'अब छुपने की कोई जगह नहीं बची...', ऑपरेशन सिंदूर की सालगिरह पर इजरायल ने पाकिस्तान को चेताया, याद दिलाई मार
'निर्दोषों का खून बहाने वाले आतंकियों के लिए अब कहीं कोई सुरक्षित पनाहगाह नहीं बची है.' ऑपरेशन सिंदूर' की पहली वर्षगांठ पर इजरायल ने पाकिस्तान को बड़ा मैसेज दिया है.
Follow Us:
Israel on Operation Sindoor: एक साल पहले भारत ने पाकिस्तान को जो जख्म दिए थे उसके घाव आतंकियों के जेहन में अभी तक हरे हैं. ऑपरेशन सिंदूर ने न केवल पाकिस्तान बल्कि पूरी दुनिया में ये मैसेज दिया कि निर्दोषों का खून बहाने वालों को भारत बख्शता नहीं है. भारत के इस ऑपरेशन को हमारे पक्के दोस्त इजरायल ने खासा सराहा था, एक साल बाद भी इजरायल ने भारत के साथ एकजुटता दिखाई.
'ऑपरेशन सिंदूर' की पहली वर्षगांठ पर इजरायल ने पाकिस्तान को बड़ा मैसेज दिया है. भारत में इजरायल के राजदूत रुवेन अजार ने पोस्ट के जरिए आतंकियों और पाक को चेतावनी दी. उन्होंने लिखा, निर्दोषों का खून बहाने वाले आतंकियों के लिए अब कहीं कोई सुरक्षित पनाहगाह नहीं बची है.
इजरायली राजदूत रुवेन अजार ने पाक से क्या कहा?
अपने ‘एक्स' पोस्ट पर रुवेन अजार ने ऑपरेशन सिंदूर को सराहा. उन्होंने लिखा, ऑपरेशन सिंदूर को एक साल पूरा हो गया है. आतंकी अब यह अच्छी तरह जान चुके हैं कि निर्दोषों के खिलाफ किए गए उनके जघन्य अपराधों के बाद उनके छिपने के लिए कोई जगह नहीं है.’
One year to Operation Sindoor. Terrorists now know there’s no place to hide from their heinous crimes against the innocent.#OperationSindoorAnniversary https://t.co/vpdFn2VsMH
— 🇮🇱 Reuven Azar (@ReuvenAzar) May 7, 2026
ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारतीय डेलीगेशन ने दुनिया के कई देशों में जाकर भारतीय सेना के मिशन और प्रभाव के बारे में बताया था. हालांकि अमेरिका जैसे देश भी आतंक को लेकर पाकिस्तान पर सॉफ्ट कॉर्नर रखते रहे. पाक सेना चीफ आसिम मुनीर ट्रंप के आगे नतमस्तक दिखे, लेकिन इस आतंक पर जो देश खुलकर भारत के साथ खड़ा रहा वो इजरायल था. अब ऑपरेशन सिंदूर के एक साल पूरे होने पर भी इजरायल ने समर्थन जताया.
वहीं, इजरायली राजदूत रुवेन अजार का यह बयान ऐसे समय में आया है जब आतंकियों के खिलाफ बॉर्डर पर सेना का एक्शन लगातार जारी है. न केवल सीमा क्षेत्रों में बल्कि देश के आतंरिक हिस्सों में भी आतंकी गतिविधियों, आतंकी रैकेट से जुड़े सरगनाओं पर शिकंजा कसा जा रहा है.
भारत की आतंक के प्रति इस जीरो टॉलरेंस में इजरायल जैसे दोस्त भी समर्थन दे रहे हैं. इजरायल ने भरोसा दिलाया कि यह लड़ाई भारत की अकेले की नहीं बल्कि वैश्विक है. जो दर्शाता है कि इंडियन आर्मी का ये ऐतिहासिक ऑपरेशन दुनिया तक जाने में कामयाब रहा. रुवेन अजार ने पाक को चेताया कि अपनी धरती पर आतंक की पाठशाला चलाओगे तो जहन्नुम की राह तय है.
आतंक के खिलाफ भारत को कैसे मिला इजरायल का साथ?
आतंक से लड़ाई में इजरायल ने हमेशा भारत का साथ दिया. चाहे बात अपने खुफिया नेटवर्क और सर्विलांस सिस्टम से भारत की मदद करने की हो या सीमा पार आतंकी गतिविधियों को ट्रैक करने की. इजरायल की सैटेलाइट इमेजरी और संचार को इंटरसेप्ट करने की तकनीक मे भारतीय सेना का तकनीकी तौर पर काफी साथ दिया. इसके अलावा इजरायल के अत्याधुनिक हथियार, ड्रोन, सेंसर, रडार, स्मार्ट फेंसिंग और रक्षा उपकरण सेना की ताकत को दोगुना करते हैं.
ऐतिहासिक है भारत-इजरायल की दोस्ती
भारत और इजरायल का ये मजबूत रिश्ता आज का नहीं बल्कि ऐतिहासिक है. साल 1999 में कारगिल युद्ध के दौरान इजरायल ने भारत का साथ दिया था. उस समय भारत को लेजर-गाइडेड बम और अनमैन्ड एरियल व्हीकल इजरायल ने ही मुहैया करवाए थे.
पाकिस्तान के खिलाफ क्यों और कैसे हुआ ऑपरेशन सिंदूर?
22 अप्रैल 2025, कश्मीर की खूबसूरत वादियां… सैलानियों से गुलजार खुशमिजाज नजारे… इन नजारों को लोग कैमरे में ही नहीं बल्कि यादों में भी कैद कर लेना चाह रहे थे, लेकिन तभी कुछ ऐसा हुआ कि ये यादें बुरी याद बन गईं, खूबसूरत वादियां चीत्कार के साथ खून से रंग गई, काले मुखौटे में आए जिहादियों ने एक झटके में 26 जिंदगियां खत्म कर दीं.
22 अप्रैल को पहलगाम हमले में आतंकियों ने 26 लोगों की जान ले ली थी. इस हमले का कनेक्शन पाकिस्तान से चल रहे आतंकी संगठनों से था. इसके जवाब में भारतीय सेना ने 6-7 मई की दरम्यानी रात पाकिस्तान में घुसकर आतंकी ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की. सेना ने आतंकी कैंप को तबाह कर दिया था. इस ऑपरेशन के जरिए भारत ने मैसेज दिया कि बात अपने लोगों की सुरक्षा की है तो वह दुश्मन के गढ़ में घुसकर भी बदला लेने से गुरेज नहीं करेगा.
यह भी पढ़ें
कृपया Google से लॉग इन करें टिप्पणी पोस्ट करने के लिए
Google से लॉग इन करें