9 लाख 12 हजार 696 करोड़...योगी सरकार का मेगा बजट, 10 लाख नौकरी, बेटियों की शादी पर 1 लाख की सौगात
UP Budget 2026: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार आज अपना 10वां और चुनाव से पहले का आखिरी पूर्ण बजट पेश करेगी. वित्त मंत्री सुरेश खन्ना विधानसभा में बजट प्रस्तुत करेंगे। अनुमान है कि बजट 9 लाख करोड़ रुपये से अधिक होगा, जो पाकिस्तान समेत कई पड़ोसी देशों के बजट से बड़ा माना जा रहा है.
UP Budget 2026: उत्तर प्रदेश के लिए आज का दिन खास है, क्योंकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार ने लगातार दसवां बजट पेश किया. वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने विधानसभा में 2026-27 के लिए 9,12,696 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तुत किया, जो राज्य के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा बजट है. विधानसभा चुनाव से पहले यह योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल का अंतिम पूर्ण बजट है, इसलिए इसमें रोजगार, बुनियादी ढांचा, महिला सशक्तिकरण, किसान और युवाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है. इसे बजट के तमाम वर्ग से जुड़े हुए कई महत्वपूर्ण ऐलान भी किए गए हैं. बजट पेश होने से पहले सुबह कैबिनेट ने सभी प्रस्तावों को मंजूरी दी.
यूपी सरकार बनाएगी कामकाजी महिलाओं के लिए श्रमजीवी छात्रावास
बजट पेश होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि कामकाजी महिलाओं के लिए प्रत्येक जिले में श्रमजीवी छात्रावास बनाने का प्रावधान किया गया है. इसके साथ ही युवाओं के लिए हर कमिश्नरी क्षेत्र में एक स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी स्थापित की जाएगी, जिससे खेलों और शिक्षा के क्षेत्र में नए अवसर बढ़ेंगे. इसके साथ ही सीएम योगी ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना के तहत छोटे उद्योगों के लिए ब्याज मुक्त लोन की व्यवस्था की प्रदेश सरकार करेगी.
पिछड़े जिलों और शिक्षा पर यूपी का फोकस: CM योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि इस बजट में पिछड़े जिलों के विकास को विशेष महत्व दिया गया है. प्रदेश में कई सिटी इकोनॉमिक जोन स्थापित किए जाएंगे. उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार का कुल बजट का 12.4% शिक्षा पर, 6% स्वास्थ्य सेवाओं पर और 9% कृषि से जुड़ी योजनाओं पर खर्च किया जाएगा.
यूपी में बेरोजगारी दर 2.24% घटी: CM योगी
उत्तर प्रदेश में बेरोजगारी दर अब 2.24% से भी कम हो गई है और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर लगातार बढ़ रहे हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अन्नदाता किसान देश की आर्थिक प्रगति का अहम स्तंभ हैं. राज्य सरकार यह मानती है कि किसान ही विकास के असली भागीदार हैं और उन्हें उद्यमी बनाने के लिए कई योजनाएँ बनाई जा रही हैं. ऐसे कई प्रयास लगातार चल रहे हैं ताकि किसान और युवा दोनों का विकास सुनिश्चित हो सके.
CM योगी ने गिनाईं बजट की खासियत
बजट पेश होने के बाद सीएम योगी ने बताया कि पिछले 9 वर्षों में राज्य की छवि और प्रशासनिक सोच में बड़ा बदलाव आया है. उन्होंने कहा कि पॉलिसी पैरेलिसिस को खत्म किया गया और इस दौरान बजट 3 गुना से अधिक बढ़ा है. इस साल का बजट, जिसकी थीम है 'सुरक्षित नारी, सक्षम युवा, हर हाथ को काम,' 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक के कैपिटल खर्च के साथ पेश किया गया है. यह पिछले 9 वर्षों का 10वां बजट है और एक मुख्यमंत्री के रूप में यह रिकॉर्ड है.
