Budget 2026: 'लोकल से ग्लोबल तक MSME की राह हुई आसान...', PM मोदी ने बजट को बताया अपार अवसरों का राजमार्ग
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश कर दिया है. वित्त मंत्री ने 85 मिनट तक बजट भाषण दिया. जिसमें टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया.
Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 9वीं बार बजट पेश किया. केंद्र सरकार की ओर से अगले पांच वर्षों के लिए 10,000 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं. इस बजट को PM मोदी ने युवा शक्ति का बजट बताया.
PM मोदी ने कहा, यह युवा शक्ति बजट है. इस बजट में जो प्रावधान किए गए हैं, उससे अलग-अलग सेक्टर्स में लीडर्स, इनोवेटर्स और क्रिएटर्स तैयार होंगे.
#WATCH | On #UnionBudget, PM Narendra Modi says, "This is one such unique budget which has focus on bringing down fiscal deficit, on bringing inflation under control and with this, Budget also has the combination of high CapEx and high growth."
— ANI (@ANI) February 1, 2026
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केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश करते हुए कहा, आर्थिक विकास को गति देने और उसे बनाए रखने के लिए, मैं 6 क्षेत्रों में हस्तक्षेप का प्रस्ताव करती हूं. इनमें रणनीतिक क्षेत्रों में विनिर्माण को बढ़ावा देना, विरासत में मिले औद्योगिक क्षेत्रों को पुनर्जीवित करना, अग्रणी लघु एवं मध्यम उद्यमों का निर्माण करना, बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देना, दीर्घकालिक सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करना, शहरी आर्थिक क्षेत्रों का विकास करना है.
Presenting Union Budget 2026-27, Union Finance Minister Nirmala Sitharaman says," To accelerate and sustain economic growth, I propose interventions in six areas -Scaling up manufacturing in 7 strategic sectors; Rejuvenating legacy industrial sectors; Creating champion MSMEs;… pic.twitter.com/UCMYKvzgcK
— ANI (@ANI) February 1, 2026
यह बजट ऐसे दौर में आ रहा है, जब भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और अगले दो वर्षों में तीसरे स्थान पर पहुंचने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. हालांकि, अमेरिका के ऊंचे टैरिफ और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए देश को करीब 8 प्रतिशत की जीडीपी वृद्धि दर बनाए रखना बेहद जरूरी होगा. ऐसे में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मजबूती देना, निवेश बढ़ाना और रोजगार सृजन वित्त मंत्री के सामने बड़ी प्राथमिकताएं रहेंगी.
जानकारी देते चलें कि बजट से पहले पेश इकोनॉमिक सर्वे 2025-26 के मुताबिक भारत की अर्थव्यवस्था को वर्किंग-एज आबादी का लाभ मिल रहा है, लेकिन हेल्थ और रोजगार बड़ी चुनौतियां बनी हुई हैं। आगामी वित्त वर्ष में 6.8 से 7.2 प्रतिशत की ग्रोथ का अनुमान लगाया गया है और घरेलू मांग में मजबूती देखी गई है.
मेरे मंत्रालय के बजट में हुई 21 प्रतिशत की बढ़ोतरी: शिवराज सिंह चौहान
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने केंद्रीय बजट 2026 की सराहना करते हुए इसे विकसित भारत की दिशा में एक ऐतिहासिक दस्तावेज बताया. उन्होंने कहा कि यह बजट वर्ष 2047 तक देश को आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य को मजबूती देता है और इसमें व्यापक सुधारों को प्राथमिकता दी गई है. मंत्री ने कहा कि बजट में गांवों के विकास, गरीबों के कल्याण, किसानों, युवाओं और महिलाओं की जरूरतों को खास तौर पर ध्यान में रखा गया है. उन्होंने जानकारी दी कि उनके मंत्रालय के बजट में 21 प्रतिशत की वृद्धि की गई है, जबकि ग्रामीण विकास से जुड़े कुल प्रावधानों में से 55,600 करोड़ रुपये से अधिक की राशि ‘विकसित भारत ग्राम योजना’ के लिए निर्धारित की गई है.
यह बजट विकसित भारत का रोडमैप है: योगी आदित्यानाथ
बजट पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र ने आज विकसित भारत की दिशा तय करने वाला स्पष्ट रोडमैप सामने रखा है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार जताया. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट 145 करोड़ नागरिकों की आशाओं और अपेक्षाओं को प्रतिबिंबित करता है. उन्होंने बताया कि इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक का पूंजीगत व्यय प्रस्तावित किया गया है, जिसमें सात रेल कॉरिडोर शामिल हैं. बजट में आयुष और स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता दी गई है, जबकि आम नागरिकों और महिलाओं को केंद्र में रखकर जीवन को सरल बनाने वाले कई महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं.
रक्षा क्षेत्र में होगा आधुनिकीकरण: राजनाथ सिंह
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने केंद्रीय बजट की सराहना करते हुए कहा कि यह आम जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरता है और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य के साथ-साथ विकसित भारत 2047 की दिशा में मजबूत आधार तैयार करता है. उन्होंने बताया कि बजट में रक्षा क्षेत्र के लिए 7.85 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसमें तीनों सेनाओं के आधुनिकीकरण को प्राथमिकता दी गई है. वहीं केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बजट को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर, आईटी सर्विसेज और डेटा सेंटर्स से जुड़े फैसले रोजगार सृजन और स्टार्टअप इकोसिस्टम को नई गति देंगे. उन्होंने रेलवे के लिए प्रस्तावित 7 हाई-स्पीड कॉरिडोर और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर को बुनियादी ढांचे के लिहाज से एक बड़ा और दूरगामी कदम बताया.
आत्मनिर्भर भारत अभियान होगा तेज
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बजट को लेकर कहा कि इसमें मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत अभियान को गति देने के लिए एक मजबूत और दूरदर्शी रोडमैप रखा गया है. उन्होंने कहा कि बजट में MSME सेक्टर समेत लघु और कुटीर उद्योगों पर खास फोकस किया गया है, जिससे इन्हें स्थानीय स्तर से वैश्विक बाजार तक पहुंचने की नई ऊर्जा मिलेगी.
