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पुरुषोत्तम मास की एकादशी 26 मई को, पूरे दिन रहेगा रवि योग; जानें शुभ मुहूर्त और व्रत का महत्व
मंगलवार के शुभ मुहूर्त की बात करें तो ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 3 मिनट से 4 बजकर 44 मिनट तक, प्रातः संध्या: सुबह 4 बजकर 24 मिनट से 5 बजकर 25 मिनट तक, अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 51 मिनट से दोपहर 12 बजकर 46 मिनट तक
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नारायण को प्रिय पुरुषोत्तम मास का ग्यारहवां दिन 26 मई (मंगलवार) को है. इस दिन ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि पड़ रही है, जिस वजह से यह दिन और भी विशेष बन गया है. पुरुषोत्तम मास की एकादशी पर अभिजीत मुहूर्त, विजय मुहूर्त और पूरे दिन रवि योग का संयोग मिल रहा है.
यह दिन भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना के लिए बेहद शुभ माना जाता है. पुरुषोत्तम मास की एकादशी तिथि व्रत, जप, ध्यान और दान के लिए अत्यंत उत्तम है. मान्यता है कि इस मास में किए गए पुण्य का लाख गुना फल मिलता है. मंगलवार को सूर्योदय 5 बजकर 25 मिनट सुबह होगा, जबकि सूर्यास्त शाम 7 बजकर 11 मिनट पर होगा. चंद्रोदय दोपहर 2 बजकर 55 मिनट पर और चंद्रास्त 27 मई की देर रात 2 बजकर 32 मिनट पर होगा.
सूर्योदय और चंद्रोदय का समय
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26 मई को तिथि एकादशी पूर्ण रात्रि तक रहेगी. नक्षत्र हस्त पूर्ण रात्रि तक रहेगा. योग सिद्धि पूरे दिन के साथ अगले दिन यानी 27 मई की सुबह 3 बजकर 11 मिनट तक रहेगा. करण वणिज शाम 5 बजकर 42 मिनट तक रहेगा.
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तिथि, नक्षत्र और योग
मंगलवार के शुभ मुहूर्त की बात करें तो ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 3 मिनट से 4 बजकर 44 मिनट तक, प्रातः संध्या: सुबह 4 बजकर 24 मिनट से 5 बजकर 25 मिनट तक, अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 51 मिनट से दोपहर 12 बजकर 46 मिनट तक
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विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 36 मिनट से 3 बजकर 31 मिनट तक और गोधूलि मुहूर्त शाम 7 बजकर 10 मिनट से 7 बजकर 30 मिनट तक रहेगा.
26 मई के प्रमुख शुभ मुहूर्त
वहीं, अमृत काल रात 11 बजकर 29 मिनट से अगले दिन 27 मई की दोपहर 1 बजकर 13 मिनट तक रहेगा और निशिता मुहूर्त रात 11 बजकर 58 मिनट से 12 बजकर 39 मिनट तक रहेगा. मंगलवार को पूरे दिन रवि योग रहेगा, जो कार्यों को सफल बनाने वाला माना जाता है. अभिजीत और विजय मुहूर्त के साथ यह योग और भी विशेष है.
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एकादशी व्रत का धार्मिक महत्व
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अशुभ समय की बात करें तो राहुकाल दोपहर 3 बजकर 45 मिनट से शाम 5 बजकर 28 मिनट तक, यमगंड सुबह 8 बजकर 52 मिनट से 10 बजकर 35 मिनट तक, गुलिक काल दोपहर 12 बजकर 18 मिनट से 2 बजकर 2 मिनट तक रहेगा. वहीं, दुर्मुहूर्त सुबह 8 बजकर 11 मिनट से 9 बजकर 6 मिनट तक और विडाल योग पूरे दिन प्रभावी रहेगा. भद्रा मंगलवर की शाम 5 बजकर 42 मिनट से 27 मई की सुबह 5 बजकर 25 मिनट तक रहेगी.