Advertisement

Loading Ad...

NEET पेपर लीक पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, NTA को लगाई फटकार... पूछा- अब तक सबक क्यों नहीं सीखा?

NEET-UG मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार, शिक्षा मंत्रालय और NTA को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. कोर्ट ने पेपर लीक मामले पर सख्त टिप्पणी करते हुए मॉनिटरिंग कमेटी की रिपोर्ट भी तलब की है.

Image Source: IANS
Loading Ad...

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG को लेकर एक बार फिर विवाद गहरा गया है. पेपर लीक और परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ियों के आरोपों के बीच अब सुप्रीम कोर्ट ने भी सख्त रुख अपना लिया है. कोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार, शिक्षा मंत्रालय और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि 'बेहद दुखद है कि उन्होंने अभी तक सबक नहीं सीखा है.' कोर्ट की इस टिप्पणी के बाद पूरे मामले ने फिर से तूल पकड़ लिया है.

दरअसल, NEET-UG पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था में कथित खामियों को लेकर कई याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई हैं. इन याचिकाओं में NTA को परीक्षा प्रक्रिया से हटाने, परीक्षा को कंप्यूटर आधारित बनाने और कोर्ट की निगरानी में दोबारा परीक्षा कराने जैसी मांगें की गई हैं.

कोर्ट ने पूछा- मॉनिटरिंग कमेटी की रिपोर्ट कहां है?

Loading Ad...

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने NTA से पूछा कि कोर्ट के आदेश पर बनाई गई मॉनिटरिंग कमेटी का क्या हुआ और उसकी रिपोर्ट अब तक क्यों पेश नहीं की गई. कोर्ट ने NTA को निर्देश दिया कि वह एक एफिडेविट दाखिल कर बताए कि हाई पावर कमेटी की सिफारिशों पर अब तक क्या कदम उठाए गए हैं. इसके साथ ही मॉनिटरिंग कमेटी के चेयरमैन के. राधाकृष्णन को भी कोर्ट में एफिडेविट दाखिल करने के लिए कहा गया है. कोर्ट जानना चाहता है कि परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए अब तक क्या सुधार किए गए हैं.

Loading Ad...

नई स्वतंत्र एजेंसी बनाने की मांग

फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA) ने अपनी याचिका में NTA की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं. याचिकाकर्ताओं ने मांग की है कि NEET जैसी अहम परीक्षा किसी दूसरी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए. इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट से रिटायर्ड जज की निगरानी में एक विशेष समिति बनाने की भी मांग की गई है. इस समिति में साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट और फोरेंसिक साइंटिस्ट को शामिल करने की बात कही गई है. याचिका में यह भी कहा गया है कि जब तक नई स्वतंत्र परीक्षा संस्था औपचारिक रूप से नहीं बनती, तब तक न्यायिक निगरानी में NEET-UG 2026 की पुनर्परीक्षा कराई जाए.

Loading Ad...

डिजिटल लॉकिंग और ऑनलाइन परीक्षा की मांग

याचिका में पेपर लीक रोकने के लिए क्वेश्चन पेपर्स की डिजिटल लॉकिंग की भी मांग उठाई गई है. साथ ही परीक्षा को पारंपरिक पेन-पेपर मोड की जगह कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट यानी CBT मोड में कराने का सुझाव दिया गया है.

यह भी पढ़ें

बताते चलें कि इसके अलावा सेंटर-वाइज रिजल्ट सार्वजनिक करने की मांग भी की गई है, ताकि किसी भी असामान्य पैटर्न या गड़बड़ी को आसानी से पकड़ा जा सके. अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई और NTA के जवाब पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं.

LIVE
Loading Ad...
Loading Ad...