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नमाज विवाद पर CM योगी का बयान, संत समाज में खुशी की लहर, CPI(M) ने बताया इसे दोहरी नीति
सीएम योगी के नमाज वाले बयान पर संत समाज ने जहां खुशी जाहिर की है, वहीं CPI(M) ने इसे सरकार की दोहरी नीति बताते हुए निशाना साधा है.
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सड़कों पर नमाज पढ़ने के संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान का संत समाज ने स्वागत किया है. श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा के अष्टकौशल महंत योगानंद गिरि ने कहा कि सड़कें केवल आवागमन और परिवहन के लिए होती हैं, न कि नमाज अदा करने के लिए. वहीं, CPI(M) ने इसे दोहरी नीति करार दिया.
सीएम योगी के बयान की महंत ने की तारीफ
श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा के अष्टकौशल महंत योगानंद गिरि ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा, "नमाज के संबंध में सीएम योगी आदित्यनाथ द्वारा दिया गया बयान जितनी भी तारीफ की जाए, उतनी कम है. असल में, सड़कें केवल आवागमन और परिवहन के लिए होती हैं, न कि नमाज अदा करने के लिए.
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सड़क आम जनता के लिए, नमाज के लिए नहीं- महंत
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उन्होंने कहा कि किसी प्रकार की इबादत सड़क पर नहीं होनी चाहिए. सड़क आम जनमानस के लिए बनाई गई है. सड़क पर जुलूस और शोभायात्रा निकाली जा सकती है, लेकिन सड़क इबादत के लिए नहीं है. अगर सड़क पर नमाज करनी है तो मस्जिद को हटा दो. मस्जिद में ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए कि नमाज पूरी अकीदत यानी श्रद्धा के साथ पढ़ी जा सके.
योगी के फैसले से संत समाज खुश
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उन्होंने कहा कि मंदिरों के अंदर भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ होती है. श्रावण मास में शिवालयों और नौरात्रि के अवसर पर दुर्गा मंदिरों में भीड़ होती है, लेकिन सड़कों पर बैठकर लोग पूजा नहीं करते हैं. सीएम योगी के फैसले से संत समाज प्रसन्न है. सार्वजनिक सड़कों पर नमाज पढ़ने के संबंध में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान की सीपीआई(एम) सांसद हन्नान मोल्ला ने आलोचना की. उन्होंने इसे सरकार की दोहरी नीति करार दिया.
CIP(M) सांसद हन्नान मोल्ला ने की योगी के फैसले की आलोचना की
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हन्नान मोल्लाह ने कहा, "ठीक है, अगर यह सरकारी नीति है तो इसे ईमानदारी से लागू करें. मुसलमान सड़कों पर नमाज नहीं पढ़ेंगे, लेकिन कुछ लोग पूरे दिन सड़कों पर कब्जा करके गुंडागर्दी करते हैं, जिससे सड़कें महीनों तक बंद रहती हैं. सरकार को दोहरी राजनीति नहीं करनी चाहिए. अगर सच्चे तौर पर ईमानदारी दिखानी है तो सबके साथ समान रूप से नीति बनाओ.