KGMU 'लव जिहाद' केस में CM योगी का सख्त एक्शन, आरोपी डॉ. रमीजुद्दीन की संपत्ति होगी कुर्क, सहूलतकार भी रडार पर
लखनऊ KGMU में लव जिहाद और यौन शोषण के मामले में कड़ी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है. आरोपी डॉक्टर रमीजुद्दीन नायक के लखनऊ से लेकर उत्तराखंड स्थित घर की कुर्की होगी. इतना ही नहीं, इस बार आरोपी और उसके सहूलतकारों पर भी कार्रवाई की जाएगी.
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लखनऊ किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) अवैध धर्मांतरण मामले में योगी सरकार ने सख्त एक्शन लिया है. दरअसल, एक हिंदू महिला डॉक्टर को शादी का झांसा देकर यौन शोषण और गर्भपात कराने के आरोपी डॉक्टर रमीजुद्दीन नायक के खिलाफ सरकार ने कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं.
केजीएमयू के डॉक्टर की संपत्ति होगी कुर्क
जानकारी के मुताबिक रमीजुद्दीन की संपत्ति कुर्क की जाएगी. यूपी पुलिस की तीन टीमें आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर लगातार दबिश दे रही हैं और धरपकड़ की जा रही है. हालांकि रमीजुद्दीन का अब तक पता नहीं चल सका है.
आरोपी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी
आपको बता दें कि बीते शुक्रवार पीड़िता का बयान दर्ज किया गया. इसके बाद आरोपी रमीजुद्दीन के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करने के साथ उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया. पुलिस चौकी इंस्पेक्टर नागेश उपाध्याय ने जानकारी दी कि रमीजुद्दीन लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा है.
पुलिस ने आगे बताया कि आरोपी जिन लोगों के संपर्क में था, उनमें से दो लोगों से पूछताछ की गई, लेकिन उनकी बताई गई लोकेशन पर वह नहीं मिला. इस दौरान पुलिस रमीजुद्दीन के साथ-साथ उसके साथियों पर भी लगातार नजर रख रही है, ताकि वह किसी के संपर्क में आए तो उसे तुरंत ट्रेस किया जा सके.
उत्तराखंड में भी रमीजुद्दीन के घर की होगी कुर्की!
इतना ही नहीं, झांसा देकर धर्मांतरण का दबाव बनाने के आरोपी डॉक्टर के लखनऊ सहित उत्तराखंड के घर की भी कुर्की होगी. पुलिस की एक टीम वहां भी नोटिस चस्पा करने के लिए जाएगी. इसके अलावा रमीजुद्दीन की पहली पत्नी, जो आगरा में रहती है, उससे भी पूछताछ के लिए नोटिस भेजा जाएगा.
फिलहाल सस्पेंड है आरोपी डॉक्टर
आपको बता दें कि बीते महीने दिसंबर 2025 में राजधानी लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में एक रेजिडेंट महिला डॉक्टर के साथ कथित अवैध धर्मांतरण के प्रयास और धमकी देने का गंभीर मामला सामने आया था. विश्वविद्यालय ने भी इस मामले में आरोपी जूनियर डॉक्टर रमीजुद्दीन नायक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की थी. उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया था और परिसर में आने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई थी. हालांकि जांच के लिए बुलाए जाने पर ही वह परिसर में प्रवेश कर सकेगा. फिलहाल वह फरार चल रहा है.
विश्वविद्यालय परिसर में भी आरोपी डॉक्टर की एंट्री पर रोक
विश्वविद्यालय के कुलपति ने भी इस मामले की शिकायत मिलते ही विशाखा कमेटी का गठन किया था. कमेटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर आरोपी पर बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई. पीड़िता को मानसिक रूप से किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए जांच पूरी होने तक आरोपी को सस्पेंड रखा गया. आरोपी पर महिला डॉक्टर पर धर्मांतरण के लिए दबाव बनाने, धमकाने और अन्य गंभीर आरोप लगे हैं. आरोप है कि वह पीड़िता का ब्रेनवॉश कर उसका धर्मांतरण कराना चाहता था.
रमीजुद्दीन पर क्या है पूरा आरोप?
रमीजुद्दीन पर आरोप है कि उसने पीड़ित महिला डॉक्टर को शादी का झांसा देकर यौन शोषण किया था. सितंबर महीने में पीड़िता को पता चला था कि वह गर्भवती हो गई है. आरोपी ने पीड़िता का गर्भपात करा दिया था. इसके बाद जब महिला डॉक्टर ने अक्टूबर में आरोपी पर शादी का दबाव बनाया, तो नवंबर में उसने पीड़िता से मतांतरण करने का दबाव बनाया. इसके बाद पीड़िता ने आरोपी से दूरियां बना ली थीं. इसके बाद रमीजुद्दीन धमकी देने लगा कि वह पीड़िता की आपत्तिजनक फोटो और वीडियो प्रसारित कर देगा.
पुलिस मददगारों की भी कर रही तलाश!
इतना ही नहीं, पुलिस की जांच में आरोपी के संभावित मददगारों और उन लोगों की भी पड़ताल की जा रही है, जिन्होंने इस मामले को प्रशासन से छुपाने की कोशिश की. सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए प्रशासनिक और आपराधिक, दोनों स्तर पर सख्त कार्रवाई होगी, ताकि ऐसे लोग आगे ऐसा करने से डरें.
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योगी सरकार की इस कार्रवाई को ऐतिहासिक माना जा रहा है. कहा जा रहा है कि इस तरह के संगीन मामलों की रोकथाम और आरोपियों में डर पैदा करने की दिशा में यह एक मील का पत्थर साबित होगा.
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