24 सितंबर 2026 का पंचांग: त्रयोदशी तिथि, शतभिषा नक्षत्र और गुरुवार का विशेष संयोग, जानें शुभ-अशुभ समय
धार्मिक दृष्टि से देखें तो शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को पूजा-पाठ और भगवान की उपासना के लिए शुभ माना जाता है. चूंकि 24 सितंबर को गुरुवार है, इसलिए भगवान विष्णु और गुरु की पूजा करना विशेष महत्व रखता है.
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हर दिन का पंचांग अपने आप में खास होता है.इसमें तिथि, वार, नक्षत्र, योग, करण और शुभ-अशुभ समय जैसी कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिलती हैं.24 सितंबर 2026, गुरुवार का दिन भी धार्मिक और ज्योतिषीय नजरिए से खास माना जा रहा है.
24 सितंबर 2026 का पंचांग
इस दिन भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि रहेगी, जो रात 11:19 बजे तक रहने वाली है.गुरुवार होने की वजह से भगवान विष्णु और बृहस्पति देव की पूजा का भी विशेष महत्व रहेगा.ऐसे में पूजा-पाठ, दान और आध्यात्मिक गतिविधियों के लिए यह दिन अनुकूल माना जा सकता है.
24 सितंबर के शुभ मुहूर्त
दिन की शुरुआत बुधवार सुबह 5:48 बजे सूर्योदय के साथ होगी जबकि सूर्यास्त शाम 5:53 बजे होगा.चंद्रोदय शाम 4:28 बजे और चंद्रास्त अगले दिन तड़के 3:20 बजे होगा.
24 सितंबर का राहुकाल और अशुभ समय
अब बात करें शुभ और अशुभ समय की तो 24 सितंबर को अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:27 बजे से दोपहर 12:15 बजे तक रहेगा.हालांकि किसी भी शुभ कार्य के लिए स्थानीय पंचांग के अनुसार समय का मिलान करना बेहतर रहता है.वहीं राहुकाल दोपहर 1:21 बजे से 2:52 बजे तक रहेगा.गुलिक काल सुबह 8:49 बजे से 10:20 बजे तक और यमघण्ट काल सुबह 5:48 बजे से 7:19 बजे तक रहेगा.मान्यता के अनुसार राहुकाल और अन्य अशुभ समय में नए शुभ कार्य शुरू करने से बचना चाहिए.
24 सितंबर को धनिष्ठा नक्षत्र का प्रभाव सुबह 10:36 बजे तक रहेगा.इसके बाद शतभिषा नक्षत्र शुरू होगा.वहीं, धृति योग दोपहर 3:55 बजे तक रहेगा.ज्योतिषीय मान्यताओं में धृति योग को स्थिरता, धैर्य और दृढ़ता से जोड़कर देखा जाता है.ऐसे में इस दौरान मन को शांत रखते हुए महत्वपूर्ण और सकारात्मक कार्यों पर ध्यान देना अच्छा माना जाता है।
पंचांग के अनुसार इस दिन करण में कौलव का प्रभाव सुबह 11:06 बजे तक रहेगा.दिन के अन्य विवरणों की बात करें तो सूर्य कन्या राशि में और चंद्रमा कुंभ राशि में रहेंगे.इस दिन दिशाशूल दक्षिण दिशा में बताया गया है, इसलिए मान्यता के अनुसार दक्षिण दिशा की यात्रा करते समय विशेष सावधानी रखी जाती है.
गुरुवार को भगवान विष्णु और गुरु की पूजा
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धार्मिक दृष्टि से देखें तो शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को पूजा-पाठ और भगवान की उपासना के लिए शुभ माना जाता है. चूंकि 24 सितंबर को गुरुवार है, इसलिए भगवान विष्णु और गुरु की पूजा करना विशेष महत्व रखता है.श्रद्धालु इस दिन पीले वस्त्र या पीले फूल अर्पित कर सकते हैं, जरूरतमंदों को दान दे सकते हैं और अपनी श्रद्धा के अनुसार विष्णु मंत्र का जाप कर सकते हैं.धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गुरुवार को गुरुजनों का सम्मान और जरूरतमंदों की सहायता करना भी शुभ माना जाता है.