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हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्पेशल ओलंपिक्स एथलीटों को किया सम्मानित, दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए विशेष स्टेडियम और अनुदान की घोषणा

मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि हरियाणा खेलों का गढ़ है और इसने कई ओलंपियन और विश्व चैंपियन दिए हैं. उन्होंने विशेष रूप से हरियाणा के स्पेशल ओलंपिक्स एथलीट केशव मलिक का उल्लेख किया और उनकी उपलब्धियों की सराहना की.

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को कहा कि स्पेशल ओलंपिक्स में भाग लेने वाले एथलीट चुनौतियों पर विजय प्राप्त करके एक सशक्त संदेश दे रहे हैं और यदि उन्हें अवसर, उचित प्रशिक्षण और आत्मविश्वास दिया जाए, तो प्रत्येक व्यक्ति असाधारण सफलता प्राप्त कर सकता है.

स्पेशल ओलंपिक्स एथलीट दे रहे सशक्त संदेश

मुख्यमंत्री रोहतक स्थित महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) में आयोजित स्पेशल ओलंपिक्स भारत एथलेटिक्स राष्ट्रीय चैंपियनशिप के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे.

इस चैंपियनशिप में 26 राज्यों के 500 से अधिक एथलीट अपने कोचों और सहायक कर्मचारियों के साथ भाग ले रहे हैं.

दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए बनेगा विशेष स्टेडियम

कार्यक्रम के दौरान, मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की "सुलभ भारत" पहल के दृष्टिकोण का अनुसरण करते हुए, हरियाणा में दिव्यांग एथलीटों के लिए एक विशेष स्टेडियम का निर्माण किया जाएगा. स्टेडियम में एथलीटों के लिए आवासीय सुविधाएं भी होंगी.

मुख्यमंत्री ने स्पेशल ओलंपिक्स भारत को 31 लाख रुपए के अनुदान की घोषणा भी की, जबकि खेल मंत्री गौरव गौतम ने 21 लाख रुपए के अतिरिक्त अनुदान की घोषणा की.

इससे पहले, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने एमडीयू के अभिलाषा गर्ल्स हॉस्टल परिसर में एक गर्ल्स स्पोर्ट्स हॉस्टल के निर्माण की आधारशिला रखी. प्रस्तावित हॉस्टल में 150 छात्राओं के रहने की क्षमता होगी. यह बहुमंजिला इमारत लगभग 2,374 वर्ग मीटर के कुल क्षेत्रफल में फैली होगी और इसका निर्माण लगभग 5 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से किया जाएगा.

मुख्यमंत्री सैनी जनसभा को किया संबोधित

सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि स्पेशल ओलंपिक्स का असली सार खेलों को केवल पदक जीतने की प्रतियोगिता के रूप में नहीं, बल्कि मानवीय भावना की शक्ति और क्षमता के प्रतिबिंब के रूप में देखना है.

उन्होंने कहा कि मैदान पर दौड़ते, कूदते और प्रतिस्पर्धा करते खिलाड़ी हमें सिखाते हैं कि सीमाएं शरीर में नहीं, बल्कि मानसिकता में होती हैं. राष्ट्रीय चैंपियनशिप के साथ-साथ स्वास्थ्य और चिकित्सा शिविर, युवा सक्रियता कार्यक्रम और खिलाड़ी नेतृत्व प्रशिक्षण जैसी पहल भी आयोजित की जा रही हैं.

उन्होंने कहा कि इन प्रयासों का उद्देश्य न केवल शारीरिक फिटनेस है, बल्कि मानसिक सशक्तिकरण और नेतृत्व विकास भी है. यही सच्ची समावेशिता है, जहां एथलीट न केवल पदक विजेता बनकर उभरते हैं, बल्कि सक्रिय नागरिक, आदर्श और समाज के लिए प्रेरणा स्रोत भी बनते हैं.

मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि हरियाणा खेलों का गढ़ है और इसने कई ओलंपियन और विश्व चैंपियन दिए हैं. उन्होंने विशेष रूप से हरियाणा के स्पेशल ओलंपिक्स एथलीट केशव मलिक का उल्लेख किया और उनकी उपलब्धियों की सराहना की.

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