Vande Bharat Sleeper Train: ऑटोमैटिक डोर, स्मार्ट सिक्योरिटी, कंफर्टेबल बर्थ, जानें High-Tech ट्रेन का किराया और पूरा रूट
Vande Bharat Sleeper Train: यह ट्रेन खास तौर पर लंबी दूरी की रात की यात्रा को ध्यान में रखकर बनाई गई है, ताकि यात्री आराम से, सुरक्षित और बिना थकान के सफर कर सकें. पूरी तरह एयर-कंडीशंड यह ट्रेन यात्रियों को ट्रेन नहीं, बल्कि किसी हवाई जहाज जैसा अनुभव देने वाली है.
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Vande Bharat Sleeper Train: 17 जनवरी 2026 का दिन भारतीय रेलवे के लिए बहुत खास बन गया. इस दिन देश को पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की सौगात मिली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के मालदा टाउन रेलवे स्टेशन से इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. यह ट्रेन खास तौर पर लंबी दूरी की रात की यात्रा को ध्यान में रखकर बनाई गई है, ताकि यात्री आराम से, सुरक्षित और बिना थकान के सफर कर सकें. पूरी तरह एयर-कंडीशंड यह ट्रेन यात्रियों को ट्रेन नहीं, बल्कि किसी हवाई जहाज जैसा अनुभव देने वाली है.
हावड़ा से कामाख्या तक तेज और आरामदायक सफर
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन हावड़ा (कोलकाता) से कामाख्या (गुवाहाटी) के बीच चलेगी. यह ट्रेन लगभग 958 किलोमीटर की दूरी को सिर्फ 14 घंटे में पूरा करेगी, जो अपने आप में बड़ी उपलब्धि है. ट्रेन की अधिकतम रफ्तार 180 किलोमीटर प्रति घंटा है, जिससे समय की भी बचत होगी और सफर ज्यादा आरामदेह बनेगा. यह सेमी हाई-स्पीड ट्रेन खासतौर पर उन यात्रियों के लिए फायदेमंद है जो लंबी दूरी रात में तय करना चाहते हैं.
#WATCH | मालदा, पश्चिम बंगाल: PM नरेंद्र मोदी ने हावड़ा और गुवाहाटी (कामाख्या) के बीच भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाई।
— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 17, 2026
(सोर्स: DD) pic.twitter.com/ZZiLqf6NKW
कोच और सीटों की पूरी जानकारी
इस ट्रेन में कुल 16 कोच लगाए गए हैं. इनमें
11 थर्ड एसी कोच,
4 सेकंड एसी कोच,
और 1 फर्स्ट एसी कोच शामिल है.
थर्ड एसी में 611, सेकंड एसी में 188 और फर्स्ट एसी में 24 बर्थ हैं. यानी कुल मिलाकर 823 यात्री एक साथ इस ट्रेन में सफर कर सकते हैं. सबसे खास बात यह है कि इस ट्रेन में सिर्फ कन्फर्म टिकट ही मिलेगा. इसमें न तो RAC होगी और न ही वेटिंग लिस्ट, जिससे यात्रियों को किसी तरह की चिंता नहीं करनी पड़ेगी.
आधुनिक सुविधाएं जो सफर को बनाएंगी खास
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को आधुनिक तकनीक और यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है. इसमें आरामदायक और बेहतर कुशनिंग वाले स्लीपर बर्थ दिए गए हैं, ताकि नींद पूरी हो सके. ऊपरी बर्थ पर चढ़ने के लिए नई डिजाइन की सीढ़ियां लगाई गई हैं. ट्रेन में ऑटोमैटिक स्लाइडिंग दरवाजे हैं, जो सिर्फ स्टेशन पर ही खुलते और बंद होते हैं.
सुरक्षा के लिए इसमें KAVACH एंटी-कोलिजन सिस्टम, हर कोच में CCTV कैमरे, इमरजेंसी टॉक-बैक सिस्टम और फायर डिटेक्शन सिस्टम लगाए गए हैं. साफ-सफाई के लिए आधुनिक बायो-वैक्यूम टॉयलेट, टच-फ्री फिटिंग्स और डिसइन्फेक्टेंट तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जिससे कोच हमेशा साफ और कीटाणुमुक्त रहेंगे. खाने में यात्रियों को क्षेत्रीय व्यंजन, जैसे बंगाली और असमिया खाना भी मिलेगा.
किराया और यात्रा का खर्च
हावड़ा से गुवाहाटी के बीच वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का किराया इस प्रकार है:
AC थ्री-टियर: लगभग ₹2,000 से ₹2,300
AC टू-टियर: ₹2,500 से ₹3,000
फर्स्ट AC: ₹3,000 से ₹3,600
यह किराया राजधानी एक्सप्रेस से थोड़ा ज्यादा है, लेकिन इसके बदले यात्रियों को ज्यादा तेज, सुरक्षित और आरामदायक सफर मिलेगा.
रास्ते में कहां-कहां रुकेगी ट्रेन
यह ट्रेन हावड़ा से कामाख्या के बीच कई अहम स्टेशनों पर रुकेगी, जिनमें बंदेल, नवद्वीप धाम, कटवा, अजीमगंज, न्यू फरक्का, मालदा टाउन, न्यू जलपाईगुड़ी, न्यू कूच बिहार, न्यू अलीपुरद्वार, न्यू बोंगाईगांव और रंगिया जैसे स्टेशन शामिल हैं. इससे रास्ते के यात्रियों को भी बड़ी सुविधा मिलेगी.
समय-सारणी और भविष्य की योजना
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शुरुआती जानकारी के अनुसार, यह ट्रेन हावड़ा से शाम 6:20 बजे चलेगी और अगले दिन सुबह 8:20 बजे कामाख्या पहुंचेगी. वापसी में ट्रेन कामाख्या से शाम 6:15 बजे चलेगी और सुबह 8:15 बजे हावड़ा पहुंचेगी. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने यह भी बताया है कि साल 2026 में कई और वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें शुरू की जाएंगी, जिससे देश में लंबी दूरी की यात्रा और भी आसान, तेज और आरामदायक हो जाएगी.
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