मैतेई, कुकी और नगा समुदाय... मणिपुर में शांति बहाली के बीच BJP का नया फॉर्मूला, खेमचंद सिंह को सौंपी सरकार की कमान
मणिपुर में अब नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू हो गई है. युमनाम खेमचंद सिंह को विधायक दल का नेता चुना गया है और वे नए मुख्यमंत्री होंगे. हिंसा और राष्ट्रपति शासन के बाद यह कदम राज्य में स्थिरता और भरोसा बहाल करने की कोशिश माना जा रहा है
Follow Us:
मणिपुर की राजनीति में करीब एक साल के लंबे इंतजार के बाद बड़ा बदलाव देखने को मिला है. भारतीय जनता पार्टी ने राज्य में नई सरकार बनाने की औपचारिक तैयारी शुरू कर दी है. वरिष्ठ नेता युमनाम खेमचंद सिंह को विधायक दल का नेता चुना गया है और अब वही मणिपुर के नए मुख्यमंत्री होंगे. यह फैसला ऐसे समय पर आया है जब राज्य लंबे समय तक हिंसा, अस्थिरता और राष्ट्रपति शासन के दौर से गुजर चुका है.
दरअसल, बीजेपी का यह कदम केवल सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि राज्य में भरोसा बहाल करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है. पार्टी ने यह साफ संकेत दिया है कि नई सरकार सभी समुदायों को साथ लेकर चलने की नीति पर काम करेगी. इसी रणनीति के तहत मुख्यमंत्री के साथ दो उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की तैयारी है. डिप्टी सीएम के रूप में नेमचा किपगेन का नाम तय माना जा रहा है, जो कुकी समुदाय से आती हैं. दरअसल, मणिपुर में मैतेई और कुकी समुदायों के बीच भड़की हिंसा ने राज्य को गहरे संकट में डाल दिया था. पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह इस तनाव को नियंत्रित करने में असफल रहे. हालात इतने बिगड़े कि उनकी कुर्सी चली गई और 13 फरवरी 2025 से राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करना पड़ा. विधानसभा को निलंबित कर दिया गया ताकि किसी भी तरह का राजनीतिक टकराव टाला जा सके.
सभी समुदाय के बीच तालमेल बैठाने की कोशिश
अब बीजेपी की नई रणनीति इस बात पर केंद्रित है कि सत्ता में सभी बड़े समुदायों की भागीदारी दिखाई दे. खेमचंद सिंह मैतेई समुदाय से आते हैं, जबकि नेमचा किपगेन कुकी समुदाय की प्रतिनिधि हैं. इसके अलावा यह चर्चा भी तेज है कि एक नगा समुदाय के नेता को भी उपमुख्यमंत्री बनाया जा सकता है. इस पद के लिए नागा पीपुल्स फ्रंट के किसी विधायक को मौका मिल सकता है, जिसके पास फिलहाल पांच विधायक हैं. यह पार्टी राज्य में नगा समुदाय की प्रमुख आवाज मानी जाती है.
मंगलवार को हुई अहम बैठक
मंगलवार को हुई बीजेपी विधायकों की अहम बैठक में केंद्रीय पर्यवेक्षक तरुण चुघ और पूर्वोत्तर प्रभारी संबित पात्रा समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे. इसी बैठक में विधायक दल के नेता के तौर पर खेमचंद सिंह के नाम पर सहमति बनी. वर्तमान विधानसभा गणित पर नजर डालें तो 60 सदस्यीय सदन में बीजेपी के पास 37 विधायक हैं. 2022 के चुनाव में बीजेपी ने 32 सीटें जीती थीं. जेडीयू के छह विधायकों में से पांच बाद में बीजेपी में शामिल हो गए. अन्य दलों में एनपीपी के छह, नागा पीपुल्स फ्रंट के पांच, कांग्रेस के पांच, कुकी पीपुल्स अलायंस के दो, जेडीयू का एक और तीन निर्दलीय विधायक शामिल हैं. एक विधायक के निधन के कारण फिलहाल एक सीट खाली है.
कौन हैं युमनाम खेमचंद सिंह?
अब सवाल यह है कि आखिर कौन हैं युमनाम खेमचंद सिंह, जिन्हें बीरेन सिंह के विकल्प के रूप में चुना गया. खेमचंद सिंह इंफाल पश्चिम जिले की सिंगजामेई विधानसभा सीट से 2017 और 2022 में भाजपा के टिकट पर विधायक बने. 2017 से 2022 तक उन्होंने मणिपुर विधानसभा के स्पीकर की जिम्मेदारी निभाई. इसके बाद 2022 से 2025 के बीच बीरेन सिंह सरकार में नगर प्रशासन, आवास, ग्रामीण विकास और पंचायती राज जैसे अहम मंत्रालय उनके पास रहे. जानकारी देते चलें कि राजनीति के साथ-साथ खेमचंद सिंह की एक अलग पहचान भी है. वह एक पेशेवर मार्शल आर्टिस्ट हैं और पारंपरिक ताइक्वांडो में ‘5वां डैन ब्लैक बेल्ट’ हासिल करने वाले पहले भारतीय हैं. यही वजह है कि उन्हें अनुशासन और सख्त प्रशासन के समर्थक के तौर पर जाना जाता है.
बताते चलें कि नई सरकार मणिपुर में शांति, संतुलन और विश्वास की राजनीति का संदेश देने की कोशिश कर रही है. आने वाले दिनों में यह साफ हो जाएगा कि यह प्रयोग राज्य के जख्मों पर मरहम बनता है या नहीं.
Advertisement
यह भी पढ़ें
Advertisement