सीएम योगी ने यह भी स्पष्ट किया कि 9 वर्षों में एक भी नया टैक्स नहीं लगाया गया, कर चोरी और लीकेज को रोककर उत्तर प्रदेश को सरप्लस स्टेट बनाया गया है. आरबीआई के तहत निर्धारित RBFM फ्रेमवर्क के अंतर्गत राज्य को रखा गया है. युवाओं के रोजगार पर खास ध्यान दिया गया है, नए इकॉनोमिक जोन और क्लस्टर बनाने का प्रावधान किया गया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट रोजगार उत्पन्न करने वाला है. निवेश को बढ़ावा देने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया गया है और नियम-व्यवस्था, स्मार्ट पुलिसिंग और सुरक्षा के कारण निवेश की गति तेज हुई है.
CM योगी ने कहा अब UP देश की टॉप 3 अर्थव्यवस्था में शामिल
CM योगी ने कहा कि प्रदेश के हर जिले पर विशेष ध्यान दिया है और अब उत्तर प्रदेश में टैक्स चोरी को पूरी तरह रोका जा चुका है. राज्य के विभिन्न सेक्टर लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं और निवेश को बढ़ावा देने के लिए नई योजनाएँ लागू की जा रही हैं. उत्तर प्रदेश अब देश की शीर्ष 3 अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है, और इसके विकास से रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं. पिछड़े जिलों के विकास पर भी विशेष फोकस किया गया है. इसके अलावा, प्रदेश में नए डेटा सेंटर स्थापित किए जाएंगे, एआई मिशन और स्किल डेवलपमेंट के कार्यक्रम आगे बढ़ेंगे, और कई सिटी इकॉनोमिक जोन बनाए जाएंगे। रियल-टाइम डेटा और मॉनिटरिंग की सुविधा से इन पहलों की प्रभावशीलता बढ़ेगी.
हर वर्ग का बजट में रखा विशेष ध्यान: CM योगी
यूपी विधानसभा में बजट पेश होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि उत्तर प्रदेश में बजट लगातार बढ़ रहा है और इसमें हर वर्ग के हितों का ध्यान रखा गया है. उन्होंने कहा कि यह अब तक का सबसे बड़ा बजट है, जिसे खासतौर पर किसानों, युवाओं और महिलाओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि टैक्स चोरी को रोककर वित्तीय लेनदेन को सरल बनाया गया है और पिछले 9 वर्षों में सरकार ने लोगों की सोच और दृष्टिकोण में बदलाव लाया है.
योगी सरकार ने रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के लिए दिए 400 करोड़
उत्तर प्रदेश सरकार ने मेधावी छात्राओं के लिए एक बड़ी पहल की है. राज्य के बजट में रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के लिए 400 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान किया गया है. इस योजना के तहत योग्य छात्राओं को स्कूटी प्रदान की जाएगी. सरकार का कहना है कि इसका मुख्य उद्देश्य छात्राओं को उच्च शिक्षा की ओर प्रोत्साहित करना, कॉलेज आने-जाने में आसानियाँ प्रदान करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है. खासकर ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों की छात्राओं को इससे ज्यादा फायदा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.
यूपी सरकार बांटेगी 40 लाख टैबलेट
यूपी के बजट में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने युवाओं को 40 लाख टैबलेट बांटे जाने का ऐलान किया है. योगी सरकार के भारी भरकम बजट में फ्री टैबलेट और स्मार्ट फोन के लिए 2374 करोड़ रुपए प्रस्तावित हैं. इसके साथ ही प्रदेश में मुख्यमंत्री अयुभदय अभ्युदय योजना के अन्तर्गत वर्तमान में संचालित 163 अभ्युदय केंद्रों पर 23,000 से ज्यादा युवाओं को मुफ्त कोचिंग प्रदान की जा रही है. युवाओं को सरकारी नीति निर्माण और क्रियान्वयन में सहभागिता प्रदान करने हेतु 108 आकांक्षात्मक विकास खंडों में मुख्यमंत्री फेलोशिप कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है.
बजट में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के लिए 1000 करोड़
राज्य सरकार ने युवाओं को स्वरोजगार और उद्योग से जोड़ने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के लिए 1000 करोड़ रुपये की बड़ी राशि स्वीकृत की है. इसके साथ ही, औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए सरदार वल्लभ भाई पटेल एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन की नई योजना हेतु 575 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.
जेवर एयरपोर्ट के लिए 750 करोड़
उत्तर प्रदेश विधानसभा में बजट पेश करते हुए वित्तर मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया की योगी सरकार ने जेवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट की स्थापना के लिए 750 करोड़ आवंटित किए हैं. इसके साथ ही प्रदेश में हवाई पट्टियों के निर्माण और भूमि अर्जन के लिए 1100 करोड़ आवंटित किए गए हैं.
प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय बढ़कर हुई 1,09,844 रुपए
वित्त मंत्री ने जानकारी दी कि एसडीजी इंडिया इंडेक्स में उत्तर प्रदेश की स्थिति पहले से बेहतर हुई है और राज्य की रैंकिंग में सुधार दर्ज किया गया है. उन्होंने बताया कि प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 1,09,844 रुपये तक पहुंच गई है, जो वर्ष 2016-2017 में रही 54,564 रुपये की तुलना में दोगुने से भी अधिक है. अनुमान है कि वर्ष 2025-2026 तक प्रति व्यक्ति आय लगभग 1.20 लाख रुपये हो जाएगी. वित्त मंत्री ने यह भी घोषणा की कि अपने घर से दूर रोज़गार करने वाले श्रमिकों की सुविधा के लिए लेबर अड्डों का निर्माण कराया जाएगा. साथ ही, विश्व बैंक के सहयोग से यूपी एग्रीज परियोजना के अंतर्गत एग्री एक्सपोर्ट हब स्थापित किए जाएंगे, जिससे कृषि निर्यात को बढ़ावा मिलेगा. उन्होंने बताया कि अब तक 9 लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है और 5 लाख से ज्यादा युवाओं को विभिन्न कंपनियों में रोजगार उपलब्ध कराया गया है। राज्य में बेरोजगारी दर में 2.2 प्रतिशत की कमी भी दर्ज की गई है.
10 लाख युवाओं को रोजगार का ऐलान
उत्तर प्रदेश के विधानसभा में पेश हो रहे बजट में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने यूपी में 10 लाख युवाओं को रोजगार देने का बड़ा ऐलान किया है. इसके साथ ही योगी सरकार अब लड़कियों की शादी के लिएर 1 लाख रुपये देगी. जानकारी देते चलें कि यूपी का इस बार का बजट का आकार 9 लाख 12 हजार 696 करोड़ रुपए का है. पिछले बजट की तुलना में 12 प्रतिशत बढ़ोत्तरी हुई है.
100 करोड़ से होगा रामनगरी अयोध्या का विकास
यूपी सरकार ने प्रभु श्री राम की नगरी अयोध्या के सर्वांगीण विकास के लिए 100 करोड़ आवंटित करने का बजट में प्रावधान रखा है. इसके साथ ही मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के लिए 225 करोड़ आवंटित हुए हैं. जो नई स्कीम मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना शुरू होगी
प्रदेश में योगी सरकार बढ़ाएगी स्किल ट्रेनिंग सेंटरों की क्षमता
उत्तर प्रदेश के बजट में पढ़ाई के साथ-साथ कौशल विकास को भी तरजीह दी गई है. बजट में प्रदेश के कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्रों की क्षमता बढ़ाए जाने और नए केंद्र खोले जाने का ऐलान किया गया है. अब निजी क्षेत्रों में कौशल संवर्धन अभियान के तहत भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी. प्रदेश के तमाम जिलों में पीपीपी मॉडल के तहत स्किल डेवलपमेंट और जॉब प्लेसमेंट केंद्र स्थापना की जाएगी. ताकि ट्रेंड युवाओं को रोज़गार से जोड़ जा सके. इसके साथ ही महिलाओं को ध्यान में रखते हुए महिला-केंद्रित कौशल प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जाएंगे.
ऊर्जा और कृषि उत्पादन क्षेत्र में यूपी आगे
वित्त मंत्री ने बताया कि बुनियादी ढांचे पर केंद्रित विकास रणनीति के परिणामस्वरूप नीति आयोग के एक्सपोर्ट प्रिपेयर्डनेस इंडेक्स 2024 में उत्तर प्रदेश ने लैंड-लॉक्ड राज्यों की श्रेणी में पहला स्थान प्राप्त किया है. कृषि क्षेत्र में भी प्रदेश ने अपनी मजबूत स्थिति बनाए रखी है. देश में गेहूं, धान, गन्ना, आलू, केला, आम, अमरूद, आंवला और मेंथा के उत्पादन में उत्तर प्रदेश का योगदान सबसे अधिक है, जिससे इसे कृषि प्रधान राज्य के रूप में पहचान मिली है.
सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से खेती को नई मजबूती मिली है। वर्ष 2016-17 में जहां कुल सिंचित क्षेत्र 2.16 करोड़ हेक्टेयर था, वहीं वर्ष 2024-25 तक यह बढ़कर लगभग 2.76 करोड़ हेक्टेयर हो गया है. इसी अवधि में फसल सघनता 162.7 प्रतिशत से बढ़कर 193.7 प्रतिशत तक पहुंच गई, जो कृषि उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि का संकेत है. इसके अलावा ऊर्जा क्षेत्र में भी राज्य ने महत्वपूर्ण प्रगति की है. ताप विद्युत उत्पादन क्षमता 5,878 मेगावॉट से बढ़कर दिसंबर 2025 तक 9,120 मेगावॉट हो गई है, जो करीब 55 प्रतिशत की बढ़ोतरी को बताती है. साथ ही 2,815 मेगावॉट की सौर ऊर्जा परियोजनाओं की स्थापना से प्रदेश में स्वच्छ और हरित ऊर्जा को भी तेजी से बढ़ावा मिल रहा है.
50 लाख करोड़ MoU हुए साइन, स्टार्टअप में यूपी की बड़ी छलांग
बजट भाषण में यह जानकारी साझा की गई कि सतत विकास लक्ष्यों (SDG) के संदर्भ में उत्तर प्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति की है. वर्ष 2018-19 में जहां राज्य की रैंकिंग 29वें स्थान पर थी, वहीं वर्ष 2023-24 में यह सुधरकर 18वें स्थान तक पहुंच गई है. यह बदलाव राज्य की विकास योजनाओं और नीतियों के प्रभाव को बताता है.
फरवरी 2024 में आयोजित चौथे ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट ने भी निवेश के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित किए. इस समिट के दौरान लगभग 50 लाख करोड़ रुपये के समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुए हैं. इन निवेश प्रस्तावों से करीब 10 लाख रोजगार अवसर सृजित होने की उम्मीद जताई गई है, जो राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति देंगे. निवेश परियोजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए लगभग 15 लाख करोड़ रुपये की लागत वाली 16 हजार से अधिक परियोजनाओं पर कार्य प्रारंभ किया जा चुका है. इसके तहत अब तक चार ग्राउंड ब्रेकिंग समारोह आयोजित किए जा चुके हैं, जो औद्योगिक विकास की दिशा में ठोस कदम माने जा रहे हैं.
औद्योगिक उत्पादन के क्षेत्र में भी उत्तर प्रदेश ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है. राज्य देश का सबसे बड़ा मोबाइल फोन निर्माण हब बन गया है, जहां भारत के कुल मोबाइल उत्पादन का करीब 65 प्रतिशत तैयार होता है. साथ ही देश की लगभग 55 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट इकाइयां भी यहीं संचालित हो रही हैं. इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात का आंकड़ा 44,744 करोड़ रुपये तक पहुंच जाना इस क्षेत्र में तेजी से हो रही प्रगति का संकेत है. इसके अतिरिक्त, स्टार्टअप इकोसिस्टम में भी उत्तर प्रदेश ने अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है. राष्ट्रीय स्टार्टअप रैंकिंग में राज्य को ‘लीडर श्रेणी’ में स्थान मिलना नवाचार और उद्यमिता को मिल रहे प्रोत्साहन का प्रमाण है.
30.25 लाख करोड़ के पार यूपी की GDP
वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने प्रदेश की विकास यात्रा को साझा करते हुए कहा कि सरकार के पिछले और मौजूदा कार्यकाल में हर क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है. उन्होंने बताया कि कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने से लेकर आधारभूत ढांचे के विस्तार, उद्योगों में निवेश बढ़ाने, रोजगार के नए अवसर सृजित करने, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने, युवाओं के कौशल विकास को बढ़ावा देने, किसानों की आय बढ़ाने और गरीबी कम करने तक कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं.
