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'पहले अपनी सरकारें गिराएं, फिर हमसे इस्तीफा मांगें', हिमंत सरमा ने का राहुल गांधी पर निशाना, BJP ने देशभर में निकाला मार्च
विपक्ष की महारैली के जवाब में बीजेपी ने देशभर में 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' मार्च निकाला. शिमला में असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने मार्च का नेतृत्व किया.
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इंडिया ब्लॉक की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कथित चुनावी अनियमितताओं को लेकर दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित रैली के जवाब में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने रविवार को देश के कई राज्यों में 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' मार्च निकाले. पार्टी ने इन प्रदर्शनों के जरिए विपक्ष पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को निशाना बनाने और चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाकर अराजकता फैलाने का आरोप लगाया.
शिमला में हिमंत बिस्वा सरमा ने संभाली मार्च की कमान
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने विरोध मार्च का नेतृत्व किया. इसमें बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। मार्च का समापन जिले के चौड़ा मैदान में आयोजित रैली के साथ होना था.
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राहुल गांधी से कांग्रेस शासित राज्यों की सरकारों के इस्तीफे की मांग
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इस दौरान पत्रकारों से बातचीत में सरमा ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा, 'क्या हिमाचल प्रदेश का चुनाव रद्द होना चाहिए या नहीं? क्या केरल का चुनाव रद्द होना चाहिए या नहीं? क्या रायबरेली से उनका अपना चुनाव रद्द होना चाहिए या नहीं? पहले कांग्रेस शासित राज्यों की सरकारें इस्तीफा दें, उसके बाद वे हमसे इस्तीफे की मांग करने आएं.' उन्होंने कहा कि कांग्रेस को उत्तर प्रदेश में चुनाव का बहिष्कार करना चाहिए और कहना चाहिए कि वहां भी वोट चोरी हुई है। विपक्ष जिन राज्यों में चुनाव जीतता है, वहां उसे चुनाव प्रक्रिया सही लगती है, लेकिन जहां BJP जीतती है, वहां उसे अनियमितताएं नजर आने लगती हैं.
राहुल गांधी के सांसद पद से इस्तीफे की उठाई मांग
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सरमा ने आईएएनएस से बातचीत में राहुल गांधी के सांसद पद से इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि राहुल गांधी भी 2024 में ईवीएम के जरिए ही चुनाव जीतकर आए हैं. ऐसे में उन्हें भी इस्तीफा दे देना चाहिए. उन्होंने कहा, 'आज देशभर में 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' रैलियां आयोजित की जा रही हैं और लाखों लोग सड़कों पर उतर रहे हैं। जनता राहुल गांधी से कह रही है कि वे घुसपैठियों को बचाने का काम न करें और घुसपैठियों को देश छोड़ना होगा.'
अनुराग ठाकुर का आरोप- कांग्रेस फैला रही अराजकता
शिमला में पदयात्रा में शामिल बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने आईएएनएस से कहा कि कांग्रेस भारत की प्रगति में बाधा डालने के लिए अराजकता फैला रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने 1 नवंबर की तारीख को लोकतंत्र और संविधान की हत्या के लिए चुना है, जबकि इसी तारीख को 1984 में सिखों का नरसंहार हुआ था. ठाकुर ने राहुल गांधी पर विदेशी ताकतों का समर्थन लेने का आरोप लगाते हुए कहा कि देश में सत्ता परिवर्तन कराने की उनकी मंशा कभी सफल नहीं होगी, क्योंकि देश की जनता उनके इस राजनीतिक नाटक को देख रही है। इसी तरह हरियाणा के रोहतक में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के नेतृत्व में मार्च निकाला गया.
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ठाणे में देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे ने निकाला मार्च
महाराष्ट्र के ठाणे में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी विरोध रैली में शामिल हुए. इस दौरान शिंदे ने पत्रकारों से बातचीत में दावा किया कि सरकार की ओर से किए जा रहे कामों के कारण विपक्ष उससे ईर्ष्या करता है. उन्होंने कहा, 'केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नक्सलवाद को खत्म किया है और इसी बात से विपक्ष को परेशानी है. वे पाकिस्तान की भाषा बोल रहे हैं. विपक्षी नेता विदेशी ताकतों के हाथों की कठपुतली बन गए हैं और देश को बांटने का काम कर रहे हैं, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को एकजुट करने में जुटे हैं.'
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चुनाव आयोग को लेकर विपक्ष पर उठाए सवाल
राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए शिंदे ने कहा कि विपक्ष के नेता हाथों में संविधान की प्रति लेकर चलते हैं, लेकिन सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन करते हैं तथा ईवीएम को धोखाधड़ी का माध्यम बताते हैं. उन्होंने सवाल किया कि जिन राज्यों में कांग्रेस की सरकारें हैं, वहां उसके सांसद और विधायक भी ईवीएम के जरिए ही चुने गए हैं, तो क्या उनके चुनाव वैध नहीं हैं?
लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का लगाया आरोप
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महाराष्ट्र बीजेपी अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए सभी नागरिक पार्टी के मार्च में हिस्सा ले रहे हैं. उन्होंने कहा कि संविधान के तहत स्थापित लोकतांत्रिक संस्थाएं, जो देश के लोकतंत्र की नींव हैं, उन्हें अलग-अलग तरीकों से निशाना बनाया जा रहा है और कमजोर करने की कोशिश की जा रही है. इसी वजह से महायुति गठबंधन की ओर से ठाणे में यह मार्च आयोजित किया गया. वहीं, शिवसेना सांसद नरेश म्हस्के ने इंडिया ब्लॉक पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ हर दिन नई रणनीति अपनाकर देश की प्रगति बाधित करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी संवैधानिक प्रक्रिया के तहत जनता की ओर से दिए गए जनादेश को बार-बार स्वीकार करने से इनकार कर रहे हैं. संसद की कार्यवाही बाधित करने और सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ प्रदर्शन जैसे कदम इसी का हिस्सा हैं.
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बताते चलें कि विपक्ष की महारैली के जवाब में बीजेपी ने देशभर में मार्च निकालकर राजनीतिक मोर्चाबंदी तेज कर दी है. अलग-अलग राज्यों में बीजेपी नेताओं ने राहुल गांधी और इंडिया ब्लॉक पर निशाना साधते हुए लोकतांत्रिक संस्थाओं और चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए. इससे सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच सियासी टकराव और तेज होता नजर आ रहा है.