ऑपरेशन सिंदूर का एक साल, दहलाने की थी साजिश, पंजाब में धमाकों के पीछे ISI का हाथ! DGP ने क्या-क्या बताया?
DGP गौरव यादव ने बताया कि पाकिस्तान की ISI ’ऑपरेशन सिंदूर' की पहली वर्षगांठ से पहले पंजाब में हालात बिगाड़ने की कोशिश कर रही है.
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Punjab Blast: पंजाब में जालंधर और अमृतसर में हुए धमाके के बाद पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कई बड़े खुलासे किए. उन्होंने आशंका जताई कि धमाकों के पीछे पाकिस्तान की ISI का हाथ हो सकता है. पहलगाम के जवाब में भारतीय सेना के ऑपरेशन के एक साल पूरे होने पर देश में कई जगह दहलाने की साजिश रची जा रही थी.
दरअसल, पहलगाम हमले के बाद 6-7 मई की दरम्यानी रात भारत ने पाकिस्तान में घुसकर आतंकी ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की थी. इस ऑपरेशन में कई आतंकियों का सफाया किया गया था. ऐसे में 6 मई की रात अमृतसर और जालंधर में धमाकों के पाकिस्तान कनेक्शन का दावा किया जा रहा है.
पंजाब में धमाकों पर DGP ने क्या-क्या बताया?
DGP गौरव यादव ने बताया कि पाकिस्तान की ISI ’ऑपरेशन सिंदूर' की पहली वर्षगांठ से पहले पंजाब में हालात बिगाड़ने की कोशिश कर रही है.
उन्होंने कहा, मंगलवार रात करीब 10:50 बजे खासा आर्मी कैंप की चारदीवारी के पास कम तीव्रता वाले धमाके की सूचना मिली. यह घटना जालंधर में BSF मुख्यालय के पास हुए एक धमाके के ठीक दो घंटे बाद हुई.
DGP ने सेना क्षेत्र में हुए धमाके वाली जगह का मुआयना भी किया. इसके बाद उन्होंने सेना के अधिकारियों से मिलकर आपसी सुरक्षा चिंताओं पर चर्चा की. साथ ही साथ अमृतसर कमिश्नरेट और सीमा रेंज के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठकें कर हालातों पर समीक्षा की.
#WATCH | Amritsar, Punjab: On incidents of explosion in Amritsar & Jalandhar, Punjab DGP Gaurav Yadav says, "We are living in a state of proxy war, and inputs keep coming, and we keep on acting on it. Punjab is a frontline state, as our CM has said many times, that Punjab is… pic.twitter.com/j5pZNNUscL
— ANI (@ANI) May 6, 2026
उन्होंने आगे बताया कि अमृतसर ग्रामीण के SSP सहित पंजाब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे, जबकि सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के बम निरोधक दस्ते और फोरेंसिक टीमों को भी तैनात किया गया.
डीजीपी ने कहा कि इलाके को पूरी तरह से सैनिटाइज किया गया और वैज्ञानिक जांच के लिए प्रदर्शनी सामग्री और नमूने इकट्ठा किए गए. कानून की संबंधित धाराओं के तहत एक FIR दर्ज की गई है. सेना और अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर जांच आगे बढ़ रही है. हम सभी स्रोतों से जानकारी जुटा रहे हैं.
जांच टीम के साथ फॉरेसिंट एक्सपर्ट भी एक्टिव
जांच के बारे में DGP गौरव यादव ने बताया कि कई टीमें काम पर लगी हुई हैं, जो ह्यूमन इंटेलिजेंस, टेक्निकल इंटेलिजेंस और फोरेंसिक सबूतों का विश्लेषण कर रही हैं. एक व्यवस्थित, वैज्ञानिक और बारीकी से जांच चल रही है. हालांकि धमाका कम तीव्रता वाला था, लेकिन डिवाइस की सटीक प्रकृति और धमाके का स्वरूप फोरेंसिक जांच पूरी होने के बाद ही पता चल पाएगा.
उन्होंने यह भी बताया कि अब तक किसी भी समूह ने इस घटना की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन उन्होंने इसमें पाकिस्तान के संभावित जुड़ाव की ओर इशारा किया.
उन्होंने आगे कहा, ‘अभी तक किसी ने भी इस घटना की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन हमारा मानना है कि यह ऑपरेशन सिंदूर की बरसी पर पंजाब में अशांति फैलाने के लिए पाकिस्तान की ISI की साजिश का हिस्सा हो सकता है. पंजाब पाकिस्तान के खिलाफ एक प्रॉक्सी युद्ध लड़ रहा है. हम दोषियों को पकड़ने के लिए तालमेल बिठाकर जांच को आगे बढ़ाएंगे.
पंजाब में कब हुए धमाके?
पंजाब के जांलधर में मंगलवार की रात BSF मुख्यालय के सामने अचानक जोरदार धमाका हुआ. इस धमाके की आवाज सुनकर आस-पास के लोग डर गए और सभी की नींद टूट गई, हालांकि, इस हमले में किसी हताहत होने की खबर नहीं है.
बताया जा रहा है स्कूटी पर दो लोग आए और कुछ विस्फोटक छोड़ कर भाग गए. विस्फोट इतना जोरदार था कि वहां लगी टीन शेड और दीवार को नुक्सान पंहुचा. पुलिस और BSF तुरंत मौके पहुंचे और फॉरेंसिक टीम ने सबूत जुटाए.
Jalandhar, Punjab: Regarding the scooter bomb blast that occurred in Jalandhar, while the forensic team has been investigating since morning, the National Investigation Agency (NIA) has reached Jalandhar and has joined the probe into the scooter blast case. pic.twitter.com/H1kps9gMp3
— IANS (@ians_india) May 6, 2026Advertisement
अमृतसर में ग्रेनेड हमला
जालंधर के धमाके के कुछ ही समय बाद रात को अमृतसर के खासा इलाके में स्थित एक आर्मी कैंप पर बाइक सवार दो नकाबपोशों ने ग्रेनेड फेंका. यह ग्रेनेड दीवार से टकराकर फट गया. धमाके से बाउंड्री वॉल और टिन शेड को नुकसान हुआ, लेकिन किसी को चोट नहीं आई.
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इन सिलसिलेवार धमाकों के पीछे खालिस्तानी कनेक्शन की भी जांच हो रही है. सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक पोस्ट में खालिस्तान लिबरेशन आर्मी ने इस हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया. पोस्ट में कहा गया कि यह हमला ‘ऑपरेशन नवा सवेरा’ का हिस्सा है. खालिस्तान लिबरेशन आर्मी ने धमकी भी दी है कि यह हमला तब तक जारी रहेगा जब तक उनके शहीद रणजीत सिंह का बदला पूरा नहीं होता. हालांकि, पुलिस ने इस पोस्ट की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है.
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