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धार से लंदन तक… आखिर कौन हैं वाग्देवी और ब्रिटिश म्यूजियम में कैसे पहुंची इनकी प्रतिमा? जानिए भोजशाला से जुड़ा 117 साल पुराना इतिहास

भोजशाला विवाद को लेकर हाईकोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद अब हिंदू पक्ष ने लंदन में रखी वाग्देवी की मूल प्रतिमा को भारत वापस लाने की मांग तेज कर दी है. जानिए आखिर लंदन कैसे पहुंच गई वाग्देवी की प्रतिमा.

धार से लंदन तक… आखिर कौन हैं वाग्देवी और ब्रिटिश म्यूजियम में कैसे पहुंची इनकी प्रतिमा? जानिए भोजशाला से जुड़ा 117 साल पुराना इतिहास
Image Source: IANS
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मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने धार स्थित भोजशाला पर बड़ा फैसला सुनाते हुए परिसर को मंदिर करार दिया है. शुक्रवार को जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की बेंच ने उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें मुसलमानों को भोजशाला परिसर पर नमाज की इजाजत दी गई थी.

हिंदू पक्ष की बड़ी जीत

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने भोजशाला परिसर को मां वाग्देवी (सरस्वती) का प्राचीन मंदिर माना. इसके साथ ही, अदालत ने हिंदू पक्ष के दावे को स्वीकार किया. कोर्ट ने कहा कि इस इमारत का धार्मिक स्वरूप एक मंदिर का है और मुसलमान मस्जिद के लिए किसी दूसरी जगह जमीन के लिए अर्जी दे सकते हैं. 

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कोर्ट ने अपने फैसले में क्या कहा?

कोर्ट ने अपने फैसले में कहा, "भोजशाला परिसर और कमल मौला मस्जिद का विवादित इलाका एक संरक्षित स्मारक माना गया है. भोजशाला परिसर और कमल मौला मस्जिद के विवादित इलाके का धार्मिक स्वरूप भोजशाला का है, जिसमें देवी सरस्वती का मंदिर है”. अब सवाल उठता है कि वाग्देवी कौन हैं, जिनके मंदिर को लेकर विवाद खड़ा हुआ? 

कौन हैं वाग्देवी?

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दरअसल, ये माता सरस्वती का ही एक स्वरूप हैं. वाग्देवी को ज्ञान, वाणी, बुद्धि, कला, साहित्य और संगीत की अधिष्ठात्री देवी कहा जाता है. वेदों के मुताबिक, वाग्देवी के शब्द का अर्थ कुछ इस तरह से है-‘वाक्’ का मतलब ‘वाणी’ और ‘देवी’ का अर्थ तो हर कोई जानता है. इस तरह से वाग्देवी को ‘वाणी की देवी’ की संज्ञा दी गई है और ब्रह्मस्वरूपा माना गया है. इसके अलावा वाग्देवी को विद्या की देवी और कामधेनु के स्वरूप में भी पूजा जाता है. 

लंदन कैसे पहुंच गई वाग्देवी की मूल प्रतिमा?

जानकारी के अनुसार, मां वाग्देवी की मूल प्रतिमा ब्रिटिश शासनकाल में धार से लंदन ले जाई गई थी. बताया जाता है कि खुदाई के दौरान मिली इस प्रतिमा को बाद में ब्रिटिश अधिकारियों ने म्यूजियम रखवा दिया. तब से यह ब्रिटिश म्यूजियम में ही है. 

क्या भारत सरकार वापिस लाएगी वाग्देवी की प्रतिमा?

हाईकोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद अब हिंदू पक्ष ने लंदन में रखी वाग्देवी की मूल प्रतिमा को भारत वापस लाने की मांग तेज कर दी है. हालांकि विदेशों में मौजूद भारतीय धरोहरों को वापस लाने के लिए भारत सरकार पहले भी कई स्तरों पर पहल कर चुकी है. ऐसे में अब वाग्देवी की प्रतिमा को वापस लाने के लिए भारत सरकार द्वारा कोई कदम उठाए जाने की उम्मीद है.

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