'काशी को बदनाम करने की हो रही साजिश...', मणिकर्णिका घाट पर झूठ फैला रहे विपक्ष को CM योगी ने दिया करारा जवाब
मणिकर्णिका घाट के कायाकल्प पर हो हल्ला मचा रहे विपक्ष को CM योगी ने करारा जवाब दिया है. उन्होंने कहा कि वर्षों तक, आजादी के बाद से ही काशी की उपेक्षा हुई, उसे जो सम्मान मिलना था, नहीं मिला, अब जब उसका हक मिल रहा है, काया पलटी जा रही है तो इसे बदनाम करने की साजिश रच रहे हैं.
Follow Us:
वाराणसी के मणिकर्णिका घाट के कायाकल्प और सौंदर्यीकरण को लेकर मचे बवाल और विपक्ष के प्रोपेगेंडा का सीएम योगी ने जोरदार जवाब दिया. वाराणसी सर्किट हाउस में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों के अंदर हुए समग्र विकास की परियोजनाओं को बाधित करने का प्रयास किया जा रहा है. इसके बारे में जनता जनार्दन को सच्चाई से अवगत कराने के लिए आना पड़ा. उन्होंने आगे कहा कि काशी अविनाशी है. काशी के प्रति हर सनातन धर्मावलंबी और हर भारतवासी अपार श्रद्धा का भाव रखता है, लेकिन स्वतंत्र भारत में काशी को जो सम्मान मिलना चाहिए था, जो विकास होना चाहिए था, जो आज़ादी के तत्काल बाद प्राप्त होना चाहिए था, वह नहीं मिला.
सीएम योगी ने आगे कहा कि पिछले 11 वर्षों के अंदर काशी फिर से अपनी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का संवर्धन कर रही है और भौतिक विकास के जरिए नई ऊंचाइयां प्राप्त कर रही है. आज काशी को एक नई वैश्विक पहचान प्राप्त हुई है. इस काशी का प्रतिनिधित्व देश के यशस्वी प्रधानमंत्री कर रहे हैं, यह हम सबका सौभाग्य है.
काशी की प्राचीन काया को संरक्षित कर नए कलेवर में हो रहा कायापलट: CM योगी
प्रारंभ से ही उन्होंने कहा है कि काशी की पुरातन काया को संरक्षित करते हुए उसे नए कलेवर के रूप में प्रस्तुत करना चाहिए. उसी के अनुरूप पिछले 11 वर्षों के अंदर काशी की योजनाएं तैयार हुईं. 55 हजार करोड़ रुपये की योजनाएं काशी के लिए स्वीकृत हुईं, जिसमें से 36 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाएं लोकार्पित हो चुकी हैं. उनमें से शेष परियोजनाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं.
अकेले काशी का देश की जीडीपी में 1.3 लाख करोड़ का योगदान: CM योगी
सीएम योगी ने काशी में बदले परिवेश का जिक्र करते हुए कहा कि 2014 से पहले या काशी विश्वनाथ धाम बनने से पहले यहां प्रतिदिन श्रद्धालुओं की संख्या 5 हजार से लेकर केवल 25 हजार तक पहुंचती थी. आज उसी काशी में 1.25 लाख से 1.50 लाख श्रद्धालु प्रतिदिन पहुंचते हैं. अकेले काशी ने देश की जीडीपी में 1.3 लाख करोड़ रुपये का योगदान किया है. उन्होंने इस दौरान भारत की विरासत का अपमान करने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला.
'ये वही लोग हैं जो तब भी साजिश रचने में व्यस्त थे'
मुख्यमंत्री ने इस दौरान कहा कि जो कुछ लोग हैं, जो काशी को बदनाम करते हैं, मुझे याद है कि जब काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर का काम शुरू हुआ था तो उसके खिलाफ भी साजिश की थी...आज भी वही लोग काशी को बदनाम कर रहे हैं और टूटी हुई मूर्तियों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर डाल कर भ्रम फैला रहे हैं और दावा कर रहे हैं किकि मूर्तियां तोड़ी जा रही हैं.
