्भर करती है. लॉटरी के नतीजे आने के बाद उसी दिन या फिर अगले दिन यानी 23 जनवरी तक आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी किए जाने की संभावना है. नियमों के अनुसार, नोटिफिकेशन जारी होने के बाद सात दिन का नोटिस देना अनिवार्य होता है. इसी वजह से महापौर का चुनाव 29 और 30 जनवरी या फिर 30 और 31 जनवरी को हो सकता है. सूत्रों का कहना है कि जनवरी के आखिर तक यह पूरी प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी.
CM फडणवीस पहुंचे दावोस
इस बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस विश्व आर्थिक मंच (WEF) की बैठक में हिस्सा लेने के लिए दावोस गए हुए हैं. वे 19 से 23 जनवरी तक चलने वाली WEF की 56वीं सालाना बैठक में शामिल हो रहे हैं. इस वैश्विक मंच पर 130 से अधिक देशों के करीब 3,000 नेता मौजूद हैं. दावोस पहुंचते ही फडणवीस ने वहां रहने वाले मराठी समुदाय से मुलाकात की और महाराष्ट्र की विकास योजनाओं पर चर्चा की.मुख्यमंत्री के साथ उद्योग मंत्री उदय सामंत और राज्य के वरिष्ठ अधिकारी भी इस दौरे पर हैं. फडणवीस ने कहा है कि WEF 2026 महाराष्ट्र को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में एक अहम कदम साबित होगा. उन्होंने बताया कि पिछले साल महाराष्ट्र ने करीब 16 लाख करोड़ रुपये के निवेश समझौते किए थे और इस साल इससे भी अधिक निवेश आकर्षित करने का लक्ष्य रखा गया है.
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बताते चलें कि सरकार का फोकस विदेशी प्रत्यक्ष निवेश यानी FDI, रोजगार पैदा करने वाले औद्योगिक प्रोजेक्ट्स और वैश्विक निवेशकों के साथ मजबूत साझेदारी पर है. माना जा रहा है कि 24 जनवरी को फडणवीस की वापसी के बाद ही BMC के मेयर पद को लेकर अंतिम तस्वीर साफ हो पाएगी. तब तक मुंबई की राजनीति में यह सवाल बना रहेगा कि शहर की कमान आखिर किसके हाथों में जाएगी.
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