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'यूपी दिवस' केवल उत्सव नहीं, प्रदेश की पहचान और सामर्थ्य का वैश्विक मंच बनेगा: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

मुख्यमंत्री ने कहा कि 'यूपी दिवस' केवल एक औपचारिक उत्सव नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक चेतना, आर्थिक शक्ति और विकास यात्रा को वैश्विक मंच पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का माध्यम है.

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09 Jan 2026
( Updated: 09 Jan 2026
04:55 PM )
'यूपी दिवस' केवल उत्सव नहीं, प्रदेश की पहचान और सामर्थ्य का वैश्विक मंच बनेगा: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

उत्तर प्रदेश की स्थापना की स्मृति में आयोजित होने वाला उत्तर प्रदेश दिवस-2026 इस वर्ष और अधिक व्यापक, भव्य एवं वैश्विक स्वरूप में मनाया जाएगा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए हैं कि 24 से 26 जनवरी, 2026 तक प्रस्तावित तीन दिवसीय समारोह के अंतर्गत राजधानी लखनऊ में मुख्य आयोजन के साथ-साथ प्रदेश के सभी जनपद मुख्यालयों, देश के सभी राजभवनों तथा विदेशों में स्थित भारतीय दूतावासों में भी यूपी दिवस के कार्यक्रम आयोजित किए जाएं.

गुरुवार को तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के नागरिक आज देश-दुनिया के अनेक हिस्सों में अपनी पहचान बना चुके हैं. यूपी दिवस ऐसा अवसर बने, जो प्रवासी उत्तर प्रदेशवासियों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़े. इसके लिए सभी राजभवनों में संवाद स्थापित कर आयोजन सुनिश्चित किए जाएं. इन आयोजनों में प्रदेश सरकार के माननीय मंत्रीगण उपस्थित रहकर प्रवासी यूपीवासियों से संवाद करेंगे. मुख्यमंत्री ने विदेशों में भारतीय दूतावासों के माध्यम से भी यूपी दिवस आयोजन के लिए संवाद बनाने के निर्देश दिए.

मुख्यमंत्री ने कहा कि 'यूपी दिवस' केवल एक औपचारिक उत्सव नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक चेतना, आर्थिक शक्ति और विकास यात्रा को वैश्विक मंच पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का माध्यम है. आयोजन गरिमामय, सुव्यवस्थित, नवाचारयुक्त और व्यापक जनभागीदारी से युक्त हों.

सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं और सम्मान समारोह

मुख्यमंत्री ने जनपद, मंडल और राज्य स्तर पर गायन, नृत्य, वादन और नाट्य प्रतियोगिताओं के आयोजन पर विशेष जोर दिया. उन्होंने कहा कि जनपद स्तरीय समारोहों में जिले की विकास यात्रा पर केंद्रित विशेष फ़िल्म भी प्रदर्शित की जाये.यूपी दिवस के अवसर पर 'उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान', 'विश्वकर्मा श्रम सम्मान' और 'माटी कला बोर्ड सम्मान' प्रदान किए जाएंगे. उद्यमियों, खिलाड़ियों, महिलाओं, चिकित्सकों, वैज्ञानिकों और प्रगतिशील किसानों को सम्मानित कर प्रदेश की प्रतिभा और परिश्रम को सम्मान दिया जाएगा.

ऐतिहासिक और वैचारिक विरासत का मंचन

इसके साथ ही, प्रदेश की ऐतिहासिक और वैचारिक विरासत को जनमानस से जोड़ने के लिए धरती आबा बिरसा मुंडा, भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी, सरदार वल्लभभाई पटेल, वंदे मातरम्-आनंद मठ और पुण्य श्लोका अहिल्याबाई होल्कर से जुड़े नाट्य मंचनों का आयोजन किया जाएगा. भारतेंदु नाट्य अकादमी द्वारा वंदे मातरम् रचना के 150 वर्ष पूर्ण होने पर आनंद मठ आधारित विशेष प्रस्तुति होगी.

युवाओं की भागीदारी और आधुनिक तकनीक का उपयोग

युवाओं और विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करते हुए भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय के छात्र वंदे मातरम्' तथा विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश' थीम पर नृत्य-नाटिकाएं प्रस्तुत करेंगे.

मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि इस वर्ष आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रदेश की संस्कृति को प्रस्तुत करते हुए 3-डी और फाइबर मॉडल, वर्चुअल रियलिटी, 360 डिग्री टूर, लघु फिल्में, क्विज प्रतियोगिताएं और छायाचित्र प्रदर्शनी आयोजित की जाएंगी.

जनउत्सव का स्वरूप

मुख्यमंत्री ने कहा कि 'यूपी दिवस' को जनउत्सव का स्वरूप देने के लिए ओपन माइक, नुक्कड़ नाटक, कठपुतली थियेटर, रंगोली, पारंपरिक परिधान प्रतियोगिता, पाक-कला प्रतियोगिता और कला ग्राम जैसे आयोजन होंगे. आगरा, किराना, बनारस, हरिहरपुर, लखनऊ और रामपुर, हरिहरपुर और बदायूं जैसे प्रतिष्ठित संगीत घरानों की विशेष प्रस्तुतियां भी होंगी.

 

 

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मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी दिवस-2026 प्रदेश की पहचान, आत्मगौरव और विकास यात्रा का प्रभावशाली प्रतीक बने. सभी कार्यक्रम समयबद्ध, समन्वित और उच्च गुणवत्ता के हों, ताकि यह आयोजन स्मरणीय और प्रेरणादायी जनउत्सव के रूप में स्थापित हो सके.

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