Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...

'भोले-भाले लोगों को ठगने की दुकानें...', हरियाणवी सेंसेशन मासूम शर्मा ने साधा डेरों पर निशाना, किसकी ओर इशारा?

मशहूर हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा ने चल रहे 'डेरों' के धार्मिक पाखंड और खुद को भगवान बताने वाले बाबाओं को घेरा और कहा कि ये भोले-भाले लोगों को ठगने के लिए दुकानें चला रहे हैं. अब सवाल उठ रहा है कि क्या उनका इशारा राम रहीम जैसे कथित बाबाओं के पर था?

Image Source: FB/ Masoom Sharma/ IANS
Loading Ad...

सोशल मीडिया सेंसेशन और हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा ने बिना नाम लिए डेराओं, पाखंडी बाबओं पर तीखा हमला बोला है. मासूम ने बड़ी हिम्मत दिखाते हुए इनके कथित पाखंड को लेकर मोर्चा खोल दिया है. ऐसा करना आसान नहीं है, क्योंकि हरियाणा-पंजाब में इन्हें कई लोग भगवान तक मानते हैं और इनकी काफी फॉलोइंग है. इसलिए तो जेल जाने, इतने विवाद सामने आने के बाद इनके समर्थक मानने को तैयार नहीं हैं कि इन्होंने कुछ गलत नहीं किया है. ऐसे में लोग इसे रेप और कई मामलों के दोषी गुरमीत राम रहीम से जोड़ रहे हैं, जेल की सजा काट रहा है और कई बार पैरोल भी मिली है. हालांकि मासूम ने अपने बयान में किसी भी बाबा या डेरा का नाम नहीं लिया है.

मासूम शर्मा ने डेराओं पर साधा निशाना!

आपको बता दें कि मासूम शर्मा ने बुधवार को करनाल में आयोजित आर्य समाज सम्मेलन में हिस्सा लिया. इस दौरान आर्य सभा केंद्र में उन्हें सम्मानित किया गया. कार्यक्रम के दौरान उन्होंने धार्मिक पाखंड और खुद को भगवान बताकर लोगों को प्रभावित करने वाले बाबाओं के खिलाफ आवाज उठाई. उन्होंने युवाओं और समाज के लोगों से ऐसे मामलों में जागरूकता फैलाने और पाखंडवाद के खिलाफ अभियान में सहयोग करने की अपील की. 

Loading Ad...

मासूम शर्मा ने कहा कि आर्य समाज शुरुआत से ही समाज को जागरूक करने का काम करता आया है. आर्य समाज और ऋषि दयानन्द सरस्वती जी ने शुरू से ही पाखंड और गलत प्रथाओं का विरोध करते हुए लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया. आज भी यह काम जारी है, इसलिए सभी युवाओं की जिम्मेदारी बनती है कि वे पाखंड के खिलाफ चल रही मुहिम में अपना योगदान दें. पाखंडवाद के खिलाफ विरोध और जागरूकता दोनों बढ़नी चाहिए. इस बारे में एक बैठक हुई है और सभी लोगों को इसमें अपना योगदान देना चाहिए.

Loading Ad...

क्या मासूम शर्मा का राम रहीम और की ओर था इशारा?

Loading Ad...

उन्होंने कहा कि भोले-भाले लोगों को ठगने के लिए नए-नए तरीके और नए-नए डेरों के नाम पर 'दुकानें' शुरू की जा रही हैं. लोगों से कहा जाता है कि किसी व्यक्ति को भगवान मान लें और बाकी सब चीजों, यहां तक कि माता-पिता को भी पीछे छोड़ दें. ऐसी प्रवृत्तियों के खिलाफ पूरे समाज और युवाओं को जागने की जरूरत है. उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे लोगों को जागरूक करने में अपनी भूमिका निभाएं.

ये भी पढ़ें: 'स्टार वही है जो रोशनी फैलाए...', नेशनल अवॉर्ड मंच से राष्ट्रपति मुर्मु ने फिल्मी सितारों को दी बड़ी नसीहत

क्या राजनीति में आएं मासूम शर्मा?

Loading Ad...

राजनीति में आने के सवाल पर मासूम शर्मा ने कहा कि फिलहाल राजनीति में आने की कोई इच्छा नहीं है. परमात्मा की दया से अपना काम बढ़िया चल रहा है. समाज का काम राजनीति में आकर भी किया जा सकता है और राजनीति से बाहर रहकर भी. राजनीति में आने के बाद आप अपने विचारों को उस तरह से प्रस्तुत नहीं कर पाते, जिस तरह इंडिविडुअली रहकर कर सकते हैं.

ये भी पढ़ें: देवोलीना ने PM मोदी के 'सेवा संकल्प अभियान' पर उठाए सवाल, भड़क गए लोग, लगा दी लताड़

यह भी पढ़ें

वहीं, नौजवानों से अपील करते हुए उन्होंने आगे कहा कि सभी को एक होकर इस पाखंडवाद के खिलाफ लड़ना चाहिए. मैं सभी नौजवानों से अपील करूंगा कि किताबें बांटें और जहां पाखंड दिखे वहां जूते मारो. जगह-जगह पाखंडियों के होर्डिंग-पोस्टर लगे हैं. प्रशासन को इस पर संज्ञान लेना चाहिए. ये होर्डिंग बोर्ड हमारी टैक्स की कमाई से लगे हैं, गरीब आदमी माचिस भी खरीदता है तो उस पर भी टैक्स देता है. इन बोर्डों पर पाखंडियों का कब्जा प्रशासन ने करवा रखा है, जो बहुत गलत और निंदनीय है.

LIVE
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...