वित्त मंत्री के अनुसार वर्ष 2024-25 के त्वरित अनुमानों में प्रदेश का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) 30.25 लाख करोड़ रुपये आंका गया है. यह आंकड़ा पिछले वर्ष की तुलना में 13.4 प्रतिशत की वृद्धि बताता है. उन्होंने यह भी बताया कि राज्य की प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 1,09,844 रुपये हो गई है, जो वर्ष 2016-17 में 54,564 रुपये थी. इस प्रकार बीते वर्षों में प्रति व्यक्ति आय में दोगुने से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. साथ ही, वर्ष 2025-26 में प्रति व्यक्ति आय 1,20,000 रुपये तक पहुंचने का अनुमान जताया गया है. सरकार ने दावा किया है कि उसकी नीतियों और योजनाओं के प्रभाव से लगभग 6 करोड़ लोग बहुआयामी गरीबी से बाहर आए हैं. इसके अतिरिक्त, बेरोजगारी दर में भी कमी दर्ज की गई है और यह घटकर 2.24 प्रतिशत पर आ गई है। वित्त मंत्री ने कहा कि यह उपलब्धियां प्रदेश की मजबूत आर्थिक नीतियों और समावेशी विकास मॉडल का परिणाम हैं.
योगी सरकार का महिला सशक्तिकरण पर फोकस
बजट प्रस्तुत करते समय वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार औद्योगिक ढांचे को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा आधारभूत सुविधाओं के विस्तार पर विशेष जोर दे रही है. उन्होंने बताया कि प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देना, नए रोजगार अवसर पैदा करना, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और युवाओं को बेहतर कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है. साथ ही किसानों की आय बढ़ाने और गरीबी को कम करने के लिए भी ठोस कदम उठाए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि यह बजट प्रदेश के संतुलित और व्यापक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है, जिससे हर वर्ग को प्रगति की धारा से जोड़ा जा सके.
यूपी में घटी बेरोजगारी दर
वित्त मंत्री खन्ना ने जानकारी देते हुए बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय लगभग 1,20,000 रुपये तक पहुंचने का अनुमान है. उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों के परिणामस्वरूप करीब 6 करोड़ लोगों को बहुआयामी गरीबी से बाहर निकालने में सफलता मिली है. प्रदेश में बेरोजगारी दर घटकर 2.24 प्रतिशत रह गई है, जो आर्थिक सुधार का संकेत है. अब तक लगभग 50 लाख करोड़ रुपये के एमओयू पर हस्ताक्षर किए जा चुके हैं, जिनसे करीब 10 लाख नए रोजगार अवसर सृजित होने की संभावना है. इसके अतिरिक्त, लगभग 15 लाख करोड़ रुपये के निवेश से जुड़ी 16 हजार से अधिक परियोजनाओं के लिए चार ग्राउंड ब्रेकिंग समारोह भी आयोजित किए जा चुके हैं.
प्रदेश में हो रहा 65 प्रतिशत मोबाइल प्रोडक्शन
उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करते हुए प्रदेश की आर्थिक प्रगति का विस्तृत ब्यौरा रखा. अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि आज देश में बनने वाले कुल मोबाइल फोन में से करीब 65 प्रतिशत का निर्माण उत्तर प्रदेश में हो रहा है, जो राज्य के औद्योगिक विकास की बड़ी उपलब्धि है. उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश में अब तक लगभग 15 लाख करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित किया जा चुका है.
बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने कहा कि वर्तमान और पिछले कार्यकाल में राज्य ने हर क्षेत्र में संतुलित और व्यापक विकास का अनुभव किया है. उनके अनुसार कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने, आधारभूत ढांचे के विस्तार, औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने और नए रोजगार के अवसर पैदा करने के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम हुआ है. उन्होंने महिला सशक्तिकरण, युवाओं के कौशल विकास, किसानों की आय बढ़ाने और गरीबी कम करने के प्रयासों का भी जिक्र किया. मंत्री ने कहा कि इन पहलों का सकारात्मक असर राज्य की अर्थव्यवस्था पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है. सुरेश खन्ना ने आगे बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए उत्तर प्रदेश का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) 30.25 लाख करोड़ रुपये अनुमानित किया गया है. यह आंकड़ा पिछले वर्ष की तुलना में 13.4 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है, जो राज्य की मजबूत आर्थिक रफ्तार का संकेत है.
वित्त मंत्री ने पेश किया 9 लाख 12 हजार 696 करोड़ का बजट
उत्तर प्रदेश के विधानसभा सदन में प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने 9 लाख 12 हजार 696 करोड़ का यूपी बजट पेश कर दिया है. इस बजट में प्रदेश के विकास को गति देने के लिए वित्त मंत्री ने कई बड़े ऐलान कर रहे हैं.
