चीन और बांग्लादेश को जवाब देने के लिए भारत की बड़ी तैयारी, अब चिकन नेक तक दौड़ेगी बुलेट ट्रेन; वॉर टाइम में 3 घंटे में पहुंचेंगे जवान
बजट में वाराणसी- सिलीगुड़ी हाई स्पीड ट्रेन कॉरिडोर की बड़ी घोषणा हुई है. 250 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली यह ट्रेन न सिर्फ यात्रियों की सुविधा बढ़ाएगी, बल्कि चिकन नेक जैसे संवेदनशील सिलीगुड़ी कॉरिडोर तक सेना और संसाधनों की तेज आवाजाही संभव बनाकर राष्ट्रीय सुरक्षा को भी मजबूत करेगी.
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केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार 1 फरवरी 2026 को देश का आम बजट पेश किया. यह बजट कई मायनों में ऐतिहासिक माना जा रहा है. वजह सिर्फ आर्थिक विकास नहीं, बल्कि देश की आंतरिक सुरक्षा, कनेक्टिविटी और रणनीतिक मजबूती भी है. जो भारत के चिकन नेक के हिस्सों में सुरक्षा को मज़बूत करने के साथ बजट 2026-27 में सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर को केंद्र में रखा है और रेलवे, जलमार्ग व एमएसएमई सेक्टर के लिए बड़े फैसले लिए हैं.
दरअसल, इस बजट की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली घोषणा वाराणसी से सिलीगुड़ी के बीच हाई स्पीड ट्रेन कॉरिडोर को लेकर की गई है. अभी यह सफर करीब 15 घंटे में पूरा होता है, लेकिन हाई स्पीड ट्रेन शुरू होने के बाद यही दूरी महज 3 घंटे में तय की जा सकेगी. सरकार की योजना है कि भारत में करीब 250 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेनें चलाई जाएं. यह कदम सिर्फ यात्रियों की सुविधा नहीं बढ़ाएगा, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा को भी नई ताकत देगा.
चिकन नेक की सुरक्षा के लिए बड़ा फैसला
दरअसल, सिलीगुड़ी कॉरिडोर को देश की सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जाता है. यही इलाका चिकन नेक के नाम से जाना जाता है, जो करीब 22 किलोमीटर चौड़ा है और पूर्वोत्तर भारत को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ता है. हाल के वर्षों में बांग्लादेश की ओर से कई बार चिकन नेक का जिक्र किया गया है. इससे पहले चीन की मंशा को लेकर भी इस क्षेत्र में सवाल उठते रहे हैं. कुछ बांग्लादेशी नेताओं द्वारा इस कॉरिडोर को भारत से अलग करने जैसी बयानबाजी ने सुरक्षा चिंताओं को और बढ़ाया है. इस बीच वाराणसी से सिलीगुड़ी तक हाई स्पीड रेल लाइन का निर्माण करने का ऐलान एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है. अब तक आपात स्थिति में सेना की तैनाती के लिए एयरफोर्स पर निर्भरता ज्यादा थी, लेकिन अब ट्रेन के जरिए भी जवानों और संसाधनों को बेहद कम समय में चिकन नेक तक पहुंचाया जा सकेगा. सिलीगुड़ी को बुलेट ट्रेन के नक्शे पर लाना भारत की सुरक्षा नीति में एक अहम बदलाव की ओर इशारा करता है.
कुल 7 हाई स्पीड रेल कॉरिडोर का ऐलान
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने तीसरे कार्यकाल के तीसरे और कुल मिलाकर लगातार नौवें बजट में रेलवे को लेकर बड़ा विजन सामने रखा है. बजट 2026 में सरकार ने कुल 7 हाई स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने की घोषणा की है. इनका उद्देश्य देश के प्रमुख औद्योगिक, आर्थिक और रणनीतिक केंद्रों को तेज और आधुनिक रेल नेटवर्क से जोड़ना है. प्रस्तावित कॉरिडोर में मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु, हैदराबाद-चेन्नई, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी शामिल हैं. इनमें दिल्ली से वाराणसी और वाराणसी से सिलीगुड़ी तक का कॉरिडोर सिर्फ यात्रा को आसान नहीं बनाएगा, बल्कि यह संदेश भी देगा कि भारत अपनी सीमाओं और संवेदनशील इलाकों को लेकर पूरी तरह सतर्क है. तेज कनेक्टिविटी का मतलब है तेज प्रतिक्रिया, जो किसी भी रणनीतिक चुनौती के समय बेहद अहम होती है.
कार्गो परिवहन को बढ़ावा दे रही सरकार
रेलवे के साथ-साथ सरकार ने जलमार्गों को भी मजबूती देने का ऐलान किया है. वित्त मंत्री ने बताया कि अगले पांच वर्षों में 20 नए जलमार्ग शुरू किए जाएंगे. इसकी शुरुआत ओडिशा के नेशनल वॉटरवे-5 से होगी. यह जलमार्ग तालचेर और अंगुल जैसे खनिज संपन्न क्षेत्रों को कलिंगनगर औद्योगिक केंद्र और पारादीप व धमरा बंदरगाहों से जोड़ेगा. इससे कम लागत और पर्यावरण के अनुकूल कार्गो परिवहन को बढ़ावा मिलेगा. अंतर्देशीय जलमार्गों के विकास के लिए वाराणसी और पटना में शिप रिपेयर और मेंटेनेंस से जुड़ा एक आधुनिक इकोसिस्टम तैयार किया जाएगा. इसके अलावा, समुद्री विमान सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए वायबिलिटी गैप फंडिंग योजना शुरू करने की भी घोषणा की गई है. इससे दुर्गम इलाकों में कनेक्टिविटी और पर्यटन दोनों को फायदा होगा.
छोटे उद्योग को बढ़ावा देगी सरकार
बजट 2026 में छोटे और मझले उद्योगों यानी (MSME) सेक्टर को भी बड़ी राहत दी गई है. सरकार ने 10 हजार करोड़ रुपए का ग्रोथ फंड लाने का ऐलान किया है. इससे छोटे उद्यमियों को अपने कारोबार के विस्तार और नई तकनीक अपनाने में मदद मिलेगी. टेक्सटाइल सेक्टर को विशेष प्रोत्साहन देने की घोषणा भी की गई है, जिससे रोजगार और निर्यात दोनों बढ़ने की उम्मीद है. इसके साथ ही इंफ्रा रिस्क गारंटी फंड और कोस्टल कार्गो प्रमोशन स्कीम लॉन्च करने की बात कही गई है. जलमार्ग सेक्टर में रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए युवाओं को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि इस क्षेत्र में कुशल मानव संसाधन तैयार हो सके.
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बताते चलें कि कुल मिलाकर बजट 2026 सिर्फ आंकड़ों का दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह भारत के भविष्य की दिशा तय करता नजर आता है. हाई स्पीड ट्रेन, जलमार्गों का विस्तार और एमएसएमई को समर्थन, ये सभी कदम मिलकर देश की अर्थव्यवस्था के साथ-साथ सुरक्षा और रणनीतिक ताकत को भी नई ऊंचाई देने वाले साबित हो सकते हैं.
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