Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...

1 सितंबर का पंचांग: गणेश-हनुमान जी की पूजा करना विशेष फलदाई, एस्ट्रोलॉजर करण शर्मा से जानें शुभ मुहूर्त से लेकर राहुकाल और दिशाशूल तक समय

1 सितंबर 2026 को भाद्रपद कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि सुबह 7:42 बजे तक रहेगी, इसके बाद पंचमी शुरू होगी. मंगलवार होने से गणेश जी के साथ हनुमान जी की पूजा का विशेष महत्व रहेगा. इस दिन सूर्योदय 6:12 बजे और सूर्यास्त 6:40 बजे होगा.

Image Source: IANS
Loading Ad...

हिंदू धर्म में पंचांग का काफी महत्व होता है. कोई शुभ काम, यात्रा, निवेश या पूजा-पाठ करने से पहले पंचांग जरूर देखा जाता है. पंचांग हिंदू काल-गणना पद्धति है जो सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर आधारित है. 

1 सितंबर 2026 (मंगलवार) को भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि सुबह 7:42 बजे तक रहेगी. इसके बाद पंचमी तिथि शुरू हो जाएगी. चतुर्थी तिथि विघ्नहर्ता गणेशजी को समर्पित होती है, जिनकी पूजा से सभी बाधाएं दूर होती हैं। मंगलवार का दिन होने के कारण हनुमान जी की उपासना भी इस दिन विशेष फलदायी रहेगी. मंगलवार को सुबह 6:12 बजे सूर्योदय और शाम 6:40 बजे सूर्यास्त होगा. वहीं, रात 9:14 बजे चंद्रोदय और अगले दिन सुबह 10:50 बजे चंद्रास्त होगा. पंचांग के अनुसार, 1 सितंबर 2026 को सूर्य पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में रहेगा, जबकि चंद्रमा अश्विनी नक्षत्र में रहेगा. 

वृद्धि योग और अभिजित मुहूर्त का समय

Loading Ad...

मंगलवार को हर्षण योग नहीं रहेगा, बल्कि इस दिन (रात 11:37 बजे) तक वृद्धि योग है. इसके बाद ध्रुव योग रहेगा. अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:02 बजे से 12:51 बजे तक रहेगा. यह दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है. अमृत काल रात 7:42 से रात 9:16 बजे तक रहेगा.

Loading Ad...

यह भी पढ़े: कब है श्रीकृष्ण जन्माष्टमी? 4 सितंबर को बनेगा रोहिणी नक्षत्र का संयोग, जानें पूजा का शुभ समय

राहुकाल और दिशाशूल का रखें ध्यान

Loading Ad...

वहीं, राहुकाल सुबह 3:33 बजे से 5:07 बजे और गुलिक काल दोपहर 12:26 से 2:00 बजे तक रहेगा. इसके अलावा, यमगंड काल सुबह 9:19 से दोपहर 10:53 बजे तक रहेगा। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, इस समय में नए कार्य शुरू करने से बचना चाहिए, क्योंकि इन्हें अशुभ समय माना जाता है. मंगलवार को इस दिन सूर्य सिंह राशि में स्थित रहेगा, जबकि चंद्रमा मेष राशि में स्थित रहेगा. उत्तर दिशा में दिशाशूल रहेगा. ज्योतिष और वास्तु के मुताबिक, इस दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए. यदि यात्रा करना अनिवार्य हो, तो कुछ विशेष ज्योतिषीय उपायों को अपनाकर प्रस्थान किया जा सकता है.

यह भी पढ़ें

बहरहाल, 1 सितंबर का दिन धार्मिक दृष्टि से विशेष माना जा रहा है. गणेश जी और हनुमान जी की आराधना के साथ शुभ मुहूर्त और अशुभ समय का ध्यान रखकर दिन की शुरुआत की जा सकती है. हालांकि, किसी भी धार्मिक या ज्योतिषीय निर्णय के लिए स्थानीय पंचांग और विशेषज्ञ की सलाह को प्राथमिकता देना उचित रहेगा.

अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...