गौरव गोगोई के कथित ‘पाक कनेक्शन’ की होगी जांच! गृह मंत्रालय को SIT रिपोर्ट भेजेगी हिमंत बिस्वा सरकार
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने फिर एक बार कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई के पाकिस्तान कनेक्शन का दावा किया है. उन्होंने कहा, पाकिस्तान दौरे के दौरान गौरव गोगोई कम से कम 10 दिनों तक डिजिटल रूप से चुप रहे,
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असम में चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल गर्माया हुआ है. मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने एक बार फिर कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई के पाकिस्तान कनेक्शन की बात कही है. इस बार उन्होंने गौरव गोगोई पर दौरे को सीक्रेट रखने के लिए डिजिटल रिकॉर्ड छुपाने का दावा किया. असम कैबिनेट ने कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई के कथित पाकिस्तान लिंक से जुड़े मामले को केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय (MHA) को भेजने का फैसला किया है. CM बिस्वा सरमा ने कहा, राज्य सरकार की ओर से गठित SIT ने अपनी जांच रिपोर्ट सौंप दी है और कैबिनेट ने माना है कि यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है.
CM हिमंत बिस्वा सरमा ने गौरव गोगोई पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, पाकिस्तान दौरे के दौरान गौरव गोगोई कम से कम 10 दिनों तक डिजिटल रूप से चुप रहे, जबकि देश के गृह मंत्रालय ने कांग्रेस नेता के वीजा परमिशन बदल दिए थे. हिमंत बिस्वा सरमा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में ये बड़ा दावा किया.
#WATCH | Dispur: Following his press conference, Assam CM Himanta Biswa Sarma says, "Gaurav Gogoi's wife worked initially in Pakistan in a particular organisation. After marriage, she joined in India. But she continued to be managed by the Pakistani authority and she used to get… pic.twitter.com/h4Nah0Ksxz
— ANI (@ANI) February 8, 2026
CM हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, ‘जब गौरव गोगोई 2013 में पाकिस्तान दौरे पर गए थे, तो शहरों में जाने की उनकी अनुमति पाकिस्तान के गृह मंत्रालय ने बदल दी थी और कांग्रेस सांसद डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पूरी तरह से खामोश थे, जिससे उस दौरान उनकी गतिविधियों पर कई सवाल उठते हैं.’
ब्रेनवॉश के गंभीर आरोप
हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, गौरव गोगोई शायद इस्लामाबाद में 10 दिनों तक रहने के दौरान कुछ 'ट्रेनिंग' सेशन से गुजरे होंगे. उन 10 दिनों की चुप्पी के बाद वह व्यक्ति पूरी तरह बदल गया था. यह दिसंबर 2013 की बात है जब गोगोई पाकिस्तान गए थे और बाद में 2014 में वह लोकसभा सांसद बने. संसद में आने के बाद उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील सवाल पूछना शुरू कर दिया और यह गतिविधि मेरे इस शक को पुख्ता कर रही है कि उस दौरे के दौरान कांग्रेस नेता का पाकिस्तान इंटेलिजेंस ने ब्रेनवाश किया था.
पाकिस्तान से ली ट्रेनिंग- CM हिमंत
सरमा ने यह भी कहा कि तरुण गोगोई 2016 तक असम के मुख्यमंत्री थे और गौरव गोगोई पाकिस्तान से ट्रेनिंग लेने के बाद मुख्यमंत्री के बंगले में रहते थे, जो एक बहुत ही खतरनाक स्थिति थी. मुख्यमंत्री ने कहा, ‘जो व्यक्ति चुपचाप पाकिस्तान जाता है और मुख्यमंत्री आवास पर रहता है, वह राज्य की सुरक्षा के लिए बहुत बड़ा खतरा है.’
असम के मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख और गौरव गोगोई की पत्नी एलिजाबेथ गोगोई से जुड़े आरोप बहुत गंभीर हैं. उन्होंने कहा, ये गंभीर आरोप हैं. जब एक मौजूदा सांसद, जो संसद में कांग्रेस पार्टी के उपनेता भी हैं, किसी भी तरह से पाकिस्तान से जुड़े होते हैं, तो मामला अपने आप ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाता है.
असम की राजनीति में हिमंता बिस्वा सरमा और गौरव गोगोई के बीच बयानबाजी कोई नई बात नहीं है. इससे पहले उन्होंने गौरव गोगोई को ‘पाकिस्तानी एजेंट’ बताया था. दोनों नेताओं के बीच पहले भी कई मुद्दों पर तीखी नोकझोंक देखने को मिल चुकी है. लेकिन इस बार चुनाव नजदीक होने के कारण यह शब्दों की जंग ज्यादा गंभीर और प्रभावशाली मानी जा रही है. हिमंत लंबे समय से गौरव गोगोई के पाकिस्तान कनेक्शन का दावा कर रहे हैं. जबकि गौरव गोगोई इन्हें निराधार बताकर खारिज करते रहे हैं.
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