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दिल्ली-NCR को बजट में मिली बड़ी सौगात, शिक्षा से लेकर सेमीकंडक्टर तक बदलेगा विकास का नक्शा

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में दिल्ली-एनसीआर को शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और बुनियादी ढांचे में बड़े तोहफे दिए हैं. दिल्ली के पांच बड़े अस्पतालों को 10 हजार करोड़ से ज्यादा का बजट मिला, जिसमें अकेले एम्स को 5500 करोड़ रुपये आवंटित हुए हैं.

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Budget 2026: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को पेश किए गए बजट में दिल्ली-एनसीआर को कई अहम तोहफे दिए हैं. इस बजट को क्षेत्र के समग्र विकास की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है. शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और बुनियादी ढांचे पर खास फोकस रखा गया है, जिससे आम लोगों की जिंदगी पर सीधा असर पड़ेगा.

 पांच बड़े अस्पतालों को मिला भारी बजट

स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए दिल्ली में मौजूद केंद्र सरकार के पांच बड़े अस्पतालों को पहली बार 10 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का बजट दिया गया है. इसमें अकेले एम्स दिल्ली को लगभग 5500 करोड़ रुपये मिले हैं, जो बीते साल के मुकाबले 300 करोड़ रुपये ज्यादा हैं. इस राशि से अस्पताल में नई सुविधाएं, आधुनिक उपकरण और इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार किया जाएगा. इससे न केवल दिल्ली बल्कि आसपास के राज्यों से आने वाले मरीजों को भी राहत मिलेगी.

सुरक्षा पर सरकार का फोकस 

शिक्षा के क्षेत्र में भी केंद्र सरकार ने भरोसा दिखाया है. इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) और स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर को पिछले वर्ष की तुलना में 10-10 करोड़ रुपये अतिरिक्त दिए गए हैं। इससे उच्च शिक्षा और रिसर्च को बढ़ावा मिलेगा. इसके साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी बजट में खास ध्यान दिया गया है. दिल्ली पुलिस को इस वर्ष 12503 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो पिछले साल से 98 करोड़ रुपये ज्यादा हैं. इससे पुलिस के संसाधन बढ़ेंगे और राजधानी की कानून व्यवस्था और मजबूत होगी.

नोएडा एयरपोर्ट तक दौड़ेगी हाई-स्पीड ट्रेन 

बुनियादी ढांचे के मोर्चे पर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को बड़ी सौगात मिली है. दिल्ली से वाराणसी तक चलने वाली बुलेट ट्रेन को नोएडा एयरपोर्ट से जोड़ने का रास्ता साफ हो गया है. एयरपोर्ट के ग्राउंड ट्रांसपोर्टेशन सेंटर में भूमिगत स्टेशन बनाने पर सहमति बन चुकी है, जिससे यात्रियों को तेज और आसान कनेक्टिविटी मिलेगी. औद्योगिक विकास की बात करें तो यमुना सिटी को उत्तर भारत का सेमीकंडक्टर हब बनाने की तैयारी है. ग्रेटर नोएडा में पहली सेमीकंडक्टर यूनिट के लिए 48 एकड़ जमीन आवंटित की जा चुकी है और निर्माण से जुड़े शुरुआती काम शुरू हो गए हैं. यह इकाई डेढ़ साल में चालू हो सकती है.

इसके अलावा गुरुग्राम और फरीदाबाद को ट्रॉमा सेंटर की सौगात भी मिली है. लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होने से लाखों लोगों को आपातकालीन इलाज के लिए अब दिल्ली की ओर भागना नहीं पड़ेगा. कुल मिलाकर यह बजट दिल्ली-एनसीआर के भविष्य को नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है.

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