सरकारी गाड़ियों को स्क्रैप करने के नियमों में बदलाव की तैयारी, जारी हुआ ड्राफ्ट नोटिफिकेशन
Government Vehicles Scrap: सड़क परिवहन और राजमार्ग मत्रालय ने 30 सितंबर 2026 को एक नया ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया है. इसमें सरकारी गाड़ियो की स्क्रैपिंग से जुड़े मौजूदा नियमों में बदलाव का प्रस्ताव रखा गया है.
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Government Vehicles Scrap: भारत सरकार पुरानी और कबाड़ हो चुकी गाड़ियों को सड़को से हटाने के लिए व्हीकल स्क्रैपिंग पॉलिसी को बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रही है. इसी कड़ी में सड़क परिवहन और राजमार्ग मत्रालय ने 30 सितंबर 2026 को एक नया ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया है. इसमें सरकारी गाड़ियो की स्क्रैपिंग से जुड़े मौजूदा नियमों में बदलाव का प्रस्ताव रखा गया है. सरकार का मकसद गाड़ियों को स्क्रैप करने की प्रक्रिया को आसान और व्यवस्थित बनाना है. हालांकि, फिलहाल यह सिर्फ एक प्रस्ताव है और इसे अभी अंतिम मंजूरी मिलना बाकी ह...
क्या है सरकार का नया प्रस्ताव?
मंत्रालय की ओर से जारी ड्राफ्ट का नाम Motor Vehicles (Registration and Functions of Vehicle Scrapping Facility) Amendment Rules, 2026 है. इसके तहत साल 2021 में बनाए गए वाहन स्क्रैपिंग फैसिलिटी से जुड़े नियमों में संशोधन करने की बात कही गई है. इस प्रस्ताव में नियम 10 के उप-नियम (1) के खंड (xiii) से 'Government-owned vehicle or' शब्द हटाने का सुझाव दिया गया है. सरकार मौजूदा नियमों में सरकारी वाहनों से जुड़े इस विशेष उल्लेख को हटाना चाहती है;.. इससे संबंधित नियमों की भाषा और स्क्रैपिंग प्रक्रिया में बदलाव हो सकता है.
आम लोगों और सरकारी गाड़ियों पर क्या होगा असर?
व्हीकल स्क्रैपिंग पॉलिसी का मकसद पुरानी और अनुपयोगी गाड़ियों को व्यवस्थित तरीके से हटाना और उनके सुरक्षित निपटान को बढ़ावा देना है. सरकार के नए ड्राफ्ट में सरकारी गाड़ियों से जुड़े नियमों के एक हिस्से को बदलने का प्रस्ताव है. हालांकि, इस बदलाव से सरकारी और निजी गाड़ियों की स्क्रैपिंग प्रक्रिया पूरी तरह एक जैसी हो जाएगी या आम वाहन मालिकों को कोई सीधा फायदा मिलेगा, यह कहना अभी जल्दबाजी होगी. इसके लिए अंतिम नियमों और उनके लागू होने के बाद की स्थिति को देखना जरूरी होगा.
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अभी लागू नहीं हुआ है नया नियम
ध्यान देने वाली बात यह है कि सरकार ने फिलहाल इस बदलाव का ड्राफ्ट जारी किया है. यानी यह अभी अंतिम नियम नहीं बना है. मंत्रालय ने इस प्रस्ताव पर आम लोगों से सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं. नोटिफिकेशन के आधिकारिक गजट में प्रकाशित होने के बाद 30 दिनों के भीतर लोग अपनी राय भेज सकते हैं.
इसके बाद मंत्रालय को मिलने वाले सुझावों और आपत्तियों की समीक्षा की जाएगी.जरूरत के अनुसार बदलाव करने के बाद सरकार नियमों को अंतिम रूप दे सकती है. इसलिए वाहन मालिकों को फिलहाल इसे लागू हो चुका नियम नहीं समझना चाहिए.
कहां और कैसे भेज सकते हैं सुझाव?
अगर किसी व्यक्ति, संगठन या संबंधित पक्ष को इस प्रस्ताव पर अपनी राय देनी है, तो वह ईमेल या डाक के जरिए मंत्रालय तक अपनी बात पहुंचा सकता है.
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ईमेल: comments-morth@gov.in
डाक का पता: अपर सचिव (परिवहन), सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, परिवहन भवन, संसद मार्ग, नई दिल्ली-110001...
कुल मिलाकर, सरकार का यह कदम वाहन स्क्रैपिंग से जुड़े नियमों में बदलाव की प्रक्रिया का हिस्सा है. अब इस प्रस्ताव पर मिलने वाले सुझावों के बाद ही साफ होगा कि अंतिम नियमों में क्या बदलाव किए जाते हैं और उनका वास्तविक असर क्या होगा..