'जल्द स्थिति साफ करें', कर्नाटक कांग्रेस में घमासान, सिद्धारमैया की राहुल गांधी को दो टूक, शिवकुमार का भी संदेश
कर्नाटक में एक बार फिर मुख्यमंत्री पद को लेकर खींचतान शुरू हो गई है। सीएम सिद्धारमैया ने राहुल गांधी से दो टूक कहा है कि सीएम पद को लेकर स्थिति स्पष्ट करें. वहीं डिप्टी सीएम डीके शिवाकुमार के X पोस्ट और क्रिप्टिक मैसेज ने कांग्रेस हाई कमान की नींद उड़ा दी है.
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देश में चुनिंदा राज्यों में अब कांग्रेस और कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकारें बची हैं, लेकिन वहां भी भारी खींचतान, गुटबाजी और उठापटक जारी है. ताजा मामला है कर्नाटक का, जहां पर सीएम सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार के बीच जारी घमासान ने गांधी परिवार और खड़गे की चिंता बढ़ा दी है. सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी के साथ सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार की मीटिंग हुई, जिसमें भी राज्य में लीडरशिप का मुद्दा उठा. इतना ही नहीं कहा जा रहा है कि राहुल और शिवकुमार की अकेले में भी मैसूर एयरपोर्ट पर चर्चा हुई थी. इसी ने सीएम सिद्धारमैया की नींद उड़ा दी है.
राहुल और शिवकुमार की मीटिंग के बाद सिद्धारमैया का गुस्सा फूट पड़ा है. सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने राहुल गांधी से दो टूक कहा है कि वो CM पद को लेकर पैदा हुआ हालात और स्थिति को स्पष्ट करें, संदेह के बादल को साफ करें. उन्होंने ये भी कहा कि वो भी कैबिनेट विस्तार करना चाहते हैं, लेकिन कर्नाटक CM के पद को लेकर हर दिन भ्रम की स्थिति बन रही है.
DK शिवकुमार के क्रिप्टिक पोस्ट से चढ़ा सियासी पारा
सिद्धारमैया के राहुल गांधी को दिए संदेश के बीच कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार का एक कविता के जरिए मार्मिक पोस्ट सामने आया है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने पोस्ट में DK ने लिखा, ‘भले ही कोशिश नाकाम हो जाए, लेकिन प्रार्थना नाकाम नहीं होती.’ उनके संदेश को मौजूदा राजीतिक हालात से जोड़कर देखा जा रहा है.
आपकी जानकारी के लिए कांग्रेस नेता और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी 13 जनवरी को मैसुरु पहुंचे थे. इस दौरान एयरपोर्ट पर डीके शिवकुमार ने राहुल गांधी की एकांत में चर्चा हुई थी.
क्या है विवाद की जड़?
कर्नाटक में जब से कांग्रेस की सड़कार बनी है तब से मुख्यमंत्री पद को लेकर खींचतान की स्थिति बनी हुई है. सीएम सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम शिवकुमार के बीच लगातार तनाव बना हुआ है. दोनों ही नेताओं को आलाकमान का आशीर्वाद प्राप्त है. एक ओर जहां सिद्धारमैया को सोनिया-प्रियंका के खेमे का माना जाता है तो राहुल गांधी की पंसद डीके शिवकुमार माने जाते हैं.
क्या है कर्नाटक में 2.5-2.5 साल का फॉर्मूला?
DK के समर्थक विधायकों का दावा है कि 2023 में जब कांग्रेस की सरकार बनी थी, तब मुख्यमंत्री पद के लिए 2.5-2.5 साल के फॉर्मूले के तहत सहमति बनी थी. हालांकि इसे सिद्धारमैया के समर्थक सिरे से नकारते आए हैं. इसके अलावा आलाकमान ने कभी भी खुलकर इस पर कुछ नहीं कहा है. बीते साल 20 नवंबर 2025 को ही कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार बने 2.5 साल का कार्यकाल पूरा हो चुका है. तब से ही नेतृत्व में बदलाव को लेकर दिल्ली से बेंगलुरु तक बयानबाजी, मैराथन दौड़ और मीटिंग जारी है. इसी दौरान डिप्टी CM डीके शिवकुमार के समर्थक विधायकों ने दिल्ली तक जाकर खड़गे से मुलाकात की थी.
कांग्रेस हाईकमान क्यों नहीं दे रहा कैबिनेट विस्तार की हरी झंडी?
दूसरी तरफ सिद्धारमैया सरकार का आधा कार्यकाल पूरा होने पर कैबिनेट विस्तार और फेरबदल करना चाह रहे हैं. वहीं शिवकुमार का मानना है कि पार्टी पहले नेतृत्व परिवर्तन पर फैसला और अपनी स्थिति स्पष्ट करे. पार्टी के जानकार बताते हैं कि अगर हाई कमान कैबिनेट विस्तार की मंजूरी देता है तो ये सिद्धारमैया के पूरे कार्यकाल तक सीएम रहने का संकेत होगा, जो शिवकुमार के सीएम बनने की संभावनाओं को कम कर देगा. शिवकुमार के समर्थक ये भी जानते हैं कि अभी नहीं तो कभी नहीं. क्योंकि कर्नाटक में अमूमन हर 5 साल बाद सरकार बनने की परंपरा रही है.
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