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'नाच न जाने आंगन टेढ़ा...', अमित शाह ने राहुल गांधी को सुनाई खरी-खरी, संसद में बहस का दिया चैलेंज
हैदराबाद में अमित शाह ने SIR के मुद्दे पर राहुल गांधी को संसद में बहस की चुनौती दी. उन्होंने कहा कि सरकार विशेष सत्र बुलाने को तैयार है. EVM पर कांग्रेस के रुख पर तंज कसते हुए शाह ने कहा कि जीतने पर जनता और हारने पर EVM को जिम्मेदार ठहराना 'नाच न जाने आंगन टेढ़ा' जैसा है.
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हैदराबाद में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस और राहुल गांधी पर जोरदार हमला बोला. उन्होंने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए राहुल गांधी को संसद में खुली बहस की चुनौती दी. शाह ने कहा कि अगर कांग्रेस को SIR की प्रक्रिया पर कोई आपत्ति है तो वह संसद में आकर चर्चा करे. सरकार इस मुद्दे पर बहस के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने को भी तैयार है. गृह मंत्री ने सवाल उठाया कि जिन लोगों की मृत्यु हो चुकी है, उनके नाम मतदाता सूची में बने रहने का क्या औचित्य है और उनके नाम पर वोट कौन डालेगा?
अमित शाह कांग्रेस तंज कसते हुए कहा कि 'कांग्रेस जीतती है तो राहुल बाबा कहते हैं जनता ने जिताया, हारती है तो कहते हैं EVM ने हराया, इसे ही कहते हैं 'नाच न जाने आँगन टेढ़ा' गृह मंत्री यह बयान ऐसे समय आया है, जब कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल SIR के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जाने का विरोध कर रहे हैं. विपक्ष का आरोप है कि इस प्रक्रिया के जरिए वास्तविक मतदाताओं को सूची से बाहर किया जा सकता है. वहीं, बीजेपी का कहना है कि मतदाता सूची को सही और पारदर्शी बनाने के लिए मृतकों, डुप्लीकेट नामों और गलत तरीके से दर्ज प्रविष्टियों को हटाना जरूरी है.
कांग्रेस जीतती है तो राहुल बाबा कहते हैं जनता ने जिताया, हारती है तो कहते हैं EVM ने हराया, इसे ही कहते हैं 'नाच न जाने आँगन टेढ़ा'। https://t.co/RAGrTsXcja
— Amit Shah (@AmitShah) ?ref_src=twsrc%5Etfw">November 2, 2026Advertisement
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3 करोड़ लोगों की मृत्यु हो चुकी, उनका वोट कौन डालेगा?
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SIR के तहत करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जाने के विपक्षी दावे पर अमित शाह ने आंकड़ों के जरिए अपनी बात रखी. उन्होंने दावा किया कि हटाए गए नामों में लगभग 6.25 करोड़ ऐसे मतदाता हैं, जो अपना पता बदलकर दूसरी जगह जा चुके हैं. करीब तीन करोड़ लोगों की मृत्यु हो चुकी है, जबकि लगभग एक करोड़ नाम डुप्लीकेट पाए गए हैं. शाह ने शेष करीब तीन करोड़ नामों को ऐसे लोगों से जुड़ा बताया, जिनका कोई अस्तित्व नहीं है और जिन्हें उन्होंने बांग्लादेशी घुसपैठिया करार दिया. गृह मंत्री ने कहा कि जिन लोगों की मृत्यु हो चुकी है, उनके नाम मतदाता सूची में रखने का कोई मतलब नहीं है. उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि जब व्यक्ति जीवित ही नहीं है तो उसके नाम पर वोट कौन डालेगा. शाह ने कांग्रेस पर फर्जी वोटिंग के सहारे चुनाव जीतने की कोशिश करने का आरोप भी लगाया. उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में दो जगह दर्ज है तो एक प्रविष्टि हटाई जानी चाहिए. उनके मुताबिक, मतदाता सूची का पुनरीक्षण चुनावी प्रक्रिया को साफ-सुथरा बनाने के लिए जरूरी है. हालांकि, इन आंकड़ों और आरोपों को लेकर राजनीतिक दलों के बीच मतभेद जारी हैं.
राहुल गांधी को संसद में बहस की चुनौती
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SIR के मुद्दे पर विपक्ष के लगातार विरोध के बीच अमित शाह ने राहुल गांधी को सीधे संसद में चर्चा करने की चुनौती दी. उन्होंने कहा कि सरकार इस विषय पर बहस से पीछे नहीं हट रही है. जरूरत पड़ने पर संसद का विशेष सत्र बुलाया जा सकता है, लेकिन राहुल गांधी को भी चर्चा के लिए सामने आना चाहिए. शाह की यह टिप्पणी राहुल गांधी की दिल्ली के रामलीला मैदान में हुई रैली के एक दिन बाद आई. कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों का कहना है कि SIR के कारण बड़ी संख्या में मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं. दूसरी ओर, बीजेपी इसे मतदाता सूची में मौजूद गलतियों को सुधारने की प्रक्रिया बता रही है. ऐसे में अब दोनों पक्षों के बीच यह विवाद राजनीतिक बयानबाजी से आगे बढ़कर संसद में बहस की चुनौती तक पहुंच गया है.
EVM के मुद्दे पर भी कांग्रेस को घेरा
अमित शाह ने अपने संबोधन में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) को लेकर कांग्रेस की आपत्तियों पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि विपक्षी दल चुनाव हारने पर EVM पर सवाल खड़े करते हैं, लेकिन जब उन्हें जीत मिलती है तो यही व्यवस्था सही लगने लगती है. इसी संदर्भ में उन्होंने तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी का नाम लिया और पूछा कि अगर कांग्रेस को EVM पर भरोसा नहीं है तो रेवंत रेड्डी मुख्यमंत्री कैसे बने? शाह ने केरल, तमिलनाडु और हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की चुनावी जीत का भी जिक्र किया. उन्होंने विपक्ष पर चुनावी नतीजों को स्वीकार करने के बजाय व्यवस्था को दोष देने का आरोप लगाया.
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'मॉक पार्लियामेंट' को लेकर राहुल गांधी पर निशाना
गृह मंत्री ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर विपक्षी दलों की ओर से आयोजित 'मॉक पार्लियामेंट' पर भी टिप्पणी की. इस आयोजन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रतीकात्मक महाभियोग की कार्यवाही की गई थी. शाह ने इसे लेकर राहुल गांधी पर कटाक्ष किया. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी असली संसद में प्रधानमंत्री नहीं बन सकते, इसलिए नकली संसद में प्रधानमंत्री बनने की कोशिश कर रहे हैं. शाह ने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी संसद की कार्यवाही नहीं चलने देते. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर राहुल गांधी प्रधानमंत्री बनना चाहते हैं तो उन्हें पूरी जिंदगी मॉक पार्लियामेंट में ही रहना चाहिए, क्योंकि उनकी बारी कभी नहीं आएगी.
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बताते चलें कि SIR को लेकर बीजेपी और विपक्ष के बीच टकराव लगातार तेज हो रहा है. एक तरफ कांग्रेस मतदाताओं के नाम हटाए जाने पर सवाल उठा रही है, तो दूसरी तरफ अमित शाह इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने की प्रक्रिया बता रहे हैं. अब सबकी नजर इस बात पर है कि राहुल गांधी संसद में अमित शाह की बहस की चुनौती स्वीकार करते हैं या नहीं.