मणिपुर की सत्ता फिर से होगी मुख्यमंत्री के हाथों में! दिल्ली पहुंचे भाजपा और सहयोगी दलों के विधायक, इस दिन खत्म हो रहा राष्ट्रपति शासन
20 से अधिक विधायकों के साथ दिल्ली पहुंची भाजपा मणिपुर इकाई की अध्यक्ष अधिकारीमयूम शारदा देवी ने देश की राजधानी पहुंचने से पहले इंफाल हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि 'राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की सभी विधायकों को बुलाया गया है. हमें विश्वास है कि जनता की सरकार फिर से बनेगी.'
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मई 2023 से मणिपुर में दो समुदायों के बीच चल रही जातीय हिंसा के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है. पिछले साल 13 फरवरी को मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद केंद्र सरकार द्वारा राज्य में लागू राष्ट्रपति शासन जल्द खत्म हो सकता है. बता दें कि 20 से अधिक भाजपा विधायक पार्टी की केंद्रीय नेतृत्व की बैठक में शामिल होने दिल्ली पहुंच गए हैं. ऐसे में इस बात की चर्चा जोरों पर है कि जल्द ही मणिपुर में फिर से NDA की सरकार प्रदेश की सत्ता संभालती नजर आएगी.
'हमें विश्वास है कि जनता की सरकार बनेगी'
20 से अधिक विधायकों के साथ दिल्ली पहुंची भाजपा मणिपुर इकाई की अध्यक्ष अधिकारीमयूम शारदा देवी ने देश की राजधानी पहुंचने से पहले इंफाल हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि 'राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की सभी विधायकों को बुलाया गया है. हमें विश्वास है कि जनता की सरकार फिर से बनेगी.'
'इस दिन खत्म हो रहा राष्ट्रपति शासन'
जानकारी के लिए बता दें कि मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के इस्तीफा के बाद राष्ट्रपति शासन की अवधि 12 फरवरी को समाप्त होने वाली है. इसको लेकर खुद पूर्व मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने कहा है कि 'चूंकि राजग सहयोगी दलों के सभी विधायकों को बैठक के लिए आमंत्रित किया जा रहा है. इसलिए मुझे सकारात्मक परिणाम की उम्मीद है. इससे पहले भाजपा के सभी विधायकों की बैठक हुई थी.'
कौन होगा मणिपुर का मुख्यमंत्री?
मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री से जब यह सवाल पूछा गया कि सत्ता में होते तो किस तरह के हालात होते? इस सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि 'सरकार एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है और मैंने मणिपुर में हालात बदलने की काफी कोशिश की है. पहाड़ी और घाटी दोनों इलाकों में काफी खास बदलाव हुआ है.' इसके अलावा लामसंग निर्वाचन क्षेत्र के विधायक एस साजन सिंह ने भी कहा कि 'सरकार बनने की पूरी संभावना है. राज्य की स्थिति का जायजा लेने के बाद केंद्रीय नेतृत्व द्वारा नेता का चयन किया जाएगा. उसकी बैठक सोमवार को शाम को होने की संभावना है.'
'हमें दिल्ली पहुंचने को कहा गया'
इसके अलावा एक अन्य विधायक एच डिंगो ने बताया कि 'सोमवार को बैठक है. इस बैठक का एजेंडा अभी घोषित नहीं किया गया है. हमें बस इतना बताया गया है कि आज ही दिल्ली पहुंच जाएं.'
'मैं दिल्ली के लिए रवाना हो रहा हूं'
इसके अलावा नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के प्रदेश अध्यक्ष लोरहो एस पफोजे ने कहा कि 'मैं दिल्ली के लिए रवाना हो रहा हूं. सरकार गठन को लेकर कोई भी जानकारी नहीं है. हमें सिर्फ एक बैठक के लिए बुलाया गया है.' इसके अलावा एक अन्य विधायक ने कहा कि 'आइए बेहतर की उम्मीद करें, हमें बुलाया गया है, हम सभी राजग सहयोगी हैं. देखते हैं आगे क्या होता है.'
2023 से चल रही हिंसा में अब तक 260 की मौत
जानकारी के लिए बता दें कि मई 2023 से मणिपुर में मेइती और कुकी समुदायों के बीच जातीय हिंसा शुरू हुई थी, जिसमें अब तक 260 लोग मारे जा चुके हैं. इनमें हजारों परिवार बेघर हो गए. राज्य में बढ़ती हिंसा को देखकर मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने 13 फरवरी को इस्तीफा सौंप दिया था. इसके बाद केंद्र सरकार ने राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया था. मणिपुर के विधानसभा का कार्यकाल 2027 तक है. कुल 60 सदस्यीय विधानसभा सीटों में से भाजपा के 37 विधायक हैं. वहीं सहयोगी दल में एनपीपी के 6 और नगा पीपुल्स फ्रंट के 5 विधायक हैं.
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