Advertisement

घर खरीदारों के फंड के दुरुपयोग का मामला, ईडी ने 51.57 करोड़ की संपत्तियां कुर्क कीं

ईडी ने किफायती आवास परियोजनाओं में अपनी बचत का निवेश करने वाले बड़ी संख्या में घर खरीदारों से एकत्र की गई धनराशि के व्यवस्थित दुरुपयोग का खुलासा किया है.

Author
07 Jan 2026
( Updated: 07 Jan 2026
10:53 AM )
घर खरीदारों के फंड के दुरुपयोग का मामला, ईडी ने 51.57 करोड़ की संपत्तियां कुर्क कीं
Image Credits_IANS

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को एक आधिकारिक बयान में कहा कि उसने एक रियल एस्टेट और निर्माण कंपनी की चल और अचल संपत्तियों को अस्थाई रूप से जब्त कर लिया है. जब्त की गई संपत्तियों में एक होटल और एक विला शामिल हैं, जिनकी कीमत 51.57 करोड़ रुपए है. यह कार्रवाई घर खरीदारों से एकत्र किए गए फंड के कथित दुरुपयोग और फ्लैटों की देरी से डिलीवरी के संबंध में की गई है.

ईडी ने फ्लैट निर्माण कंपनी की 51 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त

बयान में कहा गया है कि नई दिल्ली स्थित ईडी मुख्यालय कार्यालय द्वारा ओसियन सेवन बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड (ओएसबीपीएल) से संबंधित संपत्तियों की कुर्की धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत की गई है.

ईडी ने बताया कि जब्त की गई संपत्तियों में 49.79 करोड़ रुपए मूल्य की अचल संपत्तियां शामिल हैं, जिनमें एक विला, एक होटल और रिसॉर्ट, कार्यालय स्थान और गुरुग्राम, हिमाचल प्रदेश और महाराष्ट्र में स्थित कई भूमि भूखंड शामिल हैं.

ईडी ने बताया कि जब्त की गई चल संपत्तियों का मूल्य 1.78 करोड़ रुपए है.

ईडी ने किफायती आवास परियोजनाओं में अपनी बचत का निवेश करने वाले बड़ी संख्या में घर खरीदारों से एकत्र की गई धनराशि के व्यवस्थित दुरुपयोग का खुलासा किया है.

"परियोजनाएं अधूरी रहीं, आवंटन मनमाने ढंग से रद्द किए गए"

ईडी ने कहा कि परियोजनाएं अधूरी रहीं, आवंटन मनमाने ढंग से रद्द किए गए, और घर खरीदारों को लंबे समय तक अनिश्चितता और वित्तीय नुकसान का सामना करना पड़ा, जबकि परियोजना विकास के लिए आवंटित धनराशि को दूसरे उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किया गया.

ईडी की जांच से यह साबित हुआ है कि ओएसबीपीएल के प्रमोटर और प्रमुख निर्णयकर्ता स्वराज सिंह यादव ने पूरी योजना को अंजाम देने में केंद्रीय भूमिका निभाई. निर्माण के लिए घर खरीदारों से एकत्र की गई धनराशि को जानबूझकर निर्धारित परियोजनाओं के लिए उपयोग करने के बजाय दूसरी जगह इस्तेमाल किया गया.

यह भी पढ़ें

दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा और हरियाणा पुलिस द्वारा धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, जालसाजी और आपराधिक साजिश के अपराधों के लिए दर्ज की गई कई एफआईआर के आधार पर ईडी ने जांच शुरू की.

Tags

Advertisement

टिप्पणियाँ 0

LIVE
Advertisement
Podcast video
'सरकार ने हथियार चलाने के लिए दिए हैं', ACP ने बता दिया अपराधियों को कैसे ठोकते हैं! Ritesh Tripathi
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें