'जहां भी जाऊंगा UP का उदाहरण दूंगा…', CJI सूर्यकांत ने की योगी सरकार की तारीफ, कहा- इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स पहल देश के लिए बेंचमार्क बनेगी
भारत के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने चंदौली में एकीकृत न्यायालय परिसरों (Intergrated Court Complexes ICC) की नींव रखी. इस दौरान उन्होंने CM योगी के कदम की जमकर सराहना करते हुए देशभर के लिए बेमिसाल उदाहरण बताया.
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UP की योगी सरकार के हर कदम की देशभर में चर्चा होती है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लॉ एंड ऑर्डर और अपराध से निपटने का मॉडल दूसरे राज्यों में भी अपनाया जाता है. अब योगी सरकार के काम से भारत के चीफ जस्टिस सूर्यकांत भी गदगद हो गए.
CJI सूर्यकांत ने उत्तर प्रदेश के चंदौली में चंदौली, महोबा, अमेठी, शामली, हाथरस और औरैया जिलों के एकीकृत न्यायालय परिसरों (Intergrated Court Complexes ICC) की नींव रखते हुए भूमि पूजन किया. इस दौरान CM योगी आदित्यनाथ भी उनके साथ मौजूद थे. शिलान्यास से पहले CJI ने CM योगी के कदम की जमकर सराहना की और UP को बड़ी मिसाल बताया.
गर्व से दूंगा UP का उदाहरण- CJI
CJI सूर्यकांत ने योगी सरकार की तारीफ करते हुए कहा, वो जिस राज्य में जाएंगे, UP का उदाहरण देंगे. उन्हें दूसरे राज्यों में UP का उदाहरण देने में गर्व महसूस होगा. CJI सूर्यकांत ने ICC परिसर को काबिल ए तारीफ कदम बताया. CJI ने कहा, एक बार जब ICC बन जाएंगे, तो मुझे लगता है कि उत्तर प्रदेश पूरे भारत के लिए एक उदाहरण स्थापित करेगा. ये परिसर पूरे देश के लिए एक मानक बनेंगे. उन्होंने कहा, ‘मैं जिस भी राज्य में जाऊंगा, गर्व और खुशी के साथ ङझ का उदाहरण दूंगा. मैं संबंधित राज्य सरकार और उच्च न्यायालय से आह्वान और अपील करूंगा कि उस राज्य में भी यही सुविधा प्रदान की जाए.’
CJI ने कहा, चंदौली कई ऐतिहासिक धार्मिक मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है. CM योगी ने उसी इतिहास में नई कड़ी जोड़ी है. जब यहां न्यायिक मंदिरों की स्थापना की जा रही है. संविधान में डिस्ट्रिक्ट ज्यूडिशयरी को अहम जगह दी गई है. इसमें एक अनुच्छेद है कि हर राज्य के पास अपना हाईकोर्ट होगा और उस हाईकोर्ट के पास मौलिक, मानवीय और अन्य अधिकारों को लागू करने की क्षमता होगी.
क्या है इंटीग्रेटेड ज्यूडिशियल कोर्ट कॉम्प्लेक्स (ICC)
एकीकृत न्यायालय परिसर (ICC) ऐसे आधुनिक न्यायिक परिसर हैं, जहां एक ही छत के नीचे विभिन्न स्तर की अदालतें- जिला अदालतें, दीवानी, फौजदारी, परिवार न्यायालय मौजूद होती हैं. ये परिसर न्याय व्यवस्था को एकीकृत, कुशल और सुविधाजनक बनाने के लिए डिजाइन किए जाते हैं, जिसमें अदालत कक्षों के अलावा अधिवक्ताओं के चैंबर, न्यायिक अधिकारियों के आवास, जनपद न्यायाधीश का आवासीय भवन और अन्य जरूरी सुविधाएं शामिल होती हैं. नए परिसरों से लोगों को न्याय दिलाने की प्रक्रिया तेज और पारदर्शी होगी. जिससे सबके लिए न्याय पाना आसान होगा.
मैं गर्व के साथ यह बात कह सकता हूं कि जो 10 इंटीग्रेटेड ज्युडिशियल कोर्ट कॉम्प्लेक्स उत्तर प्रदेश में माननीय मुख्यमंत्री जी ने घोषणा की है...
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) January 17, 2026
ये बनने से मुझे ऐसा लगता है कि उत्तर प्रदेश सारे भारतवर्ष में एक एग्जांपल सेट करेगा: मा. न्यायमूर्ति श्री सूर्यकान्त जी, भारत के मुख्य… pic.twitter.com/eFXLgfnhHW
महिलाओं के लिए अलग से बनें बार रूम- CJI
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CJI सूर्यकांत ने हाईकोर्ट से कहा कि जनपद न्यायालयों में प्रैक्टिस करने वाली महिलाओं के लिए अलग से बार रूम बनें. उन्होंने यहां की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए CM योगी आदित्यनाथ से कहा कि कॉम्प्लेक्स में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भी बन जाए. इससे बुजुर्गों, वादकारियों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से भी निजात मिल जाएगी. शिलान्यास कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति पंकज मिथल, न्यायमूर्ति मनोज मिश्र, न्यायमूर्ति राजेश बिंदल, उच्च न्यायालय इलाहाबाद के मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली और उत्तराखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और वरिष्ठ न्यायाधीश महेश चंद्र त्रिपाठी मौजूद रहे.
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