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना पेश कर रहे बजट
यूपी विधानसभा सदन में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना यूपी सरकार का बजट पेश कर रहे हैं. वित्त मंत्री सुरेश खन्ना बजट भाषण में सरकार की योजनाओं के लिए बजट प्रावधान के बारे में विस्तृत जानकारी दे रहे हैं.
जनता की सभी अपेक्षाएं होंगी पूरी: स्वतंत्र देव सिंह
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता भूपेंद्र सिंह चौधरी ने आगामी प्रदेश बजट को लेकर कहा कि यह बजट समाज के हर वर्ग को ध्यान में रखकर तैयार किया जाएगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि महिलाओं, गरीबों, किसानों और युवाओं के हितों को प्राथमिकता दी जाएगी और उनकी जरूरतों को केंद्र में रखा जाएगा. चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने बीते नौ वर्षों में विकास की नई दिशा में कदम बढ़ाए हैं. प्रदेश ने आधारभूत ढांचे, निवेश, रोजगार और सामाजिक योजनाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है. आने वाला बजट इसी विकास यात्रा को आगे बढ़ाने और उसे प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का माध्यम बनेगा. उन्होंने भरोसा जताया कि प्रदेश की जनता की जो भी अपेक्षाएं और आवश्यकताएं हैं, उन्हें इस बजट में स्थान दिया जाएगा.
विधानसभा पहुंचे CM योगी
उत्तर प्रदेश का मेगा बजट अब से कुछ देर में पेश होने वाला है. इससे पहले सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ और वित्त मंत्र सुरेश खन्ना विधानसभा पहुंचे चुके हैं.
प्रदेश के चहुंमुखी विकास को गति देगा बजट: केशव मौर्या
उत्तर प्रदेश के बजट को लेकर सूबे के उपमुख्यमंत्री क़ेशव प्रसाद मौर्या ने कहा कि ये प्रदेश के चहुंमुखी दिशाओं में विकास को गति देने वाला बजट होगा. इसके साथ ही डिप्टी सीएम ने विपक्ष की समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला करते हुए कहा कि प्रदेश में ना तो सपा और ना ही कांग्रेस की सरकार कभी आने वाली है.
#WATCH | Lucknow: On the state's budget, Uttar Pradesh Deputy CM Keshav Prasad Maurya says "This will be a budget that brings prosperity to the lives of Uttar Pradesh's 25 crore people, builds a developed Uttar Pradesh for a developed India, serves as a roadmap for the youth's… pic.twitter.com/HHBqQi6u7c
— ANI (@ANI) February 11, 2026
बजट के प्रस्ताव को मिली मंज़ूरी
उत्तर प्रदेश विधानसभा में आज वित्त मंत्री सुरेश खन्ना राज्य का बजट 11 बजे पेश करेंगे. इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ की अध्यक्ष में हुई कैबिनेट की बैठक में बजट के प्रस्ताव को मंजूरी मिली. जानकारी के मुताबिक इस साल योगी सरकार करीब 9.5 लाख करोड़ का बजट पेश कर सकती है.
यह बजट जनता की आकांक्षाओं का बजट: योगी
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ ने विधानसभा में बजट पेश होने से पहले सोशल मीडिया के एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के यशस्वी नेतृत्व में 'नए भारत का नया उत्तर प्रदेश' विकास और समृद्धि के एक अभूतपूर्व दशक का साक्षी बन रहा है. जन-जन के अटूट विश्वास और आशीर्वाद के फलस्वरूप, आपकी सरकार आज लगातार 10वीं बार उत्तर प्रदेश विधान मंडल में प्रदेश के सर्वसमावेशी विकास का बजट प्रस्तुत करने जा रही है. वित्तीय वर्ष 2026-27 का यह बजट 25 करोड़ प्रदेश वासियों की आशाओं और आकांक्षाओं के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का 'दशकीय प्रमाण' है."
आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के यशस्वी नेतृत्व में 'नए भारत का नया उत्तर प्रदेश' विकास और समृद्धि के एक अभूतपूर्व दशक का साक्षी बन रहा है।
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) February 11, 2026
जन-जन के अटूट विश्वास और आशीर्वाद के फलस्वरूप, आपकी सरकार आज लगातार 10वीं बार उत्तर प्रदेश विधान मंडल में प्रदेश के सर्वसमावेशी…