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रीढ़ को लचीला और शरीर को सक्रिय बनाता है सरल धनुरासन, जानें अभ्यास का सही तरीका

इस आसन को करने के लिए सबसे पहले पेट के बल समतल स्थान पर लेटना होता है. इसके बाद माथे को जमीन पर रखते हुए दोनों घुटनों को मोड़कर टखनों को हाथों से पकड़ना होता है. फिर गहरी सांस लेते हुए सिर, छाती और घुटनों को धीरे-धीरे ऊपर उठाया जाता है.

Image Credits: ministryofayush/Instagram
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अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को अब कुछ ही दिन शेष रह गए हैं. इस अवसर पर योग के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए भारत सरकार का आयुष मंत्रालय लगातार कई योगासनों की जानकारी साझा कर रहा है. इसी कड़ी में मंत्रालय ने ‘सरल धनुरासन’ को एक ऐसा प्रभावी योगासन बताया है, जो शरीर को सक्रिय रखने के साथ-साथ रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाने में मदद करता है.

रीढ़ को मजबूत कर मन को शांत करता है सरल धनुरासन

नियमित अभ्यास से व्यक्ति शारीरिक और मानसिक रूप से अधिक स्वस्थ महसूस कर सकता है. योग विशेषज्ञों के अनुसार, आधुनिक जीवनशैली में लंबे समय तक बैठकर काम करने की वजह से लोगों को पीठ और रीढ़ से जुड़ी कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है. ऐसे में सरल धनुरासन शरीर के पिछले हिस्से को खिंचाव देने का काम करता है और मांसपेशियों को मजबूत बनाने में सहायक होता है. यह आसन शरीर में ऊर्जा का संचार बढ़ाने के साथ मानसिक तनाव को कम करने में भी मददगार माना जाता है.

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जानें धनुरासन करने का सही तरीका

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इस आसन को करने के लिए सबसे पहले पेट के बल समतल स्थान पर लेटना होता है. इसके बाद माथे को जमीन पर रखते हुए दोनों घुटनों को मोड़कर टखनों को हाथों से पकड़ना होता है. फिर गहरी सांस लेते हुए सिर, छाती और घुटनों को धीरे-धीरे ऊपर उठाया जाता है. इस दौरान पैरों को हाथों की सहायता से ऊपर की ओर खींचने पर शरीर धनुष जैसी आकृति बना लेता है. कुछ क्षण तक इस स्थिति में रहने के बाद सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में लौटना चाहिए और शरीर को आराम देना चाहिए.

आयुष मंत्रालय ने बताए सरल धनुरासन के फायदे 

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विशेषज्ञों का कहना है कि इस आसन का अभ्यास करते समय जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए. शरीर की क्षमता के अनुसार धीरे-धीरे अभ्यास करना अधिक लाभकारी होता है. यदि किसी व्यक्ति को गंभीर पीठ दर्द, रीढ़ की समस्या या अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानी है, तो योग प्रशिक्षक की सलाह लेकर ही इसका अभ्यास करना चाहिए.

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