रिफॉर्म एक्सप्रेस को नई गति मिलेगी: PM मोदी
बजट के बाद पहली प्रतिक्रिया देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा,' यह बजट भारत की रिफॉर्म एक्सप्रेस को नई ताकत और तेज रफ्तार देने वाला है. उन्होंने कहा कि भारत केवल सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बनने तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि देश का लक्ष्य जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनना है.'
बजट पर PM मोदी ने दी पहली प्रतिक्रिया
केंद्रीय बजट 2026 पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे देश के लिए नए अवसरों का रास्ता बताया. उन्होंने कहा कि यह बजट संभावनाओं का राजमार्ग है और 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए एक मजबूत आधार तैयार करता है. पीएम मोदी के अनुसार, बजट में विकास, आत्मनिर्भरता और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर किए गए प्रावधान देश को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में मदद करेंगे.
रक्षा बजट में सरकार ने की रिकॉर्ड बढ़ोतरी
वित्त वर्ष 2026–27 के बजट में रक्षा मंत्रालय के लिए 7.8 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. इस आवंटन में सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण को प्राथमिकता दी गई है. रक्षा बलों के लिए पूंजीगत व्यय के तहत 2.19 लाख करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं, जो पिछले वर्ष के 1.80 लाख करोड़ रुपये से काफी अधिक है. इस बढ़े हुए निवेश से नए हथियारों की खरीद, आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता और सैन्य तैयारियों को और मजबूत करने में मदद मिलेगी, जिससे देश की रक्षा क्षमता को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है.
. रक्षा बजट में सरकार ने की रिकॉर्ड बढ़ोतरी
वित्त वर्ष 2026–27 के बजट में रक्षा मंत्रालय के लिए 7.8 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. इस आवंटन में सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण को प्राथमिकता दी गई है. रक्षा बलों के लिए पूंजीगत व्यय के तहत 2.19 लाख करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं, जो पिछले वर्ष के 1.80 लाख करोड़ रुपये से काफी अधिक है. इस बढ़े हुए निवेश से नए हथियारों की खरीद, आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता और सैन्य तैयारियों को और मजबूत करने में मदद मिलेगी, जिससे देश की रक्षा क्षमता को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है.
आईटी और सॉफ्टवेयर सेवाओं पर 15.5% समान सेफ हार्बर प्रस्ताव
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, 'सॉफ्टवेयर विकास सेवाओं, आईटी-सक्षम सेवाओं, ज्ञान प्रक्रिया आउटसोर्सिंग सेवाओं और सॉफ्टवेयर विकास से संबंधित संविदा अनुसंधान एवं विकास सेवाओं में भारत वैश्विक स्तर पर अग्रणी है. ये व्यावसायिक क्षेत्र आपस में काफी जुड़े हुए हैं. इन सभी सेवाओं को सूचना प्रौद्योगिकी सेवाओं की एक ही श्रेणी के अंतर्गत लाने का प्रस्ताव है, जिसमें सभी पर 15.5% का एक समान सुरक्षित मार्जिन लागू होगा.'
बैटरी और सौर कांच निर्माण के लिए कस्टम्स छूट का प्रस्ताव
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, 'मैं बैटरी के लिए लिथियम-आयन सेल बनाने में इस्तेमाल होने वाली पूंजीगत वस्तुओं पर दी जाने वाली मूल सीमा शुल्क छूट को बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणालियों के लिए लिथियम-आयन सेल बनाने में इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं पर भी लागू करने का प्रस्ताव करती हूं. मैं सौर कांच के निर्माण में उपयोग होने वाले सोडियम एंटीमोनेट के आयात पर मूल सीमा शुल्क छूट देने का भी प्रस्ताव करती हूं.'
निर्यात बढ़ाने के लिए समुद्री भोजन और जूतों के इनपुट पर शुल्क छूट बढ़ाने का प्रस्ताव
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, 'मैं निर्यात के लिए समुद्री खाद्य पदार्थों के प्रसंस्करण में उपयोग होने वाले कुछ विशिष्ट इनपुट पर शुल्क-मुक्त आयात की सीमा को पिछले वर्ष के निर्यात कारोबार के एफओबी मूल्य के वर्तमान 1% से बढ़ाकर 3% करने का प्रस्ताव करती हूं. मैं यह भी प्रस्ताव करती हूं कि चमड़े या सिंथेटिक जूते के निर्यात के लिए वर्तमान में उपलब्ध शुल्क-मुक्त आयात को जूते के ऊपरी भाग के निर्यात पर भी लागू किया जाए.
क्लाउड सर्विसेज़ को 2047 तक टैक्स फ्री करने का लक्ष्य
बजट 2026 में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि पिछले वर्षों में करीब 2.5 करोड़ लोग बहुआयामी गरीबी से बाहर आए हैं. उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 में राजकोषीय घाटा 4.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो चालू वित्त वर्ष में 4.4 प्रतिशत था. सरकार ने कर्ज-जीडीपी अनुपात को भी 55.6 प्रतिशत पर बनाए रखने का प्रस्ताव रखा है, जो इस वित्त वर्ष 56.1 प्रतिशत है.
वित्त मंत्री ने बजट में पर्यावरण और तकनीक दोनों क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएँ की हैं।. उन्होंने कार्बन कैप्चर, अवशोषण और उपयोग (CCUS) योजना के लिए 20,000 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित किया है. साथ ही, पशु चिकित्सा महाविद्यालय, अस्पताल और डायग्नोस्टिक लैब के लिए ऋण-संबंधित पूंजी सब्सिडी सहायता योजना की भी घोषणा की गई. इसके अलावा, वित्त मंत्री ने यह ऐलान किया कि क्लाउड सर्विसेज़ पर 2047 तक कोई टैक्स नहीं लगेगा, ताकि डिजिटल विकास और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा मिल सके.
