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मोदी सरकार के ‘ऑपरेशन रेजपिल’ से आतंकियों में हड़कंप, 182 करोड़ की ‘जिहादी ड्रग’ जब्त, अमित शाह ने की NCB की तारीफ

Operation Razepille: मोदी सरकार के 'ऑपरेशन रेजपिल' के तहत ₹182 करोड़ की 'जिहादी ड्रग' जब्त की गई है, जिसके लिए गृह मंत्री अमित शाह ने NCB की सराहना की है.

Image Source: X/@AmitShah
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केंद्र सरकार ने ड्रग्स के खिलाफ अपनी सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक को अंजाम देते हुए पहली बार 'जिहादी ड्रग' कहे जाने वाले 'कैप्टागन' की बड़ी खेप जब्त की है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी देते हुए बताया कि 'ऑपरेशन रेजपिल' के तहत एजेंसियों ने 182 करोड़ रुपए कीमत की 'कैप्टागन' ड्रग बरामद की है. इस कार्रवाई में एक विदेशी नागरिक को भी गिरफ्तार किया गया है.

नशीली दवाओं के खिलाफ जीरो टॉलरेंस- अमित शाह

अमित शाह ने कहा कि केंद्र सरकार 'ड्रग-फ्री इंडिया' के संकल्प के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. उन्होंने इस कार्रवाई को भारत की 'जीरो टॉलरेंस' नीति का मजबूत उदाहरण बताया. 

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शाह ने NCB की तारीफ की

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अमित शाह ने कहा कि भारत अपनी जमीन का इस्तेमाल ड्रग्स की तस्करी के लिए किसी भी हाल में नहीं होने देगा और देश में आने या यहां से बाहर भेजे जाने वाले हर एक ग्राम नशीले पदार्थ पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी. उन्होंने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की टीम की सराहना करते हुए उन्हें बहादुर और सतर्क योद्धा बताया.

कैप्टागन ड्रग- आतंकी संगठनों में ‘जिहादी ड्रग’ नाम से मशहूर

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ऑपरेशन 'रेजपिल' को एनसीबी द्वारा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चलाया गया एक बड़ा अभियान माना जा रहा है, जिसका मकसद अवैध ड्रग्स नेटवर्क को तोड़ना है. 'कैप्टागन' असल में फेनेथिलिन नामक एम्फेटामिन आधारित ड्रग का रूप है. मिडिल ईस्ट के युद्धग्रस्त इलाकों और आतंकी संगठनों के लड़ाकों के बीच इसके इस्तेमाल की वजह से इसे 'जिहादी ड्रग' कहा जाता है.

लड़ाई और हिंसक गतिविधियों में होता है इस्तेमाल

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जानकारी के मुताबिक, इस ड्रग का सेवन करने के बाद इंसान को दर्द, डर या थकान का एहसास कम हो जाता है. यही वजह है कि इसे लड़ाई और हिंसक गतिविधियों में इस्तेमाल किया जाता रहा है. सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इस तरह की ड्रग्स न केवल युवाओं को बर्बाद करती हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय अपराध और आतंक नेटवर्क को भी बढ़ावा देती हैं.

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