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भारत के पड़ोस में हलचल के बीच एक्टिव मोड में NSA अजीत डोभाल, पूर्व नेपाली PM प्रचंड से हुई मुलाकात, मिले दूरगामी संदेश!

नेपाल में चुनाव से पहले भारत के ‘जेम्स बॉन्ड’ कहे जाने वाले NSA अजीत डोभाल एक बार फिर पूरी तरह एक्टिव मोड में दिखाई दे रहे हैं. जेन जी के आंदोलन और चुनाव प्रक्रिया के बीच उनकी दिल्ली में एक मुलाकात हुई है.

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07 Jan 2026
( Updated: 07 Jan 2026
11:03 AM )
भारत के पड़ोस में हलचल के बीच एक्टिव मोड में NSA अजीत डोभाल, पूर्व नेपाली PM प्रचंड से हुई मुलाकात, मिले दूरगामी संदेश!
Ajit Dhobhal And Pushp Kamal Dahal Prachanda (File Photo)

नेपाल में जेन जी आंदोलन ने कुछ महीने पहले वामपंथी और चीन परस्त केपी शर्मा ओली की सरकार तख्तापलट कर दिया और सत्ताधारी शासन-प्रशासन को उलट-पलट दिया. इस राजनीतिक भूचाल के बीच अब जल्द ही देश में आम चुनाव होने जा रहे हैं. अंतरिम पीएम सुशीला कार्की के नेतृत्व में फिलहाल कार्यकारी सरकार चल रही है. इसी बीच सूत्रों के हवाले से कूटनीतिक स्तर पर एक बड़ी खबर सामने आ रही है. चुनावी तैयारी और खुशहाल नेपाल के राजनीतिक भविष्य की तैयारियों के बीच दिल्ली में एक उच्च स्तरीय मुलाकात हुई है.

प्रचंड और डोभाल की हुई बड़ी मुलाकात!

जी हां! सूत्र बता रहे हैं कि नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री और वरिष्ठ नेता पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ ने अपनी बेटी के साथ भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल से मुलाकात की है. कहा जा रहा कि ये मीटिंग दो दिन पहले यानी कि 4 जनवरी को हुई. आपको बता दें कि मौजूदा राजनीतिक हालात को देखते हुए ये मुलाकात बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है.

भारत करता रहा है नेपाल में शांति का समर्थन!

बताया जा रहा है कि इस उच्चस्तरीय बातचीत में 5 मार्च को प्रस्तावित आम चुनावों के जरिए नेपाल के लोकतांत्रिक ढांचे को मजबूत करने को लेकर चर्चा हुई. भारत लगातार नेपाल में शांति, स्थिरता, तरक्की और लोकतांत्रिक मजबूती की वकालत करता आया है. वो इस तरह के हर प्रयासों और स्टेक होल्डर्स का समर्थन करता आया है.

प्रचंड के सम्मान में डिनर का आयोजन!

सूत्रों के मुताबिक NSA अजीत डोभाल ने प्रचंड के सम्मान में दिल्ली के एक होटल में डिनर का भी आयोजन किया. माना जा रहा है कि इस दौरान नेपाल की मौजूदा राजनीतिक हालत और दोनों देशों के मजबूत और ऐतिहासिक संबंधों पर चर्चा हुई. हालांकि इसको लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.

CNN न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रचंड और डोभाल के बीच बातचीत का मुख्य केंद्र यही रहा कि आम चुनाव ही नेपाल के राजनीतिक संक्रमण और संकट से बाहर निकलने का सबसे ठोस और लोकतांत्रिक रास्ता है. यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब जेन जी के नेतृत्व में हुए प्रदर्शनों के बाद केपी शर्मा ओली की सरकार गिर चुकी है और फिलहाल सुशील कार्की अंतरिम प्रधानमंत्री के तौर पर जिम्मेदारी संभाल रही हैं.

डोभाल और प्रचंड की मुलाकात, दूरगामी संदेश!

सूत्रों के अनुसार, यह चर्चा ऐसे वक्त पर हुई है जब नेपाल में चुनाव की औपचारिक घोषणा हो चुकी है. बैठक में अजीत डोभाल ने इस बात पर जोर दिया कि मौजूदा राजनीतिक संकट को समाप्त करने के लिए नेपाल को बिना देरी किए चुनावी प्रक्रिया को आगे बढ़ाना चाहिए. मौजूदा हालात में इस मुलाकात को नेपाल की राजनीति और क्षेत्रीय कूटनीति दोनों के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है. 

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आपको बता दें कि भारत के नेपाल में चुनाव प्रक्रिया का समर्थन करने पर प्रचंड ने आश्‍वासन दिया कि उनके देश में इसको लेकर आंतरिक सहमति है. प्रचंड ने डोभाल से को अवगत कराया कि राजनीतिक दल चुनाव का विरोध नहीं कर रहे हैं. कहा जा रहा है कि अपने दिल्ली दौरे से पहले प्रचंड ने नेपाल के अंदर केपी शर्मा ओली के साथ उच्‍च स्‍तरीय विचार व‍िमर्श किया था. ये इस बात का संकेत है कि नेपाल के राजनीतिक नेतृत्व में भारत को लेकर सकारात्मक रुख देखा जा रहा है. 

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