कस्टम्स ड्यूटी में मिली राहत
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में कस्टम्स ड्यूटी से संबंधित कई राहतों की घोषणा की है. उन्होंने बताया कि 17 एंटी-कैंसर दवाओं को बेसिक कस्टम्स ड्यूटी से छूट दी जाएगी, जिससे इन दवाओं की कीमत कम होगी और आम जनता के लिए उपलब्धता आसान होगी. विशेष आर्थिक क्षेत्रों (SEZ) में निर्मित सामान के निर्यात पर किफायती ड्यूटी लागू होगी, जो बिक्री की सीमा के अनुसार तय की जाएगी. वहीं, व्यक्तिगत उपयोग के लिए लाए जाने वाले सामान पर कस्टम्स ड्यूटी 20 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत कर दी गई है.
सरकार ने SEZ की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स को घरेलू बाजार में एक बार बिक्री की अनुमति देने की भी सुविधा दी है. रक्षा क्षेत्र में विमान मरम्मत के लिए आवश्यक कच्चे माल पर BCD से छूट दी जाएगी और नागरिक प्रशिक्षण विमानों के पार्ट्स को भी बेसिक कस्टम्स ड्यूटी से मुक्त रखा गया है. केंद्रीय उत्पाद शुल्क की गणना में अब बायोगैस मिश्रित CNG का मूल्य शामिल नहीं किया जाएगा. इसके अलावा, महत्वपूर्ण खनिजों के उत्पादन और निर्यात को प्रोत्साहित करने के लिए पूंजीगत वस्तुओं पर भी बेसिक कस्टम्स ड्यूटी से छूट दी जाएगी.
शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव
वित्त मंत्री द्वारा बजट के ऐलान के बीच शेयर बाजार में भारी उथल-पुथल देखने को मिल रहा है. निफ्टी 289 पॉइंट्स गिरा है और सेंसेक्स 803 पॉइंट्स की गिरावट के साथ दर्ज किया गया.
ITR की समय-सीमा को बढ़ाया गया
केंद्रीय बजट में वित्त मंत्री ने गैर-ऑडिट ट्रस्ट्स के लिए टैक्स रिटर्न दाखिल करने की समयसीमा 31 अगस्त तक बढ़ाने की घोषणा की है. वहीं, ITR-1 और ITR-2 फॉर्म्स की फाइलिंग की आखिरी तारीख 31 जुलाई तय की गई है. रिटर्न संशोधन की डेडलाइन को भी 31 मार्च तक बढ़ाया गया है, हालांकि इसके लिए मामूली शुल्क लागू होगा.
वित्त मंत्री ने बताया कि कर्ज का जीडीपी अनुपात घटकर 55.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो इस वित्त वर्ष 56.1 प्रतिशत था. उन्होंने यह भी कहा कि आयकर अधिनियम के तहत खातों की अनुपस्थिति को अब अपराध की श्रेणी से बाहर किया जाएगा और अभियोजन प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा. न्यूनतम कर का प्रतिशत 20 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत किया जाएगा, और मूल्यांकन व पेनल्टी की कार्यवाही को एकीकृत किया जाएगा. छात्रों और युवा पेशेवरों के लिए नई विदेशी संपत्ति घोषणा योजना लागू की जाएगी. वित्त वर्ष 2026-27 में राजकोषीय घाटा जीडीपी का 4.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो अगले वर्ष घटकर 4.3 प्रतिशत रहने की संभावना है.
इसके अलावा IT सेक्टर के लिए सेफ हार्बर सीमा को बढ़ाकर 2,000 करोड़ रुपये किया गया है और सभी IT सेवाओं पर 15.5 प्रतिशत सामान्य सेफ हार्बर मार्जिन लागू होगा. कुछ विदेशी संपत्तियों की गैर-घोषणा पर भी अभियोजन से सुरक्षा प्रदान की जाएगी, जिससे निवेशकों और छात्रों को राहत मिलेगी.
छोटे करदाताओं के लिए आसान टैक्स प्रक्रिया और फॉर्म 15G/15H सुधार का प्रस्ताव
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, 'मैं छोटे करदाताओं के लिए एक योजना प्रस्तावित करती हूं, जिसके तहत एक नियम-आधारित स्वचालित प्रक्रिया के माध्यम से कर निर्धारण अधिकारी के पास आवेदन दाखिल करने के बजाय कम या शून्य कटौती प्रमाणपत्र प्राप्त करना संभव होगा. कई कंपनियों में प्रतिभूतियां रखने वाले करदाताओं की सुविधा के लिए, मैं डिपॉजिटरी को निवेशक से फॉर्म 15G या फॉर्म 15H स्वीकार करने और इसे सीधे विभिन्न संबंधित कंपनियों को प्रदान करने में सक्षम बनाने का प्रस्ताव करती हूं.' इसके साथ ही वित्त मंत्री ने जीडीपी के मुकाबले कर्ज का अनुपात जीडीपी का 55.6% होने का अनुमान है.'
नारियल और काजू-कोको उत्पादन बढ़ाने के लिए नई प्रोत्साहन योजना
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, 'नारियल उत्पादन में प्रतिस्पर्धात्मकता को और बढ़ाने के लिए, मैं एक नारियल प्रोत्साहन योजना का प्रस्ताव करती हूं, जिसका उद्देश्य प्रमुख नारियल उत्पादक राज्यों में अनुत्पादक पेड़ों को नए पौधों या किस्मों के पौधों से बदलकर उत्पादन और उत्पादकता में वृद्धि करना है. कच्चे काजू और नारियल के उत्पादन और प्रसंस्करण में भारत को आत्मनिर्भर बनाने, निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाने और 2030 तक भारतीय काजू और भारतीय कोको को प्रीमियम वैश्विक ब्रांड में बदलने के लिए भारतीय काजू और कोको के लिए एक समर्पित कार्यक्रम का प्रस्ताव है.'
खेल प्रतिभाओं के लिए नई प्रक्रिया होगी शुरू
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, 'खेल क्षेत्र रोजगार, कौशल विकास और नौकरी के अनेक अवसर प्रदान करता है. खेलो इंडिया कार्यक्रम के माध्यम से खेल प्रतिभाओं के व्यवस्थित पोषण की जो प्रक्रिया शुरू की गई है, उसे आगे बढ़ाते हुए, मैं अगले दशक में खेल क्षेत्र को रूपांतरित करने के लिए एक खेलो इंडिया मिशन शुरू करने का प्रस्ताव करती हूं.'
हर जिलें में बनेगा बालिका छात्रावास
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, 'उच्च शिक्षा क्षेत्र में निवेश के तहत नए संस्थान, विश्वविद्यालय टाउनशिप, बालिका छात्रावास और टेलीस्कोप जैसी बुनियादी सुविधाओं की स्थापना के लिए मैं कई कदम प्रस्तावित करती हूं. देश के हर जिले में एक बालिका छात्रावास बनाया जाएगा.'
पर्वतीय और कछुआ मार्गों के लिए पारिस्थितिक विकास योजना
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, 'हम हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में, साथ ही पूर्वी घाट और पश्चिमी घाट की अरकु घाटी में पारिस्थितिक रूप से टिकाऊ पर्वतीय मार्ग विकसित करेंगे. ओडिशा, कर्नाटक और केरल में प्रमुख कछुआ प्रजनन स्थलों के साथ-साथ कछुआ मार्ग विकसित किए जाएंगे.'
कृषि संसाधनों के लिए 'भारत विस्तार' एआई टूल लॉन्च प्रस्ताव
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, 'भारत विस्तार- कृषि संसाधनों तक पहुंच के लिए एक एकीकृत प्रणाली. मैं भारत विस्तार नामक एक बहुभाषी एआई टूल लॉन्च करने का प्रस्ताव करती हूं, जो कृषि संबंधी पोर्टलों और कृषि पद्धतियों पर आईसीएआर पैकेज को एआई सिस्टम के साथ एकीकृत करेगा.'
विदेश यात्रा और मोटर दुर्घटना दावे पर कर प्रावधानों में छूट का प्रस्ताव
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, 'मैं विदेश यात्रा कार्यक्रम पैकेज की बिक्री पर टीसीएस की दर को मौजूदा 5% और 20% से घटाकर 2% करने का प्रस्ताव करती हूं, जिसमें राशि की कोई शर्त नहीं होगी.' इसके साथ ही निर्मला सीतारमण ने कहा, 'मैं प्रस्ताव करती हूं कि मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण द्वारा किसी व्यक्ति को दिया गया कोई भी ब्याज आयकर से मुक्त होगा और इस मद पर किसी भी प्रकार का टीडीएस (वजन कटौती) समाप्त कर दिया जाएगा.'
LRS पर टीसीएस घटाई, राज्यों को 1.4 लाख करोड़ रुपये का आवंटन
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, 'मैं उदारीकृत प्रेषण योजना (LRS) के तहत शिक्षा प्राप्त करने और चिकित्सा उद्देश्यों के लिए टीसीएस की दर को 5% से घटाकर 2% करने का प्रस्ताव करती हूं.' इसके साथ ही निर्मला सीतारमण ने कहा, 'सरकार ने राज्यों को धन हस्तांतरण में 41% की हिस्सेदारी बनाए रखने के लिए 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों को स्वीकार कर लिया है. मैंने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राज्यों को 1.4 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए हैं.'
खेल, टेक्सटाइल और खादी-हथकरघा के लिए नई पहल का प्रस्ताव
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, 'मैं उच्च गुणवत्ता वाले खेल सामग्री के निर्माण और अनुसंधान के लिए एक समर्पित पहल का प्रस्ताव करती हूं.' इसके साथ ही वित्त मंत्री ने कहा, 'मैं चुनौती भरे तरीके से मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव करती हूं. मैं खादी और हथकरघा को मजबूत करने के लिए महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल शुरू करने का प्रस्ताव करती हूं.'
विकसित भारत के लिए बैंकिंग पर उच्चस्तरीय समिति का प्रस्ताव
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, 'मैं विकसित भारत के लिए बैंकिंग पर एक उच्च स्तरीय समिति गठित करने का प्रस्ताव करती हूं, जो इस क्षेत्र की व्यापक समीक्षा करे और इसे भारत के विकास के अगले चरण के साथ संरेखित करे, साथ ही वित्तीय स्थिरता, समावेशन और उपभोक्ता संरक्षण की रक्षा करे.'
पीआरओआई निवेश सीमा बढ़ी, अब 10% तक इक्विटी निवेश संभव
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, 'भारत के बाहर रहने वाले व्यक्तियों (पीआरओआई) को पोर्टफोलियो निवेश योजना के माध्यम से सूचीबद्ध भारतीय कंपनियों के इक्विटी इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश करने की अनुमति दी जाएगी। पीआरओआई के लिए निवेश सीमा को 5% से बढ़ाकर 10% करने का भी प्रस्ताव है.'
सेवा क्षेत्र पर फोकस, शिक्षा-से-रोजगार के लिए उच्चस्तरीय समिति
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, 'मैं 'शिक्षा से रोजगार और उद्यम' के लिए एक उच्चस्तरीय स्थायी समिति गठित करने का प्रस्ताव करती हूं, जो विकसित भारत के मुख्य चालक के रूप में सेवा क्षेत्र पर केंद्रित उपायों की सिफारिश करेगी. इससे हम 2047 तक सेवाओं में 10% वैश्विक हिस्सेदारी के साथ वैश्विक नेता बन सकेंगे. समिति विकास, रोजगार और निर्यात की संभावनाओं को अधिकतम करने के लिए क्षेत्रों को प्राथमिकता देगी. वे एआई सहित उभरती प्रौद्योगिकियों के रोजगार और कौशल आवश्यकताओं पर पड़ने वाले प्रभाव का आकलन भी करेंगे और इसके लिए उपाय प्रस्तावित करेंगे.'
मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा, 5 क्षेत्रीय केंद्रों की योजना
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, 'भारत को मेडिकल टूरिज्म हब के रूप में बढ़ावा देने के लिए, मैं राज्यों को देश में 5 क्षेत्रीय केंद्र स्थापित करने में सहायता देने के लिए एक योजना का प्रस्ताव करती हूं.'
सीसीयूएस तकनीक को बढ़ावा, 20 हजार करोड़ का निवेश प्रस्ताव
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कार्बन कैप्चर यूटिलाइजेशन एंड स्टोरेज (सीसीयूएस) प्रौद्योगिकियों में अगले 5 वर्षों में 20,000 करोड़ रुपये के परिव्यय का प्रस्ताव रखा है ताकि इसका विस्तार किया जा सके और विभिन्न अंतिम उपयोग अनुप्रयोगों में उच्च स्तर की तत्परता हासिल की जा सके.
सरकार ने तय किया नई तकनीक के साथ कुशल भारत का रोडमैप
वित्त मंत्री ने बताया कि बड़े निवेश को आकर्षित करने के उद्देश्य से 1,000 करोड़ रुपये से अधिक के एकल बॉन्ड पर 100 करोड़ रुपये के प्रोत्साहन का प्रस्ताव रखा गया है. इसके साथ ही सरकार ने सेवा क्षेत्र को दोबारा अर्थव्यवस्था की विकास धुरी बनाने का निर्णय लिया है. उन्होंने कहा कि किसानों, महिलाओं, युवाओं और दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के लिए नई तकनीकों की अहम भूमिका है और सरकार इसे बढ़ावा देने के लिए लगातार कदम उठा रही है. वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि बीते दस वर्षों में किए गए सुधारों और कल्याणकारी प्रयासों के चलते करीब 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकल सके हैं. युवा भारत की बढ़ती आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए सेवा क्षेत्र को नई ऊर्जा देने पर विशेष जोर दिया जा रहा है. शिक्षा से लेकर रोजगार और उद्यमिता तक की यात्रा को मजबूत बनाने के लिए एक उच्चस्तरीय स्थायी समिति गठित की जाएगी, जो विकास, रोजगार सृजन और निर्यात बढ़ाने की रणनीतियों पर काम करेगी.
इसके साथ ही सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2047 तक भारत सेवा क्षेत्र में 10 प्रतिशत वैश्विक हिस्सेदारी हासिल कर अग्रणी देशों में शामिल हो. इसके लिए कुशल पेशेवरों की तैयारी को प्राथमिकता दी जा रही है. इसी क्रम में निजी और सरकारी भागीदारी से नए AHP संस्थान स्थापित किए जाएंगे और आने वाले पांच वर्षों में एक लाख AHP को व्यवस्था से जोड़ा जाएगा, ताकि विकसित भारत के लक्ष्य को मजबूती मिल सके.
बायो फार्मा सेक्टर को मिलेगी नई मजबूती
बायो-फार्मा सेक्टर को नई मजबूती देने के लिए वित्त मंत्री ने एक अहम पहल का ऐलान किया. उन्होंने बताया कि भारत को वैश्विक बायो-फार्मा मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के उद्देश्य से ‘बायो फार्मा शक्ति’ योजना शुरू की जाएगी. इस योजना के तहत अगले पांच वर्षों में 10,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा. इस पहल से देश में बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर दवाओं के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और एक मजबूत औद्योगिक इकोसिस्टम विकसित होगा. सरकार को उम्मीद है कि इससे आयात पर निर्भरता घटेगी, निर्यात क्षमता बढ़ेगी और उच्च कौशल वाले रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे.
7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का ऐलान
बजट पेश करने के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, 'पर्यावरण की दृष्टि से टिकाऊ यात्री प्रणालियों को बढ़ावा देने के लिए, हम शहरों के बीच विकास को जोड़ने वाले 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित करेंगे. इसमें मुंबई से पुणे, पुणे से हैदराबाद, हैदराबाद से बेंगलुरु, हैदराबाद से चेन्नई, चेन्नई से बेंगलुरु, दिल्ली से वाराणसी और वाराणसी से सिलीगुड़ी.' इसके साथ ही वित्त मंत्री ने कहा, 'मैं सार्वजनिक पूंजीगत व्यय को बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव करती हूं.'
बजट पेश करने के दौरान वित्त मंत्री के बड़े ऐलान
केंद्रीय बजट 2026–27 पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की कि सरकार इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 की शुरुआत करेगी. इसके तहत उद्योगों के नेतृत्व में रिसर्च और ट्रेनिंग सेंटर्स को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि देश में तकनीक आधारित और कुशल मानव संसाधन तैयार किया जा सके. उन्होंने वैश्विक परिदृश्य का जिक्र करते हुए कहा कि मौजूदा समय में अंतरराष्ट्रीय व्यापार और बहुपक्षीय व्यवस्थाएं दबाव में हैं, वहीं संसाधनों की उपलब्धता और सप्लाई चेन भी चुनौतियों से गुजर रही हैं. नई तकनीकों के कारण उत्पादन प्रणालियों में तेजी से बदलाव हो रहा है और पानी, ऊर्जा व अहम खनिजों की मांग लगातार बढ़ रही है. इस दौरान वित्त मंत्री ने भरोसा जताया कि भारत विकसित भारत के लक्ष्य की ओर आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ेगा, जहां विकास और समावेशन के बीच संतुलन बनाए रखा जाएगा. उन्होंने कहा कि मजबूत आर्थिक वृद्धि के साथ भारत को वैश्विक बाजारों से और गहराई से जुड़ना होगा, निर्यात को बढ़ाना होगा और दीर्घकालिक, स्थिर निवेश को आकर्षित करना होगा. इन प्रयासों से भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था में अपनी भूमिका और मजबूत करेगा.
MSME ग्रोथ के लिए 10 हजार करोड़ का फंड
वित्त मंत्री ने घोषणा की कि छोटे और मझोले उद्योगों को मजबूती देने के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का एमएसएमई ग्रोथ फंड बनाया जाएगा. इसके साथ ही सरकार टेक्सटाइल सेक्टर को प्रोत्साहन देने के लिए विशेष कदम उठाएगी, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा हों. उन्होंने यह भी बताया कि 5 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए बड़े पैमाने पर निवेश किया जाएगा. इस इंफ्रा बूस्ट से शहरी सुविधाओं में सुधार होगा और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है.
सरकार की कोशिश हर व्यक्ति तक पहुंचे विकास का लाभ
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देशवासियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भारत को दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं की श्रेणी में पहुंचाने की इस यात्रा में जनता ने सरकार का पूरा साथ दिया है. उन्होंने बताया कि सरकार का उद्देश्य लोगों की आकांक्षाओं को ठोस परिणामों में बदलना और देश की संभावनाओं को वास्तविक प्रदर्शन के रूप में सामने लाना है, ताकि विकास का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे. उन्होंने विशेष रूप से कहा कि किसानों, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति, घुमंतू समुदायों, युवाओं, गरीबों और महिलाओं को सशक्त बनाना सरकार की प्राथमिकता है. बजट भाषण की शुरुआत में वित्त मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार ने सिर्फ बयान देने के बजाय सुधारों पर ध्यान केंद्रित किया. इसी नीति का नतीजा रहा कि वैश्विक भू-राजनीतिक चुनौतियों के बीच भी भारत ने 7.2 प्रतिशत की मजबूत जीडीपी वृद्धि दर हासिल की और आर्थिक प्रगति की राह पर आगे बढ़ता रहा.
सरकार ने कैसे 7% ग्रोथ हासिल की
बजट भाषण के दौरान सदन में वित्त मंत्री ने कहा, 'सरकार ने अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए दीर्घकालिक और व्यापक संरचनात्मक सुधारों को प्राथमिकता दी. उन्होंने बताया कि वित्तीय अनुशासन और मौद्रिक स्थिरता बनाए रखते हुए सार्वजनिक निवेश को बड़े पैमाने पर बढ़ावा दिया गया.आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को केंद्र में रखते हुए देश की घरेलू विनिर्माण क्षमता को सुदृढ़ किया गया, ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती दी गई और आवश्यक आयात पर निर्भरता घटाने के प्रयास किए गए. इस दौरान उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नीतियां इस तरह तैयार की गईं ताकि उनका सीधा लाभ आम जनता तक पहुंचे। रोजगार के नए अवसर पैदा करने, कृषि क्षेत्र की उत्पादकता बढ़ाने, लोगों की क्रय शक्ति मजबूत करने और जरूरी सेवाओं तक सभी की समान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए कई अहम सुधार लागू किए गए. इन पहलों का परिणाम यह रहा कि देश ने लगभग 7 प्रतिशत की मजबूत आर्थिक विकास दर हासिल की, साथ ही गरीबी कम करने और नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हुई.
इन 6 सेक्टर पर सरकार का फोकस
आर्थिक विकास को नई रफ्तार देने के उद्देश्य से वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सरकार की रणनीति स्पष्ट करते हुए बताया कि तेज़ और टिकाऊ आर्थिक वृद्धि के लिए कुछ प्रमुख क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि सरकार की योजना सात रणनीतिक सेक्टरों पर केंद्रित है, जिनके माध्यम से अर्थव्यवस्था को मजबूत आधार मिलेगा. इन क्षेत्रों में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का विस्तार, पारंपरिक उद्योगों को दोबारा सक्रिय करना, सक्षम और प्रतिस्पर्धी एमएसएमई इकाइयों को बढ़ावा देना, देशभर में बुनियादी ढांचे को मजबूती देना शामिल है. इसके साथ ही दीर्घकालिक सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया जाएगा। वहीं, शहरी विकास को नई दिशा देने के लिए सिटी इकोनॉमिक रीजन के विकास को भी सरकार की प्राथमिकताओं में रखा गया है.
भारत को विकसित राष्ट्र बनाने वाला होगा बजट
बजट भाषण से पहले रविवार को केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए सरकार पिछले 11 वर्षों से लगातार काम कर रही है और 2014 के बाद से पेश किया गया हर बजट उसी दिशा में एक मजबूत कदम रहा है. उन्होंने भरोसा जताया कि इस बार का बजट भी देश को विकसित भारत के सपने की ओर और आगे ले जाने वाला साबित होगा.
#WATCH | #UnionBudget2026 | Union Minister Gajendra Singh Shekhawat says, "Have faith. The goal with which the Govermment has been working for the last 11 years, to make this Viksit Bharat - since 2014 all Budgets have been the steps towards that goal. This Budget too will be… pic.twitter.com/vfe64ZEk5c
— ANI (@ANI) February 1, 2026
राष्ट्रपति मुर्मू ने दीं शुभकामनाएं
बजट पेश होने से पहले राष्ट्रपति भवन कार्यालय ने सोशल मीडिया के एक्स पर पोस्ट करते हुए लिख, 'केंद्रीय वित्त और कॉरपोरेट मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी और वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ केंद्रीय बजट पेश करने से पहले राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की. राष्ट्रपति ने बजट प्रस्तुति के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री और उनकी टीम को शुभकामनाएं दीं.
Union Minister for Finance and Corporate Affairs Smt Nirmala Sitharaman along with Minister of State for Finance Shri Pankaj Chaudhary and senior officials of the Ministry of Finance called on President Droupadi Murmu at Rashtrapati Bhavan before presenting the Union Budget. The… pic.twitter.com/XhBbxwFeAS
— President of India (@rashtrapatibhvn) February 1, 2026
तेजी से दौड़ेगी रिफॉर्म एक्सप्रेस: किरेन रिजिजू
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने बजट को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री की ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ेगी. उनका कहना है कि यह बजट देश के विकास और सुधारों की गति को नई रफ्तार देगा.
#UnionBudget2026 | Union Minister Kiren Rijiju says, "It will be a historic budget. The PM's 'Reform Express' will move forward speedily towards Viksit Bharat." pic.twitter.com/KZXhPPetg8
— ANI (@ANI) February 1, 2026
बजट से पेश होने से पहले क्या है मार्केट का हाल?
आज बजट पेश किए जाने के बीच शेयर बाजार से भी ताजा संकेत मिले हैं. बजट वाले दिन सेंसेक्स 82,328.15 अंक के आसपास कारोबार करता दिखा, जबकि निफ्टी (एनएसई) 25,314.60 के स्तर पर बना हुआ है. इसी बीच सरकारी सूत्रों ने बताया कि जनवरी 2026 में जीएसटी कलेक्शन 1,93,384 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 6.2 प्रतिशत अधिक है.
PM मोदी पहुंचे संसद भवन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद भवन पहुंच चुके हैं, जहां केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में बजट को अंतिम मंजूरी दी जाएगी. इसके बाद बजट को सदन के पटल पर पेश किया जाएगा. इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को दही-चीनी खिलाकर बजट के लिए शुभकामनाएं दीं, जो शुभ संकेत माना जाता है.
संसद भवन पहुंचीं निर्मला सीतारमण, 11 बजे पेश करेंगी बजट
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद भवन पहुंच गई हैं. इस दौरान उन्होंने मीडिया को बजट डिजिटल टैबलेट दिखाया, जिसमें वित्त वर्ष 2026-27 के लिए सरकार की अनुमानित आय-व्यय और आर्थिक रोडमैप से जुड़े सभी दस्तावेज सुरक्षित हैं. राष्ट्रपति भवन से निकलने के बाद वे संसद पहुंचीं, जहां सुबह 11 बजे लोकसभा में बजट पेश किया जाएगा. यह बजट देश की अर्थव्यवस्था की दिशा तय करने के साथ ही टैक्सपेयर्स, मिडिल क्लास, इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण संकेत देगा.
#UnionBudget2026 | Union Finance Minister Nirmala Sitharaman and MoS Finance Pankaj Chaudhary, along with their team, arrive at the Parliament. pic.twitter.com/Zxo7HDObEn
— ANI (@ANI) February 1, 2026
संसद भवन के लिए रवाना हुईं निर्मला सीतारमण
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अब संसद के लिए रवाना हो चुकी हैं. इससे पहले वे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने राष्ट्रपति भवन गईं, जहां उनके साथ केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे. बजट पेश करने से पहले राष्ट्रपति से मुलाकात की यह परंपरागत औपचारिकता निभाई गई. राष्ट्रपति भवन जाने से पहले वित्त मंत्री मंत्रालय से निकलीं, हाथ में डिजिटल टैबलेट लिए, जिसमें Union Budget 2026 का पूरा दस्तावेज मौजूद था. खास बात यह रही कि यह टैबलेट पारंपरिक लाल ‘बही-खाता’ स्टाइल के बैग में रखा गया था, जो पिछले कुछ वर्षों से बजट दस्तावेज के प्रतीक के रूप में अपनाई जा रही परंपरा को बताता है.
बजट का बेसब्री से इंतजार: शशि थरूर
बजट से पहले कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा, 'हम सभी वित्त मंत्री के बयान का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. आर्थिक सर्वेक्षण में अच्छी आर्थिक वृद्धि का अनुमान है लेकिन क्या इस वृद्धि के साथ रोजगार भी पैदा होंगे? बिना रोजगार वाली वृद्धि किसी के लिए भी फायदेमंद नहीं होती. इसलिए, हम यह जानने के लिए उत्सुक हैं कि भारत के युवाओं के लिए रोजगार पैदा करने के लिए उनके पास किस तरह की योजनाएं हैं. इसके अलावा, और भी कई बातें होंगी. केरल में, जहां चुनाव नजदीक हैं, हम यह देखने के लिए उत्सुक हैं कि केंद्र सरकार हमें क्या लाभ दे सकती है.'
#WATCH | Delhi: On #UnionBudget2026, Congress MP Shashi Tharoor says, "We are all looking forward to hearing what the Finance Minister has to tell us. The Economic Survey projects good economic growth...Whether that growth is going to be accompanied by jobs? Jobless growth… pic.twitter.com/u44ZtgUj6K
— ANI (@ANI) February 1, 2026
राष्ट्रपति भवन पहुंची निर्मला सीतारम
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अब राष्ट्रपति भवन पहुंच गई हैं. यहां वे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर बजट से जुड़ी अहम जानकारी देते हुए इसकी एक कॉपी भी उन्हें सौंपी. इसके बाद वे संसद भवन की पहुँचेंगी और 11 बजे लोकसभा में बजट पेश करेंगी.
#WATCH | Delhi | Union Finance Minister Nirmala Sitharaman, along with her team, calls on President Droupadi Murmu before presenting her ninth consecutive Union Budget pic.twitter.com/96H5JV5obv
— ANI (@ANI) February 1, 2026
संसद के मकर द्वार को फूलों से सजाया
संसद भवन के मकर द्वार को खास अवसर के लिए रंग-बिरंगे फूलों से सजाया गया है. इसी द्वार से वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण प्रवेश करेंगी और लगातार 9वीं बार केंद्रीय बजट पेश करेंगी. इस बार आम जनता की उम्मीदें टैक्स में राहत, बेहतर रेलवे सेवाएं, रोजगार के नए अवसर और महंगाई पर नियंत्रण पर केंद्रित हैं. अब सभी की निगाहें वित्त मंत्री के बजट भाषण पर हैं, जिसमें ये उम्मीदें वास्तविकता में बदलने का रास्ता सामने आ सकता है.
दो अहम स्टेटमेंट भी सदन में होगा पेश
लोकसभा की लिस्ट ऑफ बिजनेस के अनुसार आज सदन की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू होगी. इसी सत्र में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण वित्त वर्ष 2026-27 के लिए सरकार की अनुमानित आय और व्यय का विवरण सदन में पेश करेंगी. बजट भाषण के दौरान वे FRBM Act, 2003 की धारा 3(1) के तहत दो महत्वपूर्ण स्टेटमेंट भी सदन में प्रस्तुत करेंगी, जो सरकार की मध्यम अवधि की वित्तीय योजना और समग्र आर्थिक दृष्टिकोण को स्पष्ट रूप से बताते हैं.
