सरकार गिरते ही घटाई गई अभिषेक बनर्जी के घर की सुरक्षा, स्थानीय निवासियों ने जताई खुशी, बोले- अब माहौल शांत है, अच्छा लग रहा
ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के घर के करीब रहने वाले एक स्थानीय निवासी ने बताया कि 'यहां पर अभिषेक बनर्जी का घर है, लेकिन उन्होंने हमारे लिए कुछ नहीं किया. वह हमें धमकाते थे, लेकिन अब लोग शांति से रह रहे हैं.'
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पश्चिम बंगाल में सरकार बदलते ही तृणमूल कांग्रेस के नेताओं की मुसीबत लगातार बढ़ती जा रही है. चुनावी नतीजे आने के बाद सोशल मीडिया पर कई जगहों से तोड़फोड़ व हिंसा की वीडियो सामने आई है. इस बीच ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी को बड़ा झटका लगा है. खबरों के मुताबिक, अभिषेक बनर्जी के घर के बाहर लगी सुरक्षा व्यवस्था को कम कर दी गई है. इससे पहले राज्य में तृणमूल कांग्रेस सरकार के दौरान अभिषेक बनर्जी के घर पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहते थे, लेकिन विधानसभा चुनाव में मिली करारी शिकस्त और भाजपा की प्रदेश में पहली बार सरकार बनने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को घटा दिया गया है. अभिषेक बनर्जी के घर से सुरक्षा-व्यवस्था घटाए जाने के बाद आसपास रहने वाले लोगों ने खुशी जताई है.
अभिषेक बनर्जी के घर के बाहर सुरक्षा व्यवस्था घटाई गई
न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत करते हुए अभिषेक बनर्जी के घर के पास रहने वाले एक स्थानीय निवासी सौरभ ने बताया कि 'तृणमूल कांग्रेस सांसद के घर के बाहर सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरीके से घटा दी गई. अब वह उन रास्तों से आसानी से गुजर सकते हैं. इससे पहले उन रास्तों पर आम पब्लिक के जाने पर पाबंदी रहती थी. 4 मई को नतीजे वाले दिन भारी संख्या में बंगाल पुलिस के लोग तैनात थे.' उन्होंने यह भी कहा कि 'पहले यहां 300 से 350 पुलिसकर्मी सांसद की सुरक्षा में तैनात रहते थे. लेकिन अब सुरक्षाकर्मी धीरे-धीरे हटाए जा रहे हैं. अब माहौल शांत है. लोग सड़कों पर चल सकते हैं. पहले हमें परेशानी होती थी.'
'हमारे इलाके के लिए कुछ नहीं किया सिर्फ धमकाते थे'
ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के घर के करीब रहने वाले एक स्थानीय निवासी ने बताया कि 'यहां पर अभिषेक बनर्जी का घर है, लेकिन उन्होंने हमारे लिए कुछ नहीं किया. वह हमें धमकाते थे, लेकिन अब लोग शांति से रह रहे हैं.'
अभी काफी अच्छी स्थिति है- स्थानीय निवासी
अभिषेक बनर्जी के घर के बाहर सुरक्षा घटाए जाने पर स्थानीय निवासी बेहद खुश नजर आ रहे हैं. स्थानीय निवासी सौरभ ने यह भी बताया कि अभी हम बहुत अच्छी स्थिति में हैं. जो बदलाव आया है, वह बहुत अच्छा है. जानकारी के लिए बता दें कि सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें अभिषेक बनर्जी के घर से बाहर कम होती सुरक्षा व्यवस्था को देखा जा सकता है. वीडियो में देखा जा सकता है कि सांसद के घर के बाहर लगी सुरक्षा मशीनों को उनके निवास शांतिनिकेतन से हटाया जा रहा है.
प्रदेश में हिंसा रोकने के लिए अधिकारियों को कड़े निर्देश
पश्चिम बंगाल चुनाव में भाजपा की सरकार बनने के बाद प्रदेश में हिंसा बढ़ गई है. कई जगहों पर तोड़फोड़ व हिंसक घटनाएं सामने आई हैं. इसके अलावा कई लोगों की मौत भी हुई है, जिनमें भाजपा और टीएमसी के कई कार्यकर्ता बताए जा रहे हैं. प्रदेश में लगातार बढ़ रहे हिंसा को देखते हुए अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए हैं. बता दें कि आयोग का यह आदेश आसनसोल में तृणमूल कांग्रेस के कार्यालय को तोड़े जाने के बाद आया है. टीएमसी ने इसका आरोप खुले तौर पर भाजपा के ऊपर लगाया है.
15 साल बाद ममता सरकार ध्वस्त
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साल 2011 से पश्चिम बंगाल की सत्ता में कायम तृणमूल कांग्रेस की ममता बनर्जी सरकार को ध्वस्त करते हुए भाजपा ने प्रदेश में पहली बार ऐतिहासिक जीत दर्ज की है. प्रदेश की कुल 294 विधानसभा सीटों में भाजपा ने 207 सीटों पर जीत दर्ज की है. वहीं एक सीट पर चुनाव होना अभी बाकी है. ममता बनर्जी खुद अपनी सीट बचाने में नाकामयाब रही हैं. उन्हें शुभेंदु अधिकारी ने भवानीपुर से हराया है.
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