Advertisement

आतिशी वीडियो विवाद पर सियासी घमासान, भगवंत मान ने बीजेपी को दी CBI जांच की चुनौती

पंजाब के मुख्यमंत्री ने सतलुज-यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर के मुद्दे पर भी अपनी बात रखी. उन्होंने बताया कि यह मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है और पंजाब सरकार अपने बेहतरीन वकीलों की टीम भेज रही है.

Author
17 Jan 2026
( Updated: 17 Jan 2026
03:14 PM )
आतिशी वीडियो विवाद पर सियासी घमासान, भगवंत मान ने बीजेपी को दी CBI जांच की चुनौती

दिल्ली में विधानसभा स्पीकर विजेंद्र गुप्ता की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष आतिशी से जुड़े एक वीडियो को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है. इस पूरे मामले पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने भारतीय जनता पार्टी पर प्रतिक्रिया दी और सीबीआई जांच की खुली चुनौती दे दी.

भगवंत मान ने भाजपा को दी चुनौती

भगवंत मान ने कहा कि दिल्ली फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की रिपोर्ट और अदालत दोनों ने साफ कर दिया है कि आतिशी ने वीडियो में वह बात नहीं कही, जैसा दावा किया जा रहा है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर भाजपा को फॉरेंसिक रिपोर्ट और कोर्ट पर भरोसा नहीं है और उनकी सीबीआई फॉरेंसिक से भी ऊपर है, तो जांच सीबीआई से ही करवा लें.

भगवंत मान ने आरोप लगाया कि दिल्ली में भाजपा की सरकार जानबूझकर आम आदमी पार्टी की छवि खराब करने के लिए इस मुद्दे को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रही है.

SYL नहर पर भी रखी बात

पंजाब के मुख्यमंत्री ने सतलुज-यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर के मुद्दे पर भी अपनी बात रखी. उन्होंने बताया कि यह मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है और पंजाब सरकार अपने बेहतरीन वकीलों की टीम भेज रही है.

मान ने कहा, "हमारे पास पहले से ही पानी की कमी है. यह मामला जितनी जल्दी हो, किसी भी तरीके से सुलझना चाहिए, ताकि लोगों को राहत मिल सके."

चंडीगढ़ के प्रशासनिक ढांचे पर बयान

चंडीगढ़ के प्रशासनिक ढांचे पर बोलते हुए भगवंत मान ने कहा कि शहर में 60-40 का अनुपात बना रहना चाहिए, जिसमें 60 प्रतिशत अधिकारी पंजाब से और 40 प्रतिशत हरियाणा से हों. फिलहाल यही व्यवस्था लागू है और इसे बरकरार रखा जाना जरूरी है.

पंजाब-पाक सीमा पर फेंसिंग का मुद्दा

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद भगवंत मान ने पंजाब-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तारबंदी (फेंसिंग) का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि पंजाब की 532 किलोमीटर लंबी सीमा है और कई जगहों पर तारबंदी देश की सीमा के अंदर 2 से 3 किलोमीटर तक लगी हुई है. इसका मतलब यह है कि तार के उस पार की जमीन भी भारत की ही है. वहां खेती करने के लिए किसानों को विशेष पास और बीएसएफ की सुरक्षा के साथ जाना पड़ता है.

यह भी पढ़ें

मान ने बताया कि उन्होंने यह मुद्दा पहले भी उठाया था और इस बार अमित शाह ने आश्वासन दिया कि सरकार फेंसिंग को आगे बढ़ाने पर विचार कर रही है, जैसा पहले पठानकोट में किया गया था.

Tags

Advertisement

टिप्पणियाँ 0

Advertisement
Podcast video
Arunachal पर कब्जा करने की कोशिश करने वाले ‘घुसपैठियों’ को उठाकर फेंक देने की सीधी धमकी | Taro Sonam
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें