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रूसी विदेश मंत्री का 'फर्जी' वीडियो शेयर कर फंसे वकील प्रशांत भूषण, दिल्ली पुलिस ने दर्ज की FIR
सुप्रीम कोर्ट के मशहूर वकील प्रशांत भूषण मुश्किलों में घिरते नज़र आ रहे हैं. इस बार उनके खिलाफ रूस के विदेश मंत्री का फर्जी वीडियो शेयर करने के मामले में FIR दर्ज की गई है. केस दिल्ली पुलिस ने दर्ज किया है.
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दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट के वकील प्रशांत भूषण के खिलाफ रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव का कथित रूप से डॉक्टर्ड वीडियो शेयर करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की है. पुलिस का आरोप है कि इस वीडियो के जरिए भारत के खिलाफ भ्रामक और भड़काऊ सामग्री प्रसारित की गई.
प्रशांत भूषण के खिलाफ FIR दर्ज
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, यह मामला मंगलवार (3 नवंबर) को साइबर पेट्रोलिंग के दौरान सामने आया. टीम ने एक सोशल मीडिया पोस्ट देखा, जिसमें आरोप लगाया गया था कि रूसी विदेश मंत्री का कथित तौर पर छेड़छाड़ किया गया वीडियो भूषण के हैंडल से शेयर किया गया था.
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दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट किया, "3 नवंबर को, साइबर पेट्रोलिंग के दौरान, यह पता चला कि एक सोशल मीडिया हैंडल ने दावा किया है कि रूसी विदेश मंत्री का एक कथित डॉक्टर्ड वीडियो, जो भारत के खिलाफ है, प्रशांत भूषण के हैंडल से शेयर किया गया था."
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दिनांक 03.11.2026 को साइबर पेट्रोलिंग के दौरान संज्ञान में आया कि सोशल मीडिया हैंडल @thequotesnews द्वारा प्रशांत भूषण के हैंडल @pbhushan1 से रूस के विदेश मंत्री का भारत विरोधी कथित Doctored वीडियो साझा किए जाने का दावा किया गया है। उक्त वीडियो के माध्यम से भ्रामक, मानहानिकारक एवं भड़काऊ सामग्री प्रसारित कर सार्वजनिक उपद्रव तथा अफवाहें फैलाने का आरोप है। इस संबंध में FIR No. 263/26 तहत धारा 336(4)/353(1)(c)/356/340(2) BNS एवं 66C IT Act में अभियोग PS Special Cell में पंजीकृत कर दिया गया है।
— Delhi Police (@DelhiPolice) ?ref_src=twsrc%5Etfw">November 4, 2026
दिल्ली पुलिस ने रूसी विदेश मंत्री का फर्जी वीडियो शेयर करने को लेकर दर्ज की FIR
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दिलली पुलिस ने कहा, "वीडियो के माध्यम से भ्रामक, मानहानिकारक और भड़काऊ सामग्री प्रसारित कर सार्वजनिक उपद्रव व अफवाहें फैलाने का आरोप है. इस संबंध में बीएनएस की धारा 336(4), 353(1) (सी), 356 और 340(2) के तहत एफआईआर और आईटी एक्ट में अभियोग पंजीकृत कर दिया गया है." अधिकारियों ने बताया कि यह एफआईआर स्पेशल सेल पुलिस थाने में दर्ज की गई है.
भारत के खिलाफ भ्रामक और भड़काऊ सामग्री शेयर करने का आरोप
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इससे पहले, विदेश मंत्रालय (एमईए) की फैक्ट-चेक यूनिट ने रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के कथित वीडियो के संबंध में बयान दिया और इसे फर्जी बताया. शेयर किए गए डॉक्टर्ड वीडियो में रूसी विदेश मंत्री भारत के अंदरूनी मामलों और तेल खरीद पर आलोचना करते हुए दिख रहे थे.
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प्रशांत भूषण की ओर से शेयर किए गए वीडियो के तथ्यों को रूसी दूतावास ने भी खारिज किया था. इसके बाद भारतीय विदेश मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान जारी किया, जिसमें कहा गया कि क्लिप पूरी तरह से मनगढ़ंत थी. एमईए ने एक पोस्ट में लिखा, "फेक अलर्ट! इस पोस्ट में इस्तेमाल किया जा रहा रूसी विदेश मंत्री का वीडियो फर्जी है!