कर्तव्य भवन पहुंची वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज पेश होने वाले केंद्रीय बजट 2026-27 से पहले अपने कर्तव्य भवन स्थित वित्त मंत्रालय के कार्यालय पहुंची. उन्होंने मंत्रालय पहुंचकर अधिकारियों के साथ अंतिम तैयारियों और बजट दस्तावेजों की समीक्षा की. इससे पहले उन्होंने राष्ट्रपति से मुलाकात कर बजट की औपचारिक जानकारी देने की तैयारियां पूरी की.
#WATCH | Delhi | Union Finance Minister Nirmala Sitharaman arrives at Kartavya Bhawan https://t.co/2qkXBp8l5h pic.twitter.com/bgI5zPY1ZO
— ANI (@ANI) February 1, 2026
बीमा कवरेज बढ़ाने पर सरकार का रहेगा फोकस
आम नागरिकों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सरकार बीमा कवरेज के दायरे को व्यापक बनाने की दिशा में कदम उठा सकती है. विकसित भारत 2047 के लक्ष्य के तहत हर व्यक्ति तक बीमा सुरक्षा पहुंचाने का रोडमैप तैयार किया जा रहा है. इसी क्रम में बीमा को अधिक सुलभ और आसान बनाने से जुड़े कई ऐलान संभव हैं. इलाज की लागत कम करने के उद्देश्य से चिकित्सा उपकरणों पर टैक्स में कटौती की जा सकती है. साथ ही देश में दवाओं और मेडिकल डिवाइस के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए भी नीतिगत घोषणाएं किए जाने की संभावना जताई जा रही है.
Budget 2026-27 को मिला ‘Reform Express’ का नाम, बड़े सुधारों पर रहेगा फोकस
सरकारी सूत्रों की मानें तो वित्त वर्ष 2026-27 के बजट को अंदरखाने ‘Reform Express’ नाम दिया गया है. इसका संकेत साफ है कि आने वाला बजट कई क्षेत्रों में व्यापक सुधारों पर फोकस करेगा. इन पहलों का उद्देश्य नियमों को आसान बनाना, प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना और देश की घरेलू मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को मजबूत करना बताया जा रहा है. यह रणनीति ऐसे समय में अहम मानी जा रही है, जब वैश्विक अर्थव्यवस्था मंदी के दौर से गुजर रही है और अमेरिका की ओर से एक बार फिर टैरिफ को लेकर दबाव बढ़ता दिख रहा है.
दूसरी बार रविवार को पेश हो रहा बजट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार में पहली बार ऐसा हो रहा है, जब केंद्रीय बजट रविवार के दिन पेश किया जाएगा. हालांकि, देश के बजट इतिहास में यह पूरी तरह नई बात नहीं है. इससे पहले 1999 में भी बजट रविवार को ही पेश किया गया था. उस समय केंद्र में दिवंगत अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार थी और यशवंत सिन्हा वित्त मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे थे.खास बात यह रही कि 28 फरवरी 1999 को न केवल रविवार को बजट पेश हुआ, बल्कि उसी दिन बजट पेश करने की समय-सीमा में भी बदलाव किया गया. यशवंत सिन्हा ने पहली बार शाम 5 बजे के बजाय सुबह 11 बजे बजट भाषण दिया था, जिसके बाद से यही परंपरा जारी है.
पिछले वर्ष की तुलना में बजट में होगी बढ़ोत्तरी
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार वित्त वर्ष 2027 के लिए करीब 54.1 लाख करोड़ रुपये का केंद्रीय बजट पेश कर सकती है. यह राशि पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले लगभग 7.9 प्रतिशत अधिक बताई जा रही है, जिससे सरकारी खर्च में बढ़ोतरी के संकेत मिलते हैं.
इस साल बजट में क्या होने वाला है खास?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज लगातार नौवीं बार केंद्रीय बजट पेश करेंगी. इस बार का बजट कई पहलुओं से खास माना जा रहा है. सरकारी सूत्रों की मानें तो बजट भाषण का पार्ट-बी सबसे महत्वपूर्ण खंड होगा, जिसमें देश की आर्थिक दिशा, भविष्य की रणनीति और बड़े सुधारों का विस्तृत रोडमैप सामने रखा जाएगा.
केंद्रीय बजट 2026 को लेकर उत्तराखंड को खास आस: पुष्कर सिंह धामी, सीए
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 1 फरवरी को पेश होने वाले केंद्रीय बजट 2026 से राज्य के लिए सकारात्मक उम्मीदें जताई हैं. उनका कहना है कि अब तक केंद्र सरकार से राज्य को लगातार बेहतर सहयोग मिलता रहा है. न्यूज एएनआई से बातचीत के दौरान सीएम धामी ने कहा कि केंद्र की ओर से उत्तराखंड को पहले भी कई अहम सौगातें मिल चुकी हैं. उन्होंने भरोसा जताया कि इस बार का बजट भी राज्य के लिए लाभकारी रहेगा. सीएम धामी ने कहा कि आमतौर पर केंद्र से जितनी अपेक्षा होती है, उससे कहीं अधिक समर्थन मिलता रहा है और इस बार भी उन्हें उसी तरह की उम्मीद है.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आज का शेड्यूल
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सुबह 8 बजे के बाद अपने सरकारी आवास से वित्त मंत्रालय के लिए रवाना होंगी. वहां से वे बजट से जुड़े अहम दस्तावेज लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करेंगी और उन्हें बजट की औपचारिक जानकारी देंगी. इसके बाद वित्त मंत्री सुबह 10 बजे तक संसद भवन पहुंचेंगी, जहां बजट को लेकर केंद्रीय कैबिनेट की बैठक होगी और उस पर अंतिम मंजूरी दी जाएगी. सुबह 11 बजे से संसद में बजट भाषण की शुरुआत होगी। वहीं, बजट पेश होने के बाद दोपहर 2 बजे तक वित्त मंत्री मीडिया को संबोधित करेंगी और प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए बजट से जुड़े सवालों के जवाब देंगी.