'मूर्ति तोड़ने की बात सफेद झूठ'
उन्होंने इसे सरारस झूठ करार देते हुए कहा कि इससे ज़ादा सफेद झूठ कुछ नहीं हो सकता. आज काशी को एक नई वैश्विक पहचान मिली है. पीएम ने हमेशा इस बारे में बात की है कि काशी की प्राचीन विरासत को संरक्षित करते हुए, इसे देश और दुनिया के सामने एक नए रूप में भी प्रस्तुत किया जाना चाहिए.
टूटी मूर्तियों को दुकानों में रखकर रची गई साजिश: CM योगी
कुछ लोग हैं जो सदैव काशी की विरासत को बदनाम करते हैं, अपमानित करते हैं. उन्होंने तो ये तक किया कि एक मूर्ति वर्कशॉप में टूटी हुई मूर्तियों को रखकर फोटो वायरल किया गया और झूठ फैलाया गया कि मूर्तियां तोड़ी जा रही है. याद करिए कि 100 वर्ष पहले काशी में माता अन्नापूर्णा की मूर्ति चोरी करके यूरोप पहुंचा दी गई. पीएम मोदी के प्रयास से उन्हें लाया गया और पुन: बाबा विश्वनाथ धाम में उन्हें स्थापित किया गया.
'जो कभी स्नान योग्य नहीं थी वो आच आचमन योग्य है'
गंगा की स्वच्छता और घाटों के कायाकल्प का जिक्र करते हुए सीएम योगी ने कहा कि 2014 से पहले गंगा जल न स्नान योग्य था और न आचमन योग्य, लेकिन आज श्रद्धालु न केवल स्नान कर रहे हैं बल्कि आचमन भी कर पा रहे हैं. घाट आज स्वच्छ, सुंदर और श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बन चुके हैं. नमो घाट को उन्होंने देश का सबसे बड़ा घाट बताया, जो काशी को पूरे देश से जोड़ता है.
गंगा के जलस्तर को बनाए रखने की सरकार की अहमियत पर सीएम योगी ने कहा कि गंगा नदी के जलस्तर को ध्यान में रख कर शवदाह प्लेटफार्म बनाए जा रहे हैं. साथ ही प्रतीक्षालय, लकड़ी भंडारण, शौचालय, रैम्प, ड्रेनेज और वेस्ट मैनेजमेंट जैसी व्यवस्था की जा रही है.
'AI के जरिए फर्जी तस्वीरें करना गंभीर अपराध'
सोशल मीडिया पर AI के जरिए फर्जी तस्वीरें और वीडियो फैलाने को मुख्यमंत्री ने गंभीर अपराध बताया. उन्होंने कहा कि नाविक समुदाय, मणिकर्णिका घाट और दालमंडी चौड़ीकरण जैसे विकास कार्यों को लेकर झूठ फैलाया जा रहा है. पहले जहां नावें डीजल और केरोसिन से चलती थीं, आज सीएनजी नावों से नाविकों की आय कई गुना बढ़ी है.
कोई मंदिर नहीं तोड़ा गया: CM योगी
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी भी मूर्ति को नहीं तोड़ा गया है और सभी धार्मिक प्रतीक सुरक्षित हैं. मंदिरों को तोड़े जाने से जुड़े एआई वीडियो को उन्होंने जनभावनाओं से खिलवाड़ बताया और चेतावनी दी कि इस तरह का दुष्प्रचार किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा. सीएम योगी ने आगे कहा कि केवल पिछले वर्ष ही काशी में 11 करोड़ श्रद्धालु आए, जो काशी के विकास और आस्था का प्रमाण है. उन्होंने दो टूक कहा कि काशी की विरासत और लोककल्याण से जुड़े विकास कार्यों में बाधा डालने वालों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ विकास कार्यों को आगे बढ़ाती रहेगी.
