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दिवाली से पहले घर की इन 4 जगहों पर लगाएं शीशा, वास्तु के अनुसार बढ़ सकती है सुख-समृद्धि

Diwali Vastu Tips 2026: दिवाली 2026 (8 नवंबर) से पहले घर की साफ-सफाई और सजावट के साथ वास्तु नियमों का भी ध्यान रखें. वास्तु मान्यताओं के अनुसार, घर की 4 खास जगहों पर शीशा लगाने से सकारात्मक ऊर्जा, सुख-समृद्धि और आर्थिक खुशहाली बनी रह सकती है. जानें शीशा लगाने की शुभ दिशाएं और जरूरी नियम.

दिवाली से पहले घर की इन 4 जगहों पर लगाएं शीशा, वास्तु के अनुसार बढ़ सकती है सुख-समृद्धि
Image Source: IANS
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Diwali Vastu Tips 2026: दिवाली का त्योहार नजदीक आते ही घरों में साफ-सफाई और सजावट की तैयारियां शुरू हो जाती हैं. हर कोई चाहता है कि इस खास मौके पर उसके घर में खुशहाली आए और मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहे. इस साल दिवाली 8 नवंबर 2026, रविवार को मनाई जाएगी. इस दिन माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा का विशेष महत्व है. पंचांग के अनुसार, लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त शाम 5:54 बजे से 7:50 बजे तक रहेगा, जबकि निशिता काल में पूजा रात 11:39 बजे से 12:31 बजे तक की जा सकेगी.

दिवाली की तैयारियों के बीच लोग घर की साज-सज्जा के लिए कई नई चीजें खरीदते हैं. इन्हीं में से एक है शीशा, जिसे वास्तु शास्त्र में केवल सजावट की वस्तु नहीं, बल्कि ऊर्जा के संतुलन से जोड़कर देखा जाता है. वास्तु मान्यताओं के अनुसार, घर में सही दिशा और स्थान पर दर्पण लगाने से सकारात्मकता बनी रह सकती है. कुछ खास जगहों पर शीशा लगाना धन और सुख-समृद्धि के लिहाज से भी शुभ माना जाता है. आइए जानते हैं कि दिवाली से पहले घर की किन 4 जगहों पर शीशा लगाना बेहतर माना जाता है.

 उत्तर दिशा की दीवार पर लगाएं शीशा

वास्तु शास्त्र में उत्तर दिशा को धन के देवता कुबेर की दिशा माना गया है. यही वजह है कि घर में इस दिशा को आर्थिक उन्नति और समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है. वास्तु मान्यता के अनुसार, उत्तर दिशा की दीवार पर शीशा लगाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहता है. माना जाता है कि इससे आर्थिक तरक्की के नए अवसर बन सकते हैं. अगर आप दिवाली से पहले घर को नया रूप देने की तैयारी कर रहे हैं, तो उत्तर दिशा की दीवार पर एक साफ और सुंदर दर्पण लगाने पर विचार कर सकते हैं.

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पूर्व दिशा में शीशा लगाना माना जाता है शुभ

पूर्व दिशा का संबंध सूर्य से माना जाता है. सूर्य को ऊर्जा, प्रकाश और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है. वास्तु शास्त्र के अनुसार, पूर्व दिशा की दीवार पर शीशा लगाने से घर का वातावरण सकारात्मक बना रह सकता है. मान्यता है कि इससे परिवार के सदस्यों के बीच आपसी तालमेल और सुख-शांति बढ़ती है. दिवाली की सजावट के दौरान इस दिशा में दर्पण लगाने से घर की सुंदरता भी बढ़ाई जा सकती है.

मुख्य दरवाजे के पास लगाएं दर्पण

घर का मुख्य दरवाजा सिर्फ आने-जाने का रास्ता नहीं होता, बल्कि वास्तु में इसे घर का महत्वपूर्ण हिस्सा माना गया है. मान्यता है कि इसी रास्ते से घर में सकारात्मक ऊर्जा प्रवेश करती है. ऐसे में मुख्य दरवाजे के पास अंदर की तरफ उत्तर या पूर्व दिशा की दीवार पर शीशा लगाया जा सकता है. हालांकि, यहां एक जरूरी बात का ध्यान रखना चाहिए. दर्पण को मुख्य दरवाजे के ठीक सामने लगाने से बचें. वास्तु मान्यताओं के अनुसार, ऐसा करने से घर में प्रवेश करने वाली सकारात्मक ऊर्जा वापस लौट सकती है. इसलिए शीशे की जगह तय करते समय उसकी दिशा और स्थिति दोनों पर ध्यान दें.

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तिजोरी के सामने लगाएं शीशा

अगर आप चाहते हैं कि घर की सजावट के साथ धन रखने वाली जगह भी वास्तु के अनुरूप हो, तो तिजोरी के सामने शीशा लगाने का विकल्प चुन सकते हैं. वास्तु शास्त्र में इसे शुभ माना गया है. इसके लिए दर्पण को इस तरह लगाना चाहिए कि उसमें तिजोरी या धन रखने वाली अलमारी का प्रतिबिंब साफ दिखाई दे. मान्यता है कि शीशे में धन का प्रतिबिंब दिखने से बरकत बढ़ती है और आर्थिक समृद्धि आती है. हालांकि, तिजोरी की सुरक्षा और उसकी उपयोगिता से समझौता किए बिना ही शीशे की जगह तय करें.

शीशा लगाते समय इन 4 गलतियों से बचें

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घर में दर्पण लगाना जितना जरूरी माना जाता है, उतना ही उसकी सही स्थिति का ध्यान रखना भी महत्वपूर्ण है. वास्तु के अनुसार, कुछ बातों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.

  • टूटा या धुंधला शीशा हटाएं- घर में चटका हुआ, टूटा या धुंधला दर्पण नहीं रखना चाहिए. दिवाली की सफाई के दौरान ऐसे शीशों को बदल देना बेहतर है.
  • बेडरूम में रखें खास ध्यान- शयनकक्ष में शीशा इस तरह लगाएं कि बिस्तर पर सोते हुए व्यक्ति का प्रतिबिंब उसमें दिखाई न दे. वास्तु में इसे उचित नहीं माना जाता.
  • दक्षिण और पश्चिम दिशा से बचें- वास्तु मान्यताओं के अनुसार, दक्षिण, दक्षिण-पश्चिम और पश्चिम दिशा में दर्पण लगाने से बचना चाहिए. माना जाता है कि इससे घर की ऊर्जा का संतुलन प्रभावित हो सकता है.
  • शीशे की सफाई नियमित करें- दर्पण पर धूल, दाग और गंदगी जमा न होने दें. साफ शीशा न केवल घर को आकर्षक बनाता है, बल्कि रोजमर्रा में भी बेहतर अनुभव देता है.

दिवाली पर सजावट के साथ रखें इन बातों का ध्यान

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दिवाली का असली आनंद अपनों के साथ खुशियां बांटने और घर में सकारात्मक माहौल बनाने में है. वास्तु शास्त्र की ये बातें पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित हैं, इनके प्रभाव का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है. इसलिए इन्हें आस्था और घर की सजावट से जुड़े सुझावों के रूप में ही देखना चाहिए. इस दिवाली घर की साफ-सफाई के साथ सही जगह पर शीशा लगाएं और रोशनी, खुशियों तथा अपनों के साथ त्योहार का स्वागत करें.

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