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'वैश्विक शक्ति है, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी आवाज बेहद जरूरी...', UNSC में भारत की स्थायी सीट का चिली का समर्थन

चिली ने UNSC में भारत की स्थायी सदस्यता का खुलकर समर्थन किया है. चिली के राजदूत जुआन अंगुलो ने भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी आवाज करार दिया है और कहा है कि वो वैश्विक स्थिरता लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है.

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12 Jan 2026
( Updated: 12 Jan 2026
05:18 PM )
'वैश्विक शक्ति है, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी आवाज बेहद जरूरी...', UNSC में भारत की स्थायी सीट का चिली का समर्थन
Chilean Ambassador Juan Angulo (File Photo)

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की भूमिका बढ़ती जा रही है. उसे ग्लोबल साउथ का लीडर करार दिया जाने लगा है. UNSC में भारत की ताकत का इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि जर्मनी, फ्रांस, ब्रिटेन सहित दुनिया के कई देश कहने लगे हैं कि दुनिया की सबसे बड़ी डेमोक्रेसी, सबसे बड़ी जनसंख्या वाला देश, दुनिया की चौथी सबसे बड़ी इकोनॉमी वाले देश की तो आवाज UNSC जैसे नीति निर्धारित करने वाले संगठन या बॉडी में होनी चाहिए.

इससे पहले भी संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी सदस्यता की मांग का अब तक कई देशों ने समर्थन किया है. इन देशों में चिली भी शामिल है. भारत और चिली एक व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) के आखिरी चरण में हैं. इस बीच भारत में चिली के राजदूत जुआन अंगुलो ने भारत को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूती प्रदान करने की वकालत की है.

भारत की आवाज बेहद जरूरी है: चिली

आपको बताएं कि भारत में चिली के राजदूत जुआन अंगुलो ने कहा, "हमें लगता है कि यह जरूरी है कि भारत जैसे देशों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आवाज हो. भारत एक बढ़ता हुआ देश है, यह दक्षिण का देश है, और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के शब्दों का वजन ज्यादा से ज्यादा जरूरी होता जा रहा है. आप देख सकते हैं कि अंतरराष्ट्रीय नेताओं के भारत आने से, जी20 में भारत का नेतृत्व बहुत-बहुत जरूरी था."

भारत और चिली के साथ संबंधों को गहरा करने पर जोर: राजदूत जुआन अंगुलो

भारत और चिली के साथ संबंधों को लेकर अंगुलो ने कहा, "हम भारत के साथ अपने रिश्तों को गहरा करने और बढ़ाने के लिए कई क्षेत्रों में काम कर रहे हैं. कमर्शियल हिस्सा एसआईपीए पर है, लेकिन हमारे पास, उदाहरण के लिए, कृषि भी है. हमने कुछ साल पहले कृषि के क्षेत्र में एक एमओयू पर हस्ताक्षर किया था ताकि बातचीत, जानकारी के लेने-देन और तकनीक के ट्रांसफर के नए क्षेत्र मिल सकें."

संयुक्त राष्ट्र को लेकर उन्होंने कहा, "मुझे नहीं लगता कि यूएन बेमतलब है. उनके पास करने के लिए बहुत काम है. यह जरूरी है कि अंतरराष्ट्रीय संगठन पूरी दुनिया में शांति और खुशहाली बनाए रख सकें."

भारत की UNSC की सदस्या की मांग का चिली ने किया समर्थन!

यूएन में भारत की स्थायी सदस्यता को लेकर चिली के राजदूत ने कहा, "भारत की सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य बनने की इच्छा है, और चिली ने इस इच्छा में भारत का साथ देने की इच्छा जताई है, और हमें लगता है कि बहुपक्षवाद बहुत जरूरी है, और एक छोटा देश होने के नाते, हमारा मानना ​​है कि बहुपक्षवाद ही हमारे समय की कई समस्याओं को हल करने और उनसे निपटने का तरीका होना चाहिए."

भारत और चिली के बीच व्यापार की असीम संभावनाएं

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भारत में चिली के राजदूत जुआन अंगुलो ने कहा, "भारत और चिली के पास व्यापार के मौके बहुत अच्छे हैं. मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि हम इस साल, मई से, भारत के साथ एक कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट पर बातचीत कर रहे हैं, जिसका फैसला अप्रैल में हमारे राष्ट्रपति गैब्रियल बोरिक के भारत दौरे के दौरान हुआ था. जब वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले, तो उन्होंने यह बातचीत शुरू करने का फैसला किया और मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि मैंने मई में टर्म्स ऑफ रेफरेंस पर हस्ताक्षर किया था और उसके ठीक दो हफ्ते बाद, हमने सैंटियागो में पहले राउंड की बातचीत की."

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