कांग्रेस ने कभी भारत की विरासत का सम्मान नहीं किया: सीएम योगी
उन्होंने आगे पूछा कि 1947 से 2014 तक ज्यादा समय तक कांग्रेस की सरकार थी. कांग्रेस ने अपने शासनकाल में ये प्रयास क्यों नहीं किया. क्योंकि उन्हें भारत की विरासत के प्रति सम्मान का भाव नहीं था, इसलिए उन्हें इस तरह के कार्यों से परहेज था. तुष्टिकरण की राजनीति के जरिए भारत की आस्था को अपमानित करने वाली कांग्रेस कभी भारत की विरासत का सम्मान नहीं कर सकती है. उन्होंने लगातार यही किया.
सोमनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार का भी नेहरू जी ने किया था विरोध
जब द्वादश ज्योतिर्लिंग में प्रथम ज्योतिर्लिंग सोमनाथ मंदिर का जीर्णोद्धार का फैसला सरदार पटेल के नेतृत्व में हुआ तो नेहरू जी ने इसका विरोध किया. उन्होंने राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद को भी कार्यक्रम में जाने से रोकने के लिए पत्र लिखा था.
'कोर्ट में एफिडेविट दायर कर किया गया सनातन का अपमान'
उच्चतम न्यायालय में सुप्रीम कोर्ट में भी हलफनामा दायर किया और भगवान राम और कृष्ण के प्रति किस प्रकार की टिप्पणी की थी ये भी किसी से छिपी नहीं है. औरंगजेब द्वारा तोड़े गए मंदिर के पुनरोद्धार करने का काम सबसे पहले कोकमाता अहिल्याबाई होलकर को कांग्रेस ने कभी सम्मान नहीं दिया, ये पहली बार मोदी जी के नेतृत्व में हुआ.
AI वीडियो बनाकर गुमराह करने का प्रयास: सीएम योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगे कहा कि, "कांग्रेस द्वारा जो दुष्प्रचार किया जा रहा है. AI वीडियो बनाकर गुमराह करने का प्रयास हो रहा है. सनातन की धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ हो रहा है. हर व्यक्ति जानता है कि मणिकर्णिका में जो मंदिर हैं, वे इस प्रोजेक्ट के संरक्षण का हिस्सा बनेंगे क्योंकि घाट इसके बाद बनने हैं इसलिए वे सभी मंदिर इससे संरक्षित होंगे."
#WATCH | वाराणसी: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, "कांग्रेस के द्वारा जो दुष्प्रचार किया जा रहा है. AI वीडियो बनाकर गुमराह करने के प्रयास हो रहा है. सनातन की धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ हो रहा है. हर व्यक्ति जानता है कि मणिकर्णिका में जो मंदिर हैं, वे इस… pic.twitter.com/mtMGB3zpt2
— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 17, 2026
'गरिमापूर्ण अंतिम विदाई के लिए प्रतिबद्ध'
सीएम योगी ने कहा कि काशी विश्वनाथ धाम में अंतिम संस्कार के लिए मणिकर्निका घाट पर आए हुए लोगों को उचित सुविधा मिले, सुरक्षा मिले और उनके परिजन को गरिमामयी विदाई मिले, सरकार इसके लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और इसी के लिए ही ये काम चल रहा है. उन्होंने कहा कि शवदाह के दौरान या उसके बाद राख गंगा जी में ना जाए. इससे गंगा का बीओडी और सीओडी दोनों ही बढ़ता है. इस बात का ध्यान रखा गया है, साथ ही डोम समाज अंतिम संस्कार को पूरा कराता है उनके सम्मान में कोई कमी ना आए इसलिए ये विकास कार्य कराया जा रहा है.
यह भी पढ़ें
गंगा के जलस्तर को बनाए रखने की सरकार की अहमियत पर सीएम योगी ने कहा कि गंगा नदी के जलस्तर को ध्यान में रख कर शवदाह प्लेटफार्म बनाए जा रहे हैं. साथ ही प्रतीक्षालय, लकड़ी भंडारण, शौचालय, रैम्प, ड्रेनेज और वेस्ट मैनेजमेंट जैसी व्यवस्था की जा रही है.
टिप्पणियाँ 0
कृपया Google से लॉग इन करें टिप्पणी पोस्ट करने के लिए
Google से